हाईकोर्ट की रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को फटकार, 25 हजार का जुर्माना
Sourabh Bhatnagar | Jan 10, 2025, 12:17 IST
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने भूमि अधिग्रहण विवाद में किसान राकेश तिवारी के पक्ष में फैसला सुनाया। रीवा कलेक्टर पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
रीवा जिले के किसान राकेश तिवारी को हाईकोर्ट से 32 साल बाद न्याय मिला है। कोर्ट ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल और जिला प्रशासन पर कड़ी फटकार लगाते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। किसान की जमीन को जबरन अधिग्रहित कर लिया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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जस्टिस विवेक अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन का कार्य जनता की सेवा करना है, न कि उन्हें परेशान करना। उन्होंने कलेक्टर प्रतिभा पाल को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अपने कर्तव्यों का पालन सही तरीके से नहीं कर रही हैं।
कई सालों की कानूनी लड़ाई के बाद, हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि राकेश तिवारी को उनकी जमीन वापस दी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को जमीन चाहिए, तो उन्हें नए नियमों के अनुसार मुआवजा देना होगा।
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कोर्ट ने रीवा कलेक्टर पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, क्योंकि वह मुआवजे और अधिग्रहण प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब देने में विफल रहीं।
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इंदौर नगर निगम कमिश्नर के पद से स्थानांतरण के बाद, प्रतिभा पाल को रीवा की कलेक्टर नियुक्त किया गया। यह उनका पहला कलेक्टर के रूप में कार्यकाल है। वर्तमान में वह रीवा में कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। बता दें कि प्रतिभा पाल 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।
हाउसिंग बोर्ड के लिए ली थी जमीन
1983 में, किसान राकेश तिवारी की सवा एकड़ जमीन को रीवा हाउसिंग बोर्ड ने कॉलोनी निर्माण के लिए अधिग्रहित कर लिया। किसान को न तो कोई सूचना दी गई और न ही मुआवजा दिया गया। 2015 में उन्हें हाउसिंग बोर्ड से नोटिस मिला, जिसमें जमीन खाली करने का आदेश था। किसान ने इसे चुनौती दी और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्याय का रास्ता
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कलेक्टर पर जुर्माना
बावड़ी हादसे के बाद प्रतिभा पाल का ट्रांसफर
अप्रैल 2023 में इंदौर नगर निगम कमिश्नर के रूप में प्रतिभा पाल के कार्यकाल के दौरान बावड़ी हादसा हुआ, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने नगर निगम की कार्यशैली और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े किए। हादसे के बाद जनता और स्थानीय संगठनों ने कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना के छह दिन के भीतर ही प्रतिभा पाल का इंदौर से ट्रांसफर कर दिया गया।
पहली बार बनीं कलेक्टर
FAQ
- हाईकोर्ट ने किसान के पक्ष में क्या आदेश दिया?
हाईकोर्ट ने किसान राकेश तिवारी को उनकी जमीन वापस करने का आदेश दिया। - रीवा कलेक्टर पर जुर्माना क्यों लगाया गया?
कलेक्टर मुआवजे और अधिग्रहण प्रक्रिया पर स्पष्ट जानकारी देने में विफल रहीं। - किसान की जमीन का अधिग्रहण कब किया गया था?
किसान की जमीन 1983 में रीवा हाउसिंग बोर्ड ने अधिग्रहित की थी। - क्या किसान को मुआवजा दिया गया था?
नहीं, किसान को अधिग्रहण के बदले कोई मुआवजा नहीं दिया गया। - कोर्ट ने कलेक्टर को क्या सख्त टिप्पणी दी?
कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर का काम जनता की सेवा करना है, न कि गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार।
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