विनय बाकलीवाल विवाद : AGM में 600 प्रतिनिधि जुटे, बिना चुनाव बने अध्यक्ष को नकारा
Rahul Dave | Feb 01, 2026, 21:25 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर दिगंबर जैन समाज की AGM में शामिल हुए 600 प्रतिनिधियों ने विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष मानने से इनकार कर दिया। अब चुनाव से ही नया मुखिया चुना जाएगा।
NEWS IN SHORT
- दिगम्बर जैन समाज ने संविधान के तहत AGM बुलाई।
- 80–85 मंदिरों के 550 से 609 प्रतिनिधि उपस्थित।
- बिना चुनाव अध्यक्ष बनने पर निंदा प्रस्ताव पारित।
- विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष मानने से समाज का इंकार।
- रिटायर्ड जज नरेंद्र जैन बने मुख्य चुनाव अधिकारी।
NEWS IN DETAIL
दिगम्बर जैन समाज (सामाजिक संसद), इंदौर की साधारण सभा (AGM) में समाज का स्पष्ट संदेश सामने आया-अध्यक्ष वही होगा, जो संविधान और चुनाव से आएगा। यानी पूर्व में अध्यक्ष घोषित हुए विनय बाकलीवाल को किसी ने भी अपना अध्यक्ष नहीं माना।
सभा में इंदौर के 85 से अधिक जैन मंदिरों के मंत्री, अध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। कुल उपस्थिति 550 से 600 सदस्यों के बीच रही। सभी प्रतिनिधियों का विधिवत रजिस्ट्रेशन किया गया। किसी भी स्तर पर कोई विरोध या आपत्ति दर्ज नहीं हुई।
सभा के दौरान पूर्व में संविधान के विरुद्ध जाकर अध्यक्ष घोषित किए जाने की घटना पर निंदा प्रस्ताव लाया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
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विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष मानने से इंकार
समिति यह सुनिश्चित करेगी कि पूरी प्रक्रिया संविधान और पारदर्शिता के अनुसार हो। इस कारण विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष मानने से समाज ने औपचारिक रूप से इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि AGM में विनय बाकलीवाल स्वयं उपस्थित नहीं थे।
क्यों अहम है यह फैसला
मुनि सागर जी ने किया था निवेदन
इसके बाद समाज के संविधान से एक चुनाव हो और एक अध्यक्ष चुना जाए। इस क्रम ने नरेंद्र वेद ने तो इस्तीफा दे दिया था वहीं राजकुमार पाटोदी ने बोला था कि मेरे जितने भी पदाधिकारी है उनसे बातचीत करूंगा।
इस पर एक मीटिंग हुई जिसमें 69 प्रतिनिधि उसमे सम्मिलित हुए। यहां तय हुए की नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया होनी चाहिए। प्रक्रिया के अन्तर्गत यदि एक नाम आता है तो निर्विरोध अध्यक्ष होगा वहीं अधिक नाम आते है तो चुनाव होगा।
जो जीतेगा वो समाज का अध्यक्ष होगा। इस पर एक समन्वय समिति बनी जिसके मुख्य समन्वयक विनय बाकलीवाल थे। वह बिना किसी संविधान की प्रक्रिया को फॉलो किए बिना अध्यक्ष बन गए। इसी को लेकर सामाज में आक्रोश था ।
“हमारी आपत्ति व्यक्ति से नहीं है। आपत्ति सिर्फ इतनी है कि बिना चुनाव, बिना संविधान कोई अध्यक्ष नहीं बन सकता। इसी को लेकर आज एजीएम बुलाई थी जिसमे सभी का एक पक्ष था कि संविधान के अनुसार ही अध्यक्ष चुना जाए।
सूत्र Alert
आगे क्या? | असर
- चुनाव प्रक्रिया की तारीख तय होगी
- अध्यक्ष पद का वैधानिक समाधान निकलेगा
- समाज की एकता या टकराव-अब संविधान तय करेगा
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निष्कर्ष
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