एमपी में हर महीने गायब हो रहे नाबालिग, मोबाइल फोन और मां-बाप की डांट से छोड़ रहे घर
Aman Vaishnav | Jun 24, 2026, 09:45 IST
हर महीने गायब हो रहे 33 नाबालिग
ग्वालियर में मोबाइल और सोशल मीडिया के चलते बच्चे माता-पिता से दूर हो रहे हैं। औसतन हर महीने 33 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। इस साल अब तक 190 बच्चे गायब हो चुके हैं। राजधानी भोपाल के आंकड़े भी डरा देने वाले हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- ग्वालियर में बच्चों के घर छोड़ने के मामले बढ़ रहे हैं।
- ज्यादातर बच्चे मोबाइल पर डांट पड़ने से नाराज होते हैं।
- जनवरी 2025 से 19 जून 2026 तक शहर से 571 बच्चे लापता हुए हैं।
- इनमें से 549 बच्चों को पुलिस ने ढूंढ लिया है।
- पुलिस के मुताबिक ज्यादातर मामलों की वजह मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े विवाद हैं।
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मोबाइल बना सबसे बड़ी वजह
पुलिस के आंकड़े इस बढ़ती समस्या को साफ दिखाते हैं। डेढ़ साल में औसतन हर महीने 33 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। यह आंकड़ा हर परिवार के लिए चिंता की बात है। मोबाइल और सोशल साइट्स बच्चों को परिवार से दूर ले जा रहे हैं।
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इस साल अब तक के आंकड़े
लड़कियों के लापता होने का आंकड़ा लड़कों से कहीं ज्यादा है। इसकी वजह सोशल मीडिया पर बढ़ती ऑनलाइन दोस्ती बताई जा रही है। ऑनलाइन दोस्ती बच्चों को परिवार से दूर कर रही है।
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पुलिस के अनुसार साल 2023 में 616 नाबालिग बेटियों के लापता होने पर अपहरण के मामले दर्ज हुए थे। साल 2024 में यह संख्या 721 तक पहुंच गई थी। साल 2025 में भी 631 केस दर्ज हुए थे। तीनों साल मिलाकर यह आंकड़ा 1968 तक जा पहुंचा है।
इस साल (2026) के महीनों में ही 316 मामले दर्ज हुए हैं। यह रफ्तार बताती है कि साल के अंत तक यह संख्या फिर 600 के पार जा सकती है। पुलिस के लिए यह आंकड़ा एक बार फिर अलार्म की तरह सामने आया है।
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बच्चियों को ढूंढने में पुलिस की भूमिका
हालांकि पुलिस यह भी मानती है कि कई बार बच्चियां खुद घर छोड़कर जाती हैं। इस वजह से शुरुआती जांच में देरी होती है। परिवार को सही जानकारी मिलने में वक्त लगता है।
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किस उम्र की बेटियां सबसे ज्यादा प्रभावित
यह आंकड़ा दिखाता है कि खतरा सिर्फ किशोरावस्था तक सीमित नहीं है। छोटी उम्र की बच्चियां भी इस सूची में शामिल हैं। यही वजह है कि अभिभावकों के लिए सतर्कता उम्र के हर पड़ाव पर जरूरी हो गई है।
सोशल मीडिया बनी बड़ी वजह
जांच में सामने आया है कि ज्यादातर मामलों में बच्चियां जान-पहचान वाले लोगों के साथ गई हैं। कुछ मामलों में सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क भी वजह बना है।
पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग, ऑनलाइन दोस्ती, नौकरी का झांसा और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर भी बच्चियों को घर से बाहर ले जाया गया। कुछ मामलों में मानव तस्करी, जबरन मजदूरी और शोषण की आशंका भी जताई गई है।
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पुलिस और परिवार के लिए क्या जरूरी
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