सौरभ शर्मा केस: आयकर विभाग ने जब्त किया 52 किलो सोना, 11.61 करोड़ कैश और इनोवा कार
Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 24, 2025, 08:39 IST
Saurabh Sharma
आयकर विभाग की बेनामी विंग ने आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े 52 किलो सोना, 11.61 करोड़ नकद और कार जब्त कर उन्हें 250 पेज का शोकॉज नोटिस भेजा है।
MP News: आयकर विभाग की बेनामी विंग ने आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर को 250 पेज का शोकॉज नोटिस भेजा है। यह नोटिस उन पर बेनामी प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के रूप में जारी किया गया है। राजधानी भोपाल के मेंडोरी क्षेत्र से आयकर विभाग ने 52 किलो सोना, 11.61 करोड़ नकद और एक इनोवा कार जब्त की थी। यह सभी संपत्तियां ईडी (ED) द्वारा पहले से ही अटैच की जा चुकी हैं, और पीएमएलए (PMLA) के अंतर्गत अदालत में 8 अप्रैल को चालान भी पेश किया जा चुका है। ईडी भले ही अपनी चार्जशीट में अटैचमेंट का जिक्र कर चुकी हो, लेकिन प्रॉपर्टी फिलहाल आयकर विभाग के पास सीज है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बेनामी विंग को अधिक अधिकार प्राप्त हैं, अतः फाइनल क्लेम भी उसी का होगा। आगे सौरभ के रिश्तेदारों की प्रॉपर्टी भी अटैच की जा सकती हैं। ये भी पढ़ें: प्रीतम ने सोने में बदली सौरभ शर्मा की काली कमाई, प्यारे ने कार मेंडोरी गांव पहुंचाई जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ शर्मा को गोल्ड सप्लाई करने वाला व्यक्ति प्रीतम था, जिसे अभी पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है। प्रीतम के माध्यम से सोना सौरभ की गोल्ड ट्रांसफर चेन का हिस्सा बनता था। अलग-अलग तरीकों से जाँच कर आयकर विभाग (Income Tax Department) ने पाया कि सोना और दूसरी प्रॉपर्टी सौरभ की ही हैं। ये भी पढ़ें: सौरभ शर्मा केस में ED का एक और खुलासा- पुणे के बैंक में मिली 3 करोड़ रुपए की एफडी अटैच की गई संपत्ति अभी एसबीआई में रखी है।आयकर अफसरों का कहना है कि अटैच की गई यह संपत्ति आयकर विभाग के पास सीज है। लेकिन, इस पर बेनामी विंग के पास अधिकार हैं। इसलिए प्रॉपर्टी बेनामी विंग के पास जा सकती है। चार्जशीट में भले हीईडी ने इस संपत्ति को अटैच करने का दावा किया है, लेकिन वास्तव में यह उनके पास नहीं है। प्रॉपर्टी पर वास्तव में क्लेम किसका होगा, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। thesootr links
90 दिन में जवाब या फिर दोबारा अटैचमेंट
सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर को बेनामी प्रतिषेध अधिनियम के तहत शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलने के बाद आरोपी को जवाब देने के लिए 90 दिन का समय मिला है। अगर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो आयकर विभाग द्वारा आरोपियों की संपत्ति को दोबारा अटैच किया जाएगा। अंतिम निर्णय आयकर की एडजुकेटिंग अथॉरिटी द्वारा लिया जाएगा। यह अथॉरिटी तय करेगी कि जब्त की गई संपत्ति छोड़ी जाए या आयकर विभाग के पास ही रहे।
गोल्ड एजेंट प्रीतम का नाम भी आया सामने
अटैचमेंट के बाद किसकी होगी प्रॉपर्टी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari