इंदौर-बुधनी प्रोजेक्ट से जुड़ेंगे मुंबई, और बेंगलुरु, जबलपुर के बीच दूरी होगी कम
Aman Vaishnav | Aug 18, 2026, 16:00 IST
इंदौर-बुधनी प्रोजेक्ट
इंदौर और बुधनी के बीच 205 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बनाई जा रही है। इस नए प्रोजेक्ट से इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी लगभग 68 से 74 किलोमीटर तक घट जाएगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर-बुधनी रेल लाइन मध्य प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को नई ताकत देगी।
- यह प्रोजेक्ट 205 किलोमीटर लंबा है।
- इससे इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी 70 से 75 किलोमीटर तक कम होगी।
- यह लाइन जबलपुर और इंदौर को मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ेगी।
- प्रोजेक्ट को 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नई लाइन से जबलपुर और इंदौर की कनेक्टिविटी मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से मजबूत होगी। यह एक छोटा और सीधा बाईपास रूट होगा। जबलपुर से आने वाली ट्रेनों को अब इटारसी नहीं जाना पड़ेगा।
यह प्रोजेक्ट दिल्ली और मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों के लिए भी उपयोगी रहेगा। इसी वजह से इस परियोजना को मध्य प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मुंबई, नागपुर जैसे शहर जुड़ेंगे
इंदौर-बुधनी रेल लाइन भारतीय रेलवे को एक नया और मजबूत बाईपास रूट देगी। जबलपुर से दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनें अब बुधनी से होते हुए सीधे नागपुर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जा सकेंगी।
इसी तरह दक्षिण भारत से उत्तर भारत आने वाली ट्रेनें भी बिना इटारसी गए जबलपुर रूट से प्रयागराज, बनारस और बिहार तक पहुंच सकेंगी। इससे मध्य प्रदेश के जरिए बड़े शहरों की कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा।
इससे क्या फायदा होगा
मध्य और पूर्वी भारत से आने वाली ट्रेनें अब भोपाल में अटके बिना सीधे इंदौर, पीथमपुर और गुजरात की तरफ बढ़ सकेंगी। जबलपुर के रास्ते ओडिशा, पश्चिम बंगाल, रायपुर, बिलासपुर और कोलकाता की कनेक्टिविटी भी आसान और तेज हो जाएगी।
अमृतसर, जम्मू और दिल्ली से नागपुर, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेनें भी इस नए बाईपास रूट का इस्तेमाल कर सकेंगी। यह लाइन भोपाल और इटारसी के ट्रैफिक को बायपास करते हुए इंदौर को सीधे दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश से जोड़ेगी।
इंदौर-जबलपुर की दूरी होगी कम
इस वजह से दोनों शहरों के बीच की दूरी 554 किलोमीटर हो जाती है। नई रेल लाइन शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 68 से 74 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे यात्रियों का सफर लगभग 1 से 2 घंटे तक कम हो जाएगा।
इस रूट के शुरू होने से इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर का औद्योगिक नेटवर्क एक ही रेल लाइन चेन से जुड़ जाएगा। यही वजह है कि इस परियोजना को मध्य प्रदेश के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है।
लेवल-क्रॉसिंग मुक्त रहेगा ट्रैक
इस प्रोजेक्ट के तहत धंतलाब घाट क्षेत्र में एक बड़ी सुरंग भी बनाई जा रही है। यह सुरंग 8.64 किलोमीटर लंबी होगी। इसे मध्य भारत की सबसे लंबी रेल सुरंगों में गिना जाएगा।
2029-30 तक पूरा होगा काम
इस प्रोजेक्ट के लिए 7500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इसे साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क को नई ताकत मिलेगी।
Indore-Budni New Railway Line with Electrification. Better Connectivity for the common man. Reducing distances and better connectivity to other regions. #NayiPatriNayiRaftaar pic.twitter.com/bmZtz6qcX2
— Central Railway (@Central_Railway) September 19, 2018
ये खबरें भी पढ़िए...
50 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लाएगा रेलवे, डेढ़ गुना बढ़ेगी क्षमता, और आरामदायक होगा सफर
केन-बेतवा प्रोजेक्ट: जल-जंगल-जमीन की लड़ाई तेज, राहुल गांधी से मिले प्रभावित परिवार
कैसे काम करता है भारतीय रेलवे का कंप्लेंट सिस्टम, चलती ट्रेन में ऐसे करें शिकायत
पंचायत चुनाव: नाम वापसी के बाद मुकाबला साफ, जयपुर जिला परिषद के लिए 154 प्रत्याशी मैदान में
By Jageshwar prasad
शिवपुरी में BJP विधायक से भिड़ा युवक, बोला- आप गधे हो, मैं ग्रेजुएट हूं, VIDEO वायरल
By Manya Jain
कोटा में सिजेरियन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, किडनी फंक्शन बंद, प्लेटलेट्स के लिए भटके परिजन
By Jageshwar prasad
पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने वाला देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, इन चार शहरों में होगी सुनवाई
By Kaushiki
MP के 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट, सिर्फ 4 हजार ने भरे TET फॉर्म, दिसंबर के बाद भी बढ़ सकता है इंतजार
By Manya Jain
अमेरिका-पाकिस्तान में युद्ध हुआ तो पाक के साथ खड़े होंगे, मदन राठौड़ के बयान पर बवाल, कांग्रेस ने घेरा
By Raghvendra Singh Rathore
भोपाल आ रहे आदिवासियों का आंदोलन स्थगित, जमीन के पट्टे देगी सरकार, मकान तोड़ने की होगी जांच
By Manya Jain