इंदौर ED ने नवभारत गृह निर्माण सोसायटी के घोटाले में 64 लाख की संपत्ति की अटैच

Sanjay Gupta | Feb 13, 2026, 19:17 IST
indore ed attaches property
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंदौर ने नवभारत गृह निर्माण सोसाइटी के पदाधिकारी की 64 लाख रुपए की संपत्तियां अटैच कीं। यह कार्रवाई एमजी रोड थाने में दर्ज धोखाधड़ी मामले पर आधारित है।

News in Short

  • ईडी इंदौर ने नवभारत गृह निर्माण सोसायटी के पदाधिकारी की 64 लाख की संपत्तियां अटैच की।
  • मामला एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें धोखाधड़ी के आरोप हैं।
  • आरोप है कि सोसायटी के पदाधिकारियों ने सोसाइटी के फंड से खरीदी जमीन को बेचा।
  • जांच में पाया गया कि यह सुनियोजित घोटाला था और आय रिकॉर्ड नष्ट किए गए थे।
  • गबन किए गए फंड को अवैध रूप से संपत्तियां खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।

News in Detail

प्रवर्तन निदेशालय (ED), इंदौर ने सोसायटी के जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। नवभारत गृह निर्माण सोसायटी के पदाधिकारियों की 64 लाख 16 हजार कीमत की संपत्तियों को अटैच किया गया है। यह संपत्तियां श्रीकांत घंटे, सुभाष दुबे के नाम पर है।



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पुलिस में दर्ज केस पर कार्रवाई

ईडी इंदौर ने एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर यह केस लिया था। इसमें अब जांच के बाद संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई गई है। संपत्तियां श्रीकांत घंटे और सुभाष दुबे के नाम पर भूखंड और आवासीय भवन है। पुलिस ने आईपीसी धारा 409, 420, 120बी के तहत यह केस दर्ज किया था। इसमें संस्था के पदाधिकारी आरोपी बने थे। आरोप है कि नव भारत गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड, इंदौर में वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी की गई है।



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ईडी ने जांच में यह पाया

ईडी की जांच में आया कि यह सुनियोजित घोटाला था। इसमें नवभारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी, इंदौर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य शामिल थे। उन्होंने नव भारत हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के फंड से खरीदी गई जमीन को अलग-अलग संस्थाओं को बेचा।



इससे मिले फंड का गबन कर संस्था के सदस्यों को धोखा दिया। साथ ही जमीन की बिक्री से प्राप्त आय के रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। अपराध की आय अर्जित की गई। अवैध रूप से गबन किए गए फंड को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग स्तरों पर जमा किया गया। बाद में अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।



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EOW भी कर रहा घंटे की जांच

दिसंबर 2025 में ईओडब्ल्यू ने भी घंटे और दुबे पर केस दर्ज किया है। यह मामला डाक तार गृह निर्माण सोसायटी में घोटाले को लेकर है। उन पर आरोप है कि उन्होंने संस्था के सदस्यों के बजाय अपने परिवार के सदस्यों और अयोग्य लोगों को प्लॉट बांटे, जिससे संस्था को नुकसान पहुंचाया। जांच में पाया गया कि प्लॉट का आवंटन नियमों के विपरीत किया गया था।





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