इंदौर निगम बिल घोटाले में एक आरोपी की जमानत, टीआई कोर्ट ही नहीं पहुंचे

Jitendra Shrivastava | May 10, 2024, 23:01 IST
Share
THESOOTR
THESOOTR

मध्यप्रदेश में इंदौर नगर निगम में पांच फर्जी फर्म में शामिल क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेण वढेरा की जमानत मंजूर हुई है। इसके लिए शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद वढेरा की जमानत याचिका मंजूर हो गई है...

संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर नगर निगम के 150 करोड़ रुपए के बिल घोटाले में एक आरोपी की जमानत याचिका मंजूर हो गई है। इतने बड़े मामले (इंदौर निगम बिल घोटाले ) में सात बड़ी धाराओं में केस होने के बाद भी जमानत होना पुलिस के लिए तगड़ा झटका है, वहीं इस हाईप्रोफाइल केस में पुलिस की गंभीरता का आलम यह रहा कि टीआई विजय सिंह सिसौदिया कोर्ट ही नहीं पहुंचे थे।

क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेणु वढेरा को जमानत


जानकारी के अनुसार पांच फर्जी फर्म में शामिल क्षितिज कंपनी की ठेकेदार रेण वढेरा की जमानत मंजूर हुई है। इसके लिए शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद वढेरा की जमानत याचिका मंजूर हो गई है। हालांकि, उनके पति और जान्हवी कंपनी के ठेकेदार राहुल वढेरा की जमानत मंजूर नहीं होकर याचिका खारिज कर दी गई है। इन दोनों को 29 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। बाद में वढेरा पुलिस रिमांड में रहा लेकिन रेणु को जेल भेज दिया गया था। जमानत का कारण मुख्य रूप से महिला आरोपी का स्वास्थ्य खराब होना रहा, उसे ओबेसिटी के साथ थायराइड व अन्य स्वास्थय समस्या है। इसके चलते जमानत दी गई।

पति राहुल के लिए कहा कागज यही तैयार करता था


वहीं महिला आरोपी ने पति राहुल के लिए कहा है कि उसे कुछ भी नहीं मालूम है, इन खातों से राशि भी पति राहुल निकालता था और वहीं संपत्ति खरीदता था। उसी के द्वारा फर्जी कागज तैयार किए गए हैं। इन सभी तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी।

32 करोड़ के काम किए थे वढेरा ने


बीते पांच सालों 2018-29 से 2022-23 तक के रिकार्ड की बात करें तो रेणु वढेरा की कंपनी ने 32 करोड़ रुपए के काम किए हैं। साथ ही निगम में 20 फर्जी फाइलों के 28 करोड़ रुपए के बिल में 7.30 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि रेणु वढेरा की थी। इसमें से 50 लाख का भुगतान वह ले चुकी थी। वहीं उनके पति राहुल वढेरा की बात करें तो पांच साल में उनकी फर्म जान्हवी ने 34 करोड़ का टर्नओवर किया है। साथ ही उसके खाते में भी निगम से भुगतान की भारी राशि आई है।

इन धाराओं में दर्ज है केस


सभी आरोपियों पर आईपीसी 420, 467, 468, 471, 474, 120 बी और 34 जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुए हैं। इस मामले में पुलिस मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सिद्दकी, मोहम्मद जाकिर के साथ ही इमरान, मौसम व्यास ठेकेदारों को भी आरोपी बना चुकी है। वहीं निगम के उदय भदौरिया, चेतन भदौरिया, राजकुमार साल्वी व मुरलीधन को भी गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन अभी तक फरार इंजीनियर अभय राठौर हाथ नहीं आया है और उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित हो चुका है।Indore Corporation Bill Scam

Tags:
  • Indore Corporation Bill Scam
  • इंदौर निगम बिल घोटाले
  • टीआई विजय सिंह सिसौदिया
  • रेण वढेरा
CG Top News : बस्तर में वेतन घोटाला, RDA विवाद पर सियासत और विधानसभा की सीलिंग गिरने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों तक, पढ़ें आज की बड़ी खबरें।

By Umeshwari Baghel

CG Top News : बस्तर में वेतन घोटाला, RDA विवाद पर सियासत और विधानसभा की सीलिंग गिरने से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों तक, पढ़ें आज की बड़ी खबरें।
Global Investors Summit 2027: सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को बताया निवेश और रोजगार पर प्लान

By Jitendra Shrivastava

Global Investors Summit 2027: सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को बताया निवेश और रोजगार पर प्लान
RKDF फर्जी मार्कशीट केस में कपूर परिवार को हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक

By Neel Tiwari

RKDF फर्जी मार्कशीट केस में कपूर परिवार को हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती विवाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 2008 से वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती विवाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 2008 से वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा
रूचि ग्लोबल कंपनी के 66 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में ईडी कोर्ट से 21 आरोपियों को नोटिस

By Sanjay Gupta

रूचि ग्लोबल कंपनी के 66 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में ईडी कोर्ट से 21 आरोपियों को नोटिस
छत्तीसगढ़ की पल्लवी नायक का ऑस्ट्रेलिया में डंका, Social Sage ने जीता Women's Small Business Champion Award

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ की पल्लवी नायक का ऑस्ट्रेलिया में डंका, Social Sage ने जीता Women's Small Business Champion Award
सागर कैश कांड: 3.2 करोड़ कैश की लोकायुक्त जांच धीमी, एक महीने बाद भी नहीं मिला जवाब

By Atul Dwivedi

सागर कैश कांड: 3.2 करोड़ कैश की लोकायुक्त जांच धीमी, एक महीने बाद भी नहीं मिला जवाब