MP News : पुस्तक मेले में हो रही सिर्फ ब्रांडिंग, निजी स्कूलों की मनमर्जी नहीं रोक पा रहा प्रशासन

Neel Tiwari | Mar 27, 2025, 15:51 IST
Share
JABLPUR HINDI NEWS
JABLPUR HINDI NEWS

मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रशासन द्वारा आयोजित पुस्तक मेला सरकारी जमीन पर शुरू किया गया था, लेकिन इस आयोजन के दौरान शिक्षा माफिया की गड़बड़ी सामने आई है।

जबलपुर में सरकारी जमीन पर और प्रशासन के आदेश के बाद शुरू हुए पुस्तक मेले में भी जिम्मेदारों की नाक के नीचे शिक्षा माफिया गड़बड़ी कर रहा है। प्रशासन की ओर से आयोजित किए गए पुस्तक मेले ने ही इस पूरे मामले की पोल खोल कर रख दी है। प्रशासन के द्वारा किया गया इतना बड़ा आयोजन असफल होते नजर आ रहा है जहां एक और निजी पुस्तक विक्रेताओं और स्कूलों की मोनोपोली तोड़ने के लिए आयोजित पुस्तक मेले में यह साफ नजर आ रहा है कि स्कूलों की किताब सिर्फ गिनी चुनी विशेष दुकानों पर ही मिल रही है।

खास दुकानों की मोनोपाली खत्म करने के लिए आयोजित मेला

जबलपुर प्रशासन के द्वारा जहां एक और निजी स्कूलों की मनमाने रवैए और अवैध फीस वसूली के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है वहीं पर दूसरी ओर सभी बच्चों को रियायती दरों पर स्कूली किताबों, बैग और यूनिफॉर्म संबंधी सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए पुस्तक मिले का आयोजन किया गया है। जिसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि निजी पुस्तक विक्रेताओं और शिक्षा माफिया की बीच की मोनोपोली को तोड़ा जा सके। साथ ही जो बच्चे अधिक कीमत पर इन किताबों को नहीं खरीद सकते उनके लिए पुरानी किताबों की व्यवस्था न्यूनतम दरों खरीदने के लिए प्रशासन की ओर से पुस्तक मिले का आयोजन किया गया। इसके अलावा ऑनलाइन किताबों और एनसीईआरटी की किताबों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

अभिभावकों ने बताई पुस्तक मेले की स्थिति

जबलपुर में आयोजित इस पुस्तक मेले में जब द सूत्र की टीम के द्वारा जब मुआयना किया गया तब मेले में आए बच्चों के अभिभावकों ने सारी सच्चाई मीडिया के सामने खोल कर रख दी उन्होंने बताया कि इस मेले में 7 से 8 ऐसे निजी स्कूल है जिनकी किताबें मिल ही नहीं रही है। इसका कारण यह है कि उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों को लागू ही नहीं किया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जहां बाजार में किताबों पर 15 प्रतिशत तक डिस्काउंट मिलता है लेकिन यहां पर 10 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा जरूरत की किताबें भी मौजूद नहीं है। रीना सक्सेना ने बताया कि किताबों के अलावा यहां पर जरूरत की कॉपी भी मौजूद नहीं है। उन्होंने इस पूरे आयोजन को फेल करार दिया है। इसके अलावा अनिल मिश्रा ने भी बताया है कि एनसीईआरटी के अलावा यहां पर प्राइवेट किताब नहीं मिल रही हैं।

ये भी खबर पढ़ें... व्यापम घोटाला, शिक्षक भर्ती समेत कई मामलों पर जबलपुर हाईकोर्ट में आज सुनवाई

हेल्प डेस्क पर दर्ज सुझावों से सामने आई हकीकत

प्रशासन के द्वारा इस मेले में एक हेल्प डेस्क काउंटर को भी रखा गया था जिसमें अभिभावकों से सुझाव मांगे गए है। इन सुझावों में अभिभावकों के द्वारा मेले में उन निजी स्कूलों के बारे में लिखा गया जिनकी किताबें मेले से नदारत नजर आई। साथ ही जो स्कूलों की किताबें नहीं मिल रही हैं उन्हें ऑर्डर करने के लिए एक वेबसाइट के जरिए बुक किया जा रहा है और आश्वासन दिया जा रहा है कि यहां पर पुस्तक मेले से भी सस्ती मिलेगी। इसमें गौर करने वाली बात यह है कि इस कंपनी का डायरेक्टर भी भोपाल का एक निजी स्कूल मालिक है। शहर की कुछ प्रमुख निजी स्कूलों जिनमें सेंट ग्रेवियल, जॉय किड्स केयर, स्टेम फील्ड, विजडम वैली, सेंट्रल एकेडमी, सेंट फ्रांसिस, सेंट जेवियर, नर्मदा नर्सरी, निर्मल हायर सेकेंडरी, डीसी बाय पब्लिक जैसे प्रमुख स्कूलों की किताबें मेले में नहीं मिल रही है। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों ने अपने सुझावों में जबलपुर कलेक्टर से सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को लागू किए जाने की भी बात रखी है।

पेरेंट्स एसोसिएशन का फ्री बुक काउंटर

इस मेले में रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा चंदे की रसीद काटने के बाद किताबें दी जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर पुस्तक मेले में पेरेंट्स एसोसिएशन की तरफ से भी एक फ्री बुक काउंटर रखा गया है। जहां पर कुछ बच्चों के अभिभावकों के द्वारा अपने बच्चों की पुरानी किताबों को काउंटर पर दिया जा रहा है। जिससे कि जरूरतमंद बच्चे उन किताबों को फ्री ऑफ कॉस्ट लेकर अपनी पढ़ाई को बरकरार रख सके। द सूत्र की टीम ने बुक काउंटर पर बुक डोनेट करने आई चित्रा सिंह से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके बेटे का रिजल्ट आ चुका है और वह अगली क्लास में जा चुका है जिसकी वजह से उसे अब इन किताबों की जरूरत नहीं है इसलिए इन किताबों को किसी जरूरतमंद को दिया जा सकता है। इसके लिए पेरेंट्स एसोसिएशन कि यह पहल मददगार साबित होगी। उनकी सोच पर टीम के द्वारा उन्हें धन्यवाद दिया गया। फ्री बुक काउंटर से बुक लेने वाले अभिभावकों ने भी पेरेंट्स एसोसिएशन कि इस मुहिम की तारीफ करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि उन्हें फ्री ऑफ कॉस्ट किताबें मिल रही।

ये भी खबर पढ़ें... जबलपुर हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर पर लगाया जुर्माना, दिए ये आदेश

पुस्तक मेले में हो रही सिर्फ ब्रांडिंग

पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने जबलपुर में आयोजित इस पुस्तक मेले को सिर्फ ब्रांडिंग होना बताया है। उन्होंने बताया है कि मेले का मतलब बाजार से रियायत दरों पर समान का उपलब्ध होना, लेकिन यहां पर कुछ चुनिंदा दुकानदारों के द्वारा जो बाहर भी इन्हीं स्कूलों की किताब बेचते हैं उन्हीं के द्वारा मेले में भी किताबों को बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेले में मिलने वाली कॉपियों पर 50 से 60 प्रतिशत तक डिस्काउंट दिया जा रहा है लेकिन कॉपियों की गुणवत्ता कम कर दी गई है । उनकी एमआरपी बढ़ा दी गई है इसके बाद उन पर इतना डिस्काउंट दिया जा रहा है लेकिन जो कंपनी की कॉपियां है। उन पर डिस्काउंट उतना ही है जितना कि बाजारों की दुकानों में मिलता है। उन्होंने यह आरोप लगाया है कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी इन शिक्षा माफिया पर शिकंजा नहीं कस पा रहे हैं। स्कूली शिक्षा माफियाओं के खिलाफ विरोध करने वालों को बाकायदा चिन्हित करके दंडित किया जा रहा है और उन्हें खुलेआम धमकियां भी दी जा रही हैं, जो प्रशासन का मौन रवैए पर सवाल खड़े कर रहा है।
ये भी खबर पढ़ें... जबलपुर न्यूज : धान उपार्जन में गायब हुई 22 सौ मीट्रिक टन धान, 22 पर हुई FIR

इस मामले में जब प्रशासन का पक्ष जानना चाहा तो पहले अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आए । हालांकि, उसके बाद उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों को किताब संबंधी सूची जमा करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया था। कुछ स्कूलों के द्वारा सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है, ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है। इसके अलावा भी कक्षा 1 से 8 तक एनसीईआरटी रिकमेंड है कंपलसरी नहीं है लेकिन कक्षा 9 से 12 वीं तक एनसीईआरटी की पुस्तक कंपलसरी है जिन स्कूलों के द्वारा कंपलसरी पुस्तकों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है। तो निश्चित तौर पर उन पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।

thesootr links

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें

Tags:
  • MP News
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • जबलपुर न्यूज
  • MP
  • मध्य प्रदेश समाचार
  • सरकारी जमीन
  • जबलपुर प्रशासन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती