मिलिट्री हॉस्पिटल में घोटाला, बिना विज्ञापन निकाले पत्नी-रिश्तेदारों को दी नौकरी

Aman Vaishnav | Jul 26, 2026, 09:12 IST
Share
ग्वालियर के मिलिट्री हॉस्पिटल में घोटाला
ग्वालियर के मिलिट्री हॉस्पिटल में घोटाला

ग्वालियर के मिलिट्री अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि बिना विज्ञापन और बिना रिक्तियां निकाले ही अपने रिश्तेदारों को नौकरी दे दी गई। शिकायत सेना मुख्यालय तक पहुंच गई है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ग्वालियर के मिलिट्री अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी देने का मामला सामने आया है।
  • शिकायत सेना मुख्यालय तक पहुंच चुकी है।
  • आरोप है कि बिना पद निकाले पत्नी और रिश्तेदारों को नौकरी दी गई।
  • कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
  • मामला एक अलग जांच के दौरान अचानक सामने आया है।

कैसे खुला पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया, जब सेना भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े एक व्यक्ति के बेटे वंशप्रताप की जांच चल रही थी। वंशप्रताप की पांचवीं कक्षा में नियुक्ति कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर हुई बताई जाती है।

इसी जांच के दौरान सेना अस्पताल की पुरानी नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आ गए। इन दस्तावेजों को देखकर जांच एजेंसियों को शक हुआ। इसके बाद पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।

नियुक्ति पर उठे सवाल

शिकायत के मुताबिक सेना अस्पताल में तैनात स्टेनो संतोष कुमार ने साल 2013-14 में अपनी पत्नी रामेश्वरी की नियुक्ति कराई। रामेश्वरी को वार्ड सहायिका के पद पर रखा गया था।

इस नियुक्ति के लिए 19 सितंबर 2013 का नियुक्ति पत्र दिखाया गया है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में यह पत्र मौजूद नहीं है। इससे नियुक्ति की सच्चाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।

2014 की आठ नियुक्तियां भी संदेह में

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि साल 2014 में हुई आठ नियुक्तियों में भी फर्जी दस्तावेजों (फर्जी दस्तावेज से नौकरी) का इस्तेमाल हुआ। इन सभी नियुक्तियों की गहराई से जांच की मांग उठी है।

बताया जा रहा है कि इन नियुक्तियों में भी न तो कोई विज्ञापन जारी हुआ और न ही रिक्तियां निकाली गईं। इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

कमांडेंट का जवाब

मिलिट्री अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर गोपाल कृष्ण श्रीधर ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह मामला पुराना है। उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल मुख्यालय में लंबित है।

कमांडेंट के इस बयान से साफ है कि मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में ही है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय के फैसले पर निर्भर करेगी।

ये खबरें भी पढ़िए...

एमपी न्यूज: एक साथ तीन जिलों में सेवाएं दे रहे थे डॉक्टर साहब, घूसकांड के बाद खुले राज

मध्यप्रदेश न्यूज: राजगढ़ में 10 गुरुजी निकले फर्जी, विभाग की नाक के नीचे सालों तक किया घोटाला

मप्र में फर्जी दस्तावेज का मामलाछ बालाघाट में 10 जवानों के डॉक्यूमेंट निकले फर्जी

बड़े पापा CMHO हैं, काम 100% होगा... चाय की दुकान से चलता रहा फर्जीवाड़े का खेल

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मध्यप्रदेश न्यूज
  • ग्वालियर
  • मप्र में फर्जी दस्तावेज का मामला
  • फर्जी दस्तावेज
  • फर्जी दस्तावेज से नौकरी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज