लिव इन में मर्डर: धर्मेंद्र ने कबूली हत्या, बोला- आधार में नाम मेरा, रहती थी दूसरे के साथ
समझें क्या है पूरा मामला...
- आरोपी धर्मेंद्र गिरफ्तार, कबूला गला दबाकर की हत्या।
- एक घंटे भी नहीं ठहरा एक जगह, आखिर पकड़ा गया।
- नाम मेरा, साथ किसी और के, इसी बात पर मार डाला।
- मंदिर के पीछे छिपा था आरोपी, पुलिस ने दबोचा।
- दो पार्टनर, एक मौत, अब खुल रहे नए राज।
ग्वालियर के चर्चित आरती हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्य आरोपी धर्मेंद्र दोहरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। यह मामला हजीरा थाना क्षेत्र के आरामील इलाके से जुड़ा है।
एक घंटे से ज्यादा नहीं ठहरा कहीं
हत्या के बाद धर्मेंद्र लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। मोबाइल लोकेशन से पकड़ में न आए, इसलिए वह एक घंटे से ज्यादा देर तक कहीं नहीं रुकता था। आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि वह तलवार वाले हनुमान मंदिर के पीछे छिपा है। घेराबंदी कर पुलिस ने उसे वहीं दबोच लिया।
पूछताछ में क्या बोला आरोपी
धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि आरती का व्यवहार बहुत अकड़ भरा था। उसका कहना था कि गला दबाते ही वह एक मिनट भी नहीं झेल पाई और वहीं दम तोड़ दिया। उसकी नाराजगी की असली वजह कुछ और थी।
नाम मेरा, रहती थी दूसरे के साथ
धर्मेंद्र इस बात से नाराज था कि आधार कार्ड सहित तमाम सरकारी दस्तावेजों में उसका नाम दर्ज था। लेकिन आरती असल में उसके फुफेरे भाई संजू के साथ रहने लगी थी। यही बात उसे बर्दाश्त नहीं हुई और उसने बड़ा कदम उठा लिया।
ऐसे उलझी थी आरती की जिंदगी
मृतका का नाम आरती धाकड़ था। वह मूल रूप से मुरैना के कैलारस की रहने वाली थीं। साल 2015 में उनकी शादी शिवपुरी के अतर सिंह से हुई थी। इस शादी से उनके दो बच्चे भी हैं।
पति को छोड़ ग्वालियर आ गई थी
पारिवारिक कलह से तंग आकर आरती करीब तीन साल पहले पति का घर छोड़कर ग्वालियर आ गईं। यहां उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर अपने दो बच्चों का पेट पालना शुरू किया। इसी दौरान उनकी जिंदगी में दो नए लोग शामिल हो गए।
दो पार्टनर, एक ही छत के नीचे
आरती के पति अतर सिंह की दोस्ती धर्मेंद्र से थी। इसी दोस्ती से आरती और धर्मेंद्र की नजदीकियां बढ़ीं और 2023 से वह उसके साथ रहने लगी। इसके बाद धर्मेंद्र का फुफेरा भाई संजू भी घर आने लगा।
धीरे-धीरे तीनों एक ही छत के नीचे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। कुछ समय बाद विवाद होने पर आरती धर्मेंद्र को छोड़कर संजू के साथ रहने लगी।
एक जुलाई को हुई वारदात
एक जुलाई को हजीरा थाना क्षेत्र के आरा मील इलाके में आरती की हत्या हुई। पुलिस के मुताबिक उस रात तीनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और धर्मेंद्र ने आरती का गला दबा दिया। घटना के वक्त संजू भी मौके पर मौजूद बताया गया है।
नाबालिग भाई का बड़ा दावा
आरती के सत्रह साल के नाबालिग भाई ने पुलिस को अहम जानकारी दी थी। उसने दावा किया कि धर्मेंद्र और संजू दोनों ने मिलकर उसकी बहन की हत्या की है।
भाई के मुताबिक वारदात के बाद धर्मेंद्र आरती का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया। पुलिस अब गायब मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करने में जुटी है।
दो महीने पहले भी हुआ था हमला
जांच में यह भी सामने आया कि करीब दो महीने पहले धर्मेंद्र ने आरती को ग्वालियर किले से नीचे धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। इस हमले में आरती के पैर में गंभीर चोट आई थी। इसी पुरानी घटना के बाद से पुलिस का शक धर्मेंद्र पर सबसे ज्यादा था।
शव पर नहीं मिले चोट के निशान
आरती के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला है। इससे मामला अब तक उलझा हुआ था। पुलिस के मुताबिक मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी और कबूलनामे के बाद अब जांच आगे बढ़ेगी।
महिला की मौत की जांच कर रहेहजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया था कि प्रथम दृष्टया यह मामला लव ट्रायंगल का है और हत्या की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में धर्मेंद्र पर संदेह सबसे गहरा रहा है।
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