परीक्षा से बचने के लिए छात्रों ने फैला दी प्रिंसिपल की मौत की झूठी खबर, शातिर प्लान का ऐसे भंडाफोड़
राहुल दवे@इंदौर
इंदौर से एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है। शहर के होलकर साइंस कॉलेज के छात्रों ने परीक्षा रुकवाने के लिए एक फर्जी पत्र तैयार किया। इस पत्र में प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन को मृत बताया गया था, ताकि कॉलेज प्रशासन परीक्षा स्थगित कर दे। यह पत्र रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे कॉलेज में अफरातफरी मच गई।
परीक्षा रोकने के लिए रची शातिर साजिश
स्टाफ के कॉल करने पर पोल खुली
14 अक्टूबर की रात कॉलेज के एचओडी डॉ. अर्पणा ने घबराए हुए प्रिंसिपल को फोन किया। उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि वॉट्सऐप पर उनके निधन की खबर चल रही है।
प्रिंसिपल को जब मिली अफवाह की जानकारी
प्रिंसिपल ने बताया कि वह पूरी तरह से ठीक हैं। इस अफवाह का कोई आधार नहीं है। इसके बाद, प्रिंसिपल ने सभी कॉलेज ग्रुप्स में मैसेज भेजकर स्थिति स्पष्ट की।
साजिश में शामिल थे दो छात्र
पुलिस जांच में पता चला कि यह साजिश बीसीए तीसरे वर्ष के छात्रों मयंक कछावा और हिमांशु जायसवाल ने रची थी। इन्होंने कॉलेज के नाम से एक फर्जी पत्र तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर फैला दिया।
पुलिस ने दोनों छात्रों पर किया केस दर्ज
भंवरकुआं पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ धारा 336 भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधिकारी नीलमणि ठाकुर ने बताया कि इस अफवाह के फैलने के कारण कॉलेज प्रशासन को रात में ही कार्रवाई करनी पड़ी। कई स्टाफ और छात्रों ने इस खबर को सच मान लिया था।
प्रिंसिपल ने लगाए मेंटल हैरेसमेंट के आरोप
प्रिंसिपल डॉ अनामिका जैन ने इस घटना पर कहा कि यह केवल एक मजाक नहीं था, बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत न कर सके।