इंदौर में अमेजन कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम का आदेश, एक लाख रुपए ब्याज सहित लौटाओ

इंदौर उपभोक्ता फोरम ने अमेजन को उपभोक्ता को राशि लौटाने का आदेश दिया। कंपनी पर 21% ब्याज, मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार और वाद व्यय के रूप में पांच हजार का अर्थदंड लगाया है।

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Sanjay Gupta
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इंदौर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग क्रमांक-एक ने आनलाइन ई कामर्स कंपनी अमेजन के खिलाफ आदेश दिया है। उपभोक्ता ने माल की डिलीवरी लौटा दी थी, लेकिन इसके बाद भी कंपनी ने राशि नहीं लौटाई। फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी पर अर्थदंड लगाया है। 

इनके द्वारा लगाई गई याचिका

जागरूक उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार अमोलिया द्वारा परिवादी की ओर से केस लड़ा गया है। साथ ही और आयोग की सदस्य डॉ. निधि बारंगे द्वारा आदेश पारित किया गया। याचिकाकर्ता  मयंक जैन, निवासी वर्धमान नगर, भुवानी, इंदौर द्वारा प्रकरण दायर किया गया था।

जैन ने बताया कि ने अमेजन की वेबसाइट के माध्यम से अगस्त 2021 में दो परिधान उत्पाद (डिजाइनर लहंगा चोली) ऑनलाइन ऑर्डर किए थे। इसकी कीमत 97 हजार 998 रुपए थी। उत्पाद सही नहीं होने पर इसे लौटा दिया गया, लेकिन इसके बाद कंपनी ने राशि नहीं लौटाई। 

इंदौर उपभोक्ता फोरम ने यह दिया आदेश

प्रकरण की सुनवाई अध्यक्ष विकास राय तथा सदस्य  कुंदन सिंह चौहान एवं आयोग की सदस्य डॉ. निधि बारंगे की पीठ द्वारा की गई। आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (उपभोक्ता संरक्षण कानून) के अंतर्गत निर्णय पारित करते हुए अमेजन को निर्देशित किया कि परिवादी को दोनों उत्पादों की कुल राशि एक लाख रुपए 45 दिवस के भीतर लौटाई जाए।

साथ ही इस राशि पर 21 दिसंबर 2021 से भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा। साथ ही मानसिक कष्ट के प्रतिकर स्वरूप 10 हजार रुपए तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अतिरिक्त रूप से अदा किए जाएं।

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