यूका कचरा पीथमपुर में ही जलेगा, केवल जागरुकता के लिए 6 सप्ताह मांगे

Sanjay Gupta | Jan 06, 2025, 12:09 IST
HC on fake news regarding union carbide waste 2
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मीडिया को फेक न्यूज से बचने का निर्देश दिया। यूनियन कार्बाइड मामले में जनता को जागरूक कर 6 हफ्ते में वेस्ट डिस्पोजल की योजना बनाई गई है।

यूनियन कार्बाइड का जहरीला 337 मीट्रिक टन कचरा पीथमपुर में ही जलेगा। मप्र सरकार द्वारा हाईकोर्ट जबलपुर में चीफ जस्टिस बेंच में सोमवार को सुनवाई के दौरान ऐसा कोई तर्क नहीं दिया गया कि पीथमपुर में कचरा नहीं जलाया जाएगा। मप्र सरकार ने केवल लोगों की जागरूकता के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा था, जो कि हाईकोर्ट ने मान्य कर लिया है। वहीं कचरा जलाए जाने पर कोई रोक नहीं लगाई है। हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर के आदेश का ही पालन करने के निर्देश शासन को दिए हैं। हालांकि, जनता को विश्वास में लेने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा गया है और अगली सुनवाई 18 फरवरी को लगाई गई है। हालांकि एक इंटरविनर की ओर से कहा गया कि देश में 20 इंसीनरेटर है, वहां कचरा जलाया जाना चाहिए, लेकिन इस पर कोई बहस नहीं हुई है।



शासन ने अनलोड के लिए अलग आदेश की मांग की

हाईकोर्ट ने इन बातों पर यह कहा-

1- फेक न्यूज से बचने के कोर्ट नेमीडिया कोसख्त निर्देश दिया है। वहींअधिकारियों कोभ्रम और डर फैलाने वाली न्यूज पर एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।



2-जनता को विश्वास में लेने के लिए 6 सप्ताह का समय दिया जाएगा और अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। 3-अनलोड के लिए अलग से मंजूरी की जरूरत नहीं है, क्योंकि 3 दिसंबर के आदेश में इसके निष्पादन तक की बात है तो फिर शासन को अलग से निर्देश की जरूरत नहीं है। शासन को छूट है कि 3 दिसंबर के आदेश के पालन में जिसमें अनलोडिंग भी शामिल उस पर शासन अपने स्तर पर फैसला करे।



डॉक्टर्स की चिंता पर यह हुआ

एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के डॉक्टर्स की ओर से भी याचिका लगी थी और कहा गया कि हमारे पास रिसर्च है, दस मीट्रिक टन कचरा ट्रायल करना अलग बात थी, लेकिन 337 मीट्रिक टन अलग बात है। इसके लिए हमारी बातों को देखा जाए। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि शासन इस याचिका में आए मुद्दों पर भी ध्यान दें।



https://www.youtube.com/watch?v=Kq4MGqyBDZI



खर्चे को लेकर उठाई बात

यह बात भी एक इंटरविनर द्वारा उठाया गया कि साल 2005 में यह कचरा 14.80 रुपए प्रति किलो में जलाए जाने का अनुमान था लेकिन अब यह भाव 3 हजार 700 रुपए प्रति किलो हो रहा है। यह कैसे हो गया है इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए अलग से पीआईएल लगा सकते हैं।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें



Tags:
  • MP News
  • मध्य प्रदेश
  • High Court order
  • मध्य प्रदेश समाचार
  • Fake News
  • वेस्ट मैनेजमेंट
  • यूनियन कार्बाइड का कचरा