ड्रग पैडलर से सांठगांठ में 2 TI भी सहभागी, आजादनगर सिपाही ने उगले राज
इंदौरके आजाद नगर में 2 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग के साथ पकड़े गए तस्करों संग आजाद नगर के सिपाही की गठजोड़ में अब और नए खुलासे हुए हैं। जहां पहले ड्रग पैडलर ने सिपाही का नाम कबूला, वहीं अब सिपाही ही टीआई सहित अन्य पुलिस जवानों के नाम कबूल रहा है। जिन दो टीआई के नाम सिपाही ने बताए हैं, वे वर्तमान में आजाद नगर थाने में पदस्थ नहीं हैं। दो में से एक टीआई वर्तमान में इंदौर जिले के ही किसी थाने में पदस्थ है, जबकि दूसरा जिले के बाहर पदस्थ है। सिपाही लखन गुप्ता को 4 मार्च 2025 की शाम तक रिमांड पर रखा गया है। लखन ने राऊ थाने में पदस्थ सिपाही नारायण बघेल का नाम भी पूछताछ में बताया है। इन सभी के खिलाफ जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग तस्करों व पैडलरों के 300 से ज्यादा वारंट नहीं होने दिए तामील
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लखन ही नहीं, अन्य पुलिस जवान भी ड्रग तस्करों के संपर्क में
असल में आजाद नगर थाने के सिपाही लखन ही नहीं, कई थानों के पुलिसकर्मी भी पैडलरों से हर महीने रुपए लेते हैं। पुलिसकर्मियों और पैडलरों के बीच अच्छी बातचीत है। यही कारण है कि पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह की नशे पर काबू पाने की हर मुहिम को असफल करने से ये पुलिसकर्मी बाज नहीं आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विजय नगर में हाल ही में एक तस्कर को पकड़ा गया था। उसने राजस्थान के पैडलर का नाम बताया था, लेकिन उसे होटल में पूछताछ कर छोड़ दिया गया। अपराध शाखा ने भी एक पैडलर की निशानदेही पर विक्की परियानी को पकड़ा था, लेकिन उसे भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि विक्की हाई-प्रोफाइल पार्टियों, पब, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस में ड्रग सप्लाई करता है। वहीं, पिछले दिनों 52 ग्राम एमडी ड्रग के साथ पकड़ा गया इरशाद शेख भी पुलिस के बड़े अफसरों से जुड़ा हुआ था।
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2 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ा गया, तब खुला राज
एडीशनल सीपी इंदौर लॉ एंड ऑर्डर अमित सिंह के मुताबिक, आईपीएस करणदीप सिंह की टीम ने 26 फरवरी को आरोपी मोहम्मद शाहनवाज उर्फ शाहरुख उर्फ पेट्रोल निवासी आजाद नगर और विजय पाटीदार निवासी मंदसौर को कस्तूरबा ग्राम रोड से 2 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था। पूछताछ में शाहरुख ने आजाद नगर थाने के सिपाही लखन गुप्ता का नाम कबूला।
आजाद नगर के ही एसीपी को सट्टेबाज ने दिया था बुके
कुछ दिन पूर्व आजाद नगर थाने में नए एसीपी हिमांशु कार्तिकेय का भव्य स्वागत किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देने पहुंचे। इसी दौरान इलाके के कुख्यात सट्टेबाज इरफान बिहारी ने एसीपी से मुलाकात कर उन्हें गुलदस्ता भेंट किया और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।
इरफान ने कुछ ही देर बाद यह फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दी, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीपी को जब इस मामले की जानकारी लगी, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसीपी हिमांशु कार्तिकेय को ट्रेनिंग के लिए भेज दिया।
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टीआई ने BJP नेता को सट्टे का अड्डा चलाने की दे रखी थी छूट
22 मई को सहायक पुलिस आयुक्त, परदेशीपुरा इंदौर महानगर जोन-2 के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन कर थाना खजराना क्षेत्र के अशरफी कॉलोनी में 12 लाख रुपए से ज्यादा का सट्टा पकड़ा गया। सट्टा थाना क्षेत्र में खुलेआम बड़े पैमाने पर चल रहा था।
उक्त प्रकरण में पुलिस टीम ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8 मोबाइल और सट्टा पर्ची के 9 बंडल भी जब्त किए थे। इसका मुख्य आरोपी सलीम मंसूरी भाजपा नेता था। जांच में पता चला कि खुद थाने के टीआई सुजीत श्रीवास्तव ने ही भाजपा नेता को सट्टा चलाने की छूट दे रखी थी।
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विजय नगर थाने के दो सिपाहियों की ड्रग तस्करों संग फोटो वायरल
विजय नगर थाने के पुलिस जवानों की भी ड्रग तस्करों के साथ फोटो व वीडियो वायरल हो चुकी हैं। असल में क्राइम ब्रांच ने नशे के मामले में आरोपी आमिर गौरी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
यही आमिर गौरी पहले क्राइम ब्रांच से हटाए गए एक सिपाही का मुखबिर था और उसने अब तक 22 से ज्यादा ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी में पुलिस की मदद की थी। जब उसका संपर्क क्राइम ब्रांच से टूट गया, तो उसने विजय नगर क्षेत्र में दो मामलों में पुलिस को जानकारी दी।
ड्रग तस्कर आमिर गौरी के साथ विजय नगर थाने में पदस्थ सिपाही कुलदीप गडकर और नीलेश मल्होत्रा की तस्वीरें वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया था। यह फोटो करीब छह महीने पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब इस मामले में कार्रवाई की गई है।