इंदौर हाईकोर्ट का अहम फैसला, व्हाट्सएप मैसेज भी अब माना जाएगा मृत्युपूर्व कथन
Sanjay Gupta | Aug 07, 2026, 11:45 IST
indore hc whatsapp msg dying declaration
मप्र इंदौर हाईकोर्ट ने एक आदिवासी युवक के सुसाइड केस में अहम फैसला दिया। इसमें मोबाइल पर आए वाट्सअप मैसेज को भी मृत्युपूर्व कथन (मृत्यु के समय दिया जाने वाला बयान) की तरह मान्य किया है।
धार निवासी संतोष उर्फ लखन औसारी ने सुसाइड कर लिया था। आरोप था कि करण जाट, धर्मेंद्र जाट, उमेश जाट उसे कृषि भूमि को लेकर परेशान कर रहे थे। वह जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
इसी से परेशान होकर औसारी ने आत्महत्या कर ली। इसके पहले उसने पिता को तीन मैसेज किए थे। इसे अब हाईकोर्ट इंदौर ने अहम माना है।
इंदौर हाईकोर्ट जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने धार के विशेष न्यायालय के 27 जुलाई के आदेश को यथावत रखते हुए जमानत याचिकाएं खारिज कर दी।
कोर्ट ने औसारी द्वारा मृत्यु से पहले पिता को वाट्सएप पर भेजे गए तीन मैसेज को अहम माना। कोर्ट ने इन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह इलेक्ट्रानिक सबूत एक महत्वपूर्ण प्रथमदृष्टया 'मृत्युपूर्व कथन' है। इसमें आरोपियों के नाम लिए गए हैं।
इधर आरोपियों ने पक्ष रखा था कि उनका औसारी की आत्महत्या से कोई संबंध नहीं था। उन्हें पुरानी दुश्मनी की वजह से मामले में फंसाया गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि औसारी ने अपनी मौत से पहले भेजे गए वाट्सएप मैसेज में आरोपितों का नाम लिया था।
मत्यु पूर्व कथन (Dying Declaration) वह मौखिक या लिखित बयान है जो कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु से ठीक पहले अपनी मौत के कारणों या उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में देता है।
यह इस कानूनी सिद्धांत पर आधारित है कि मरने वाला व्यक्ति आमतौर पर झूठ नहीं बोलता है। भारतीय साक्ष्य कानून (अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 26(1), के तहत इसे अदालत में सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है। बयान देते समय व्यक्ति का मानसिक रूप से स्वस्थ और होश में होना जरूरी है।
ये भी पढ़ें...
राज्य ओबीसी आयोग ने CM को सौंपी 900 पेज की रिपोर्ट, 25 जातियां अधिक पिछड़ी
MP के प्राइमरी टीचर्स को म्युचुअल ट्रांसफर से मिलेगी मनपसंद पोस्टिंग, जानें कैसे
भोपाल में 10वीं पास युवाओं के लिए एमपी आयकर विभाग में सरकारी नौकरी
कमलनाथ के गढ़ में सीएम मोहन जीतेंगे जनविश्वास, लगाएंगे जनता दरबार
इसी से परेशान होकर औसारी ने आत्महत्या कर ली। इसके पहले उसने पिता को तीन मैसेज किए थे। इसे अब हाईकोर्ट इंदौर ने अहम माना है।
हाईकोर्ट ने यह दिया फैसला
कोर्ट ने औसारी द्वारा मृत्यु से पहले पिता को वाट्सएप पर भेजे गए तीन मैसेज को अहम माना। कोर्ट ने इन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह इलेक्ट्रानिक सबूत एक महत्वपूर्ण प्रथमदृष्टया 'मृत्युपूर्व कथन' है। इसमें आरोपियों के नाम लिए गए हैं।
आरोपियों ने यह दी थी दलील
क्या होता है मृत्यू पूर्व कथन
यह इस कानूनी सिद्धांत पर आधारित है कि मरने वाला व्यक्ति आमतौर पर झूठ नहीं बोलता है। भारतीय साक्ष्य कानून (अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 26(1), के तहत इसे अदालत में सबूत के रूप में स्वीकार किया जाता है। बयान देते समय व्यक्ति का मानसिक रूप से स्वस्थ और होश में होना जरूरी है।
ये भी पढ़ें...
राज्य ओबीसी आयोग ने CM को सौंपी 900 पेज की रिपोर्ट, 25 जातियां अधिक पिछड़ी
MP के प्राइमरी टीचर्स को म्युचुअल ट्रांसफर से मिलेगी मनपसंद पोस्टिंग, जानें कैसे
भोपाल में 10वीं पास युवाओं के लिए एमपी आयकर विभाग में सरकारी नौकरी
कमलनाथ के गढ़ में सीएम मोहन जीतेंगे जनविश्वास, लगाएंगे जनता दरबार
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA