इंदौर की दो साल नौ माह की बेटी को दुर्लभ बीमारी, इलाज के लिए लगेगा 9 करोड़ का इंजेक्शन

Sanjay Gupta | Nov 18, 2025, 16:28 IST
Photograph: (THESOOTR)
इंदौर की दो साल नौ माह की बेटी को एसएमए टाइप 2 नामक दुर्लभ बीमारी हो गई है। इसके इलाज के लिए 9 करोड़ रुपए का इंजेक्शन लगना जरूरी है। इलाज केवल अमेरिका में संभव है। मां और कलेक्टर शिवम वर्मा ने जनता से मदद की अपील की है।

INDORE. इंदौर की दो साल नौ माह की बेटी को दुर्लभ गंभीर बीमारी हो गई है। वह इलाज के इंतजार में हैं और इलाज केवल अमेरिका में हो सकता है। इसके लिए 9 करोड़ का इंजेक्शन लगेगा। मां की पूरे इंदौर और देशवासियों से अपील, जो मदद हो सके कीजिए।



कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी इस मामले में पहल की है। उन्होंने विविध दानदाताओं से अपील की है और वह पीथमपुर की कंपनियों से भी सीएसआर के तहत इस राशि की व्यवस्था में जुट गए हैं।



यह है बीमारी

मां ने बताया कि बेटी को रेयर गंभीर एसएमए टाइप टू मस्कुलर बीमारी है, एसएमए टाइप टू। इसमें समय के साथ मांसपेशियां कमजोर हो जाती है और बच्चा चल नहीं पाता है। बच्ची को माता-पिता ने एम्स में दिखाया है और वहां से उपचार के लिए 9 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत बताई गई है।



ये खबरें भी पढ़ें...



इंदौर स्कीम 171 के 32 साल से ida से पीड़ित पहुंचे कलेक्टर के पास, भूमाफिया डागरिया, सुराना की भी शिकायतें



इंदौर BRTS हथौड़ा लेकर तोड़ना ही तो है, इसमें 9 माह लग गए, हाईकोर्ट ने कलेक्टर, निगमायुक्त को बुलाया



लाड़ली बहना से अपील

मां सरिता शर्मा निवासी न्यू द्वारिकापुरी इंदौर ने सीएम डॉ. मोहन यादव से और लाड़ली बहनाओं से भी मदद की अपील की है। हर महीने महिलाओं को मिलने वाले 1500 रुपए में से 10-10 रुपए भी उपचार के लिए दिए जाएं तो इलाज हो जाएगा।



उधर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि यह बहुत दुर्लभ बीमारीहै। बिटिया के उपचार के लिए जो संभव होगा वह हम करेंगे। सभी इंदौरवासियों से भी अपील है कि इसके इलाज के लिए जो मदद हो सके, वह करे। सेवा सेतु जिला प्रशासन का एप है, इसमें जरूरतमंद की मदद की जाती है, इस एप के जरिए बच्ची की मदद की जा सकती है।



ये खबरें भी पढ़ें...



इंदौर में ढाई माह की बच्ची को एक्सपायरी वैक्सीन लगाई, डॉक्टर के खिलाफ FIR



इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज को अब 500 करोड़ की जमीन में हाईकोर्ट से झटका, कहा कलेक्टर के पास ही जाओ



यह है गंभीर बीमारी

एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) टाइप 2 एक आनुवंशिक मस्कुलर बीमारी है। यह रीढ़ की हड्डी के मोटर न्यूरॉन्स को प्रभावित करती है। इससे धीरे-धीरे मांसपेशियों में कमजोरी आती है।



यह आमतौर पर 6 से 18 महीने की उम्र के बच्चों में शुरू होती है। एसएमए टाइप 2 वाले बच्चे बिना सहारे के बैठ सकते हैं, लेकिन वे खड़े होने या चलने में असमर्थ होते हैं। यह एक आनुवंशिक विकार है जो 'सर्वाइवल मोटर न्यूरॉन (SMN) जीन' में उत्परिवर्तन (mutation) के कारण होता है।





Tags:
  • कलेक्टर शिवम वर्मा
  • स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी
  • दुर्लभ बीमारी
  • एसएमए टाइप 2
  • मदद की अपील