इंदौर निगम बिल घोटाले में एक आरोपी की जमानत, टीआई कोर्ट ही नहीं पहुंचे

मध्यप्रदेश में इंदौर नगर निगम में पांच फर्जी फर्म में शामिल क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेण वढेरा की जमानत मंजूर हुई है। इसके लिए शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद वढेरा की जमानत याचिका मंजूर हो गई है...

author-image
Jitendra Shrivastava
New Update
THESOOTR
Listen to this article
0.75x 1x 1.5x
00:00 / 00:00

संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर नगर निगम के 150 करोड़ रुपए के बिल घोटाले में एक आरोपी की जमानत याचिका मंजूर हो गई है। इतने बड़े मामले (इंदौर निगम बिल घोटाले ) में सात बड़ी धाराओं में केस होने के बाद भी जमानत होना पुलिस के लिए तगड़ा झटका है, वहीं इस हाईप्रोफाइल केस में पुलिस की गंभीरता का आलम यह रहा कि टीआई विजय सिंह सिसौदिया कोर्ट ही नहीं पहुंचे थे। 

क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेणु वढेरा को जमानत

जानकारी के अनुसार पांच फर्जी फर्म में शामिल क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेण वढेरा की जमानत मंजूर हुई है। इसके लिए शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद वढेरा की जमानत याचिका मंजूर हो गई है। हालांकि, उनके पति और जान्हवी कंपनी के ठेकेदार राहुल वढेरा की जमानत मंजूर नहीं होकर याचिका खारिज कर दी गई है। इन दोनों को 29 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। बाद में वढेरा पुलिस रिमांड में रहा लेकिन रेणु को जेल भेज दिया गया था। जमानत का कारण मुख्य रूप से महिला आरोपी का स्वास्थ्य खराब होना रहा, उसे ओबेसिटी के साथ थायराइड व अन्य स्वास्थय समस्या है। इसके चलते जमानत दी गई।

पति राहुल के लिए कहा कागज यही तैयार करता था

वहीं महिला आरोपी ने पति राहुल के लिए कहा है कि उसे कुछ भी नहीं मालूम है, इन खातों से राशि भी पति राहुल निकालता था और वहीं संपत्ति खरीदता था। उसी के द्वारा फर्जी कागज तैयार किए गए हैं। इन सभी तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी। 

32 करोड़ के काम किए थे वढेरा ने

बीते पांच सालों 2018-29 से 2022-23 तक के रिकार्ड की बात करें तो रेणु वढेरा की कंपनी ने 32 करोड़ रुपए के काम किए हैं। साथ ही निगम में 20 फर्जी फाइलों के 28 करोड़ रुपए के बिल में 7.30 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि रेणु वढेरा की थी। इसमें से 50 लाख का भुगतान वह ले चुकी थी। वहीं उनके पति राहुल वढेरा की बात करें तो पांच साल में उनकी फर्म जान्हवी ने 34 करोड़ का टर्नओवर किया है। साथ ही उसके खाते में भी निगम से भुगतान की भारी राशि आई है। 

इन धाराओं में दर्ज है केस

सभी आरोपियों पर आईपीसी 420, 467, 468, 471, 474, 120 बी और 34 जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुए हैं। इस मामले में पुलिस मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सिद्दकी, मोहम्मद जाकिर के साथ ही इमरान, मौसम व्यास ठेकेदारों को भी आरोपी बना चुकी है। वहीं निगम के उदय भदौरिया, चेतन भदौरिया, राजकुमार साल्वी व मुरलीधन को भी गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन अभी तक फरार इंजीनियर अभय राठौर हाथ नहीं आया है और उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित हो चुका है।Indore Corporation Bill Scam

Indore Corporation Bill Scam रेण वढेरा टीआई विजय सिंह सिसौदिया इंदौर निगम बिल घोटाले