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News In Short
- उमंग सिंघार ने भाजपा पर आदिवासी समाज के इतिहास को नकारने का आरोप लगाया।
- सिंघार ने कहा कि वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी।
- शबरी ने भगवान राम को बेर प्रेमपूर्वक दिए, जो आदिवासी समाज के योगदान का प्रमाण है।
- सिंघार ने भाजपा को गोंड समाज से पूछने की चुनौती दी।
- भाजपा का आदिवासी समाज के इतिहास को कमतर दिखाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
News In Detail
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर अंधभक्ति और इतिहास को नकारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के वनवास काल में वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी। यह केवल मान्यता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक ग्रंथों में ऐतिहासिक तथ्य दर्ज है।
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ये सभी गोंड, कोल और कोरकू समाज से
उमंग सिंघार ने कहा कि वे प्रमाण, इतिहास और तथ्यों पर बात करते हैं। वे अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा से नहीं बोलते। उन्होंने गोंड धर्म के ग्रंथ सद्विचार का हवाला दिया। पृष्ठ संख्या 10 पर बाली, सुग्रीव, अंगद और हनुमान के वानर वीर होने का उल्लेख है। ये सभी गोंड, कोल और कोरकू समाज से जुड़े थे।
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शबरी ने भगवान राम को बेर प्रेमपूर्वक दिए
सिंघार ने माता शबरी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रामायण में शबरी को भील समाज से बताया गया है। शबरी ने भगवान राम को बेर प्रेमपूर्वक दिए। राम ने वह बेर स्वीकार किए। यह आदिवासी समाज के योगदान और सम्मान का प्रमाण है।
बीजेपी को गोंड समाज से पूछना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा नेताओं को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर वे इतिहास और धर्मग्रंथों को ईमानदारी से पढ़ें, तो इन तथ्यों को झूठ नहीं कह पाएंगे। अगर भाजपा यह नहीं मानती कि हनुमान जी और वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी, तो उन्हें गोंड समाज से पूछना चाहिए।
सिंघार ने कहा कि किसी समुदाय के इतिहास को नकारना अज्ञानता नहीं, बल्कि उस समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी समाज की ऐतिहासिक भूमिका को कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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ये वानर वीर आदिवासी समाज से थे
अपने एक्स हैंडल पर उमंग सिंघार ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर बात करते हैं, अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि श्रीराम के वनवास काल में वानर वीरों ने उनका साथ दिया। ये वानर वीर आदिवासी समाज से जुड़े थे। यह केवल मान्यता नहीं, बल्कि आदिवासी धर्म ग्रंथों में दर्ज तथ्य हैं।
मैं हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखता हूँ अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं।
— Umang Singhar (@UmangSinghar) January 28, 2026
• गोंड धर्म सद्विचार के पृष्ठ संख्या 10 पर स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वनवास काल में जिन वानर वीरों ने उनका साथ निभाया जिनमें बाली,… pic.twitter.com/picgfSH4FY
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ये राजनीतिक बयान नहीं, वैज्ञानिक निष्कर्ष है
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के मुताबिक, विज्ञान भी इस ऐतिहासिक-सांस्कृतिक सत्य की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि "Homo sapiens" शब्द मानव की उत्पत्ति वानर वंश से जुड़ी विकासात्मक प्रक्रिया को दर्शाता है। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि वैज्ञानिक निष्कर्ष है।
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