मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस में नई लीडरशिप : यश घनघोरिया बने प्रदेश अध्यक्ष

Ramanand Tiwari | Nov 06, 2025, 18:34 IST
Photograph: (The Sootr)
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव में यश घनघोरिया ने सबसे ज्यादा वोट पाकर प्रदेश अध्यक्ष की सीट जीत ली। उन्हें 3 लाख 13 हजार 730 वोट मिले। चुनाव डिजिटल और पारदर्शी तरीके से हुआ, जबकि भाजपा ने यश की जीत पर परिवारवाद का आरोप लगाया।

BHOPAL. यश घनघोरिया बने प्रदेश अध्यक्ष: मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव खत्म हो गए हैं और यश घनघोरिया ने सबसे ज्यादा वोट पाकर जीत हासिल की है। वे जबलपुर के विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे हैं।



यश को 3 लाख 13 हजार 730 वोट मिले, जबकि भोपाल के अभिषेक परमार को 2 लाख 38 हजार 780 वोट मिले। इस तरह यश ने लगभग 75 हजार वोटों से बढ़त बनाई। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी के अनुसार, फिलहाल केवल वोटों की गिनती पूरी हुई है। अब विजेता उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा और उसके बाद औपचारिक ऐलान किया जाएगा।



साढ़े 14 लाख से ज्यादा युवाओं ने ली सदस्यता

मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव से पहले एक ऑनलाइन सदस्यता अभियान चलाया था। हर युवा को 50 रुपए सदस्यता शुल्क देकर ऐप के जरिए जुड़ना था। 20 जून से 19 जुलाई तक चले इस अभियान में 15,37,527 युवाओं ने फॉर्म भरे। इनमें से करीब 63 हजार युवाओं ने शुल्क जमा नहीं किया, जबकि 14.74 लाख युवाओं ने पूरी सदस्यता ली। यह दिखाता है कि युवाओं में कांग्रेस के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है, और वे संगठन से जुड़ना चाहते हैं।



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अध्यक्ष पद पर शीर्ष उम्मीदवार...

नाम (Name)वोट (Votes)
यश घनघोरिया3,13,730
अभिषेक परमार2,38,780
देवेंद्र सिंह दादू27,566
शिवराज यादव19,824
राजवीर कुडिया11,058
जावेद पटेल10,205

बाकी उम्मीदवारों को इससे कम वोट मिले।



महासचिव पद पर धीरज सिंह परिहार की जीत

महासचिव पद के लिए 182 उम्मीदवारों में कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें धीरज सिंह परिहार ने 17,716 वोट पाकर पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद सत्याम सिंह गुर्जर (15,201) और ऋषभ मिश्रा (14,699) रहे।



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डिजिटल चुनाव पारदर्शिता की जीत

इस बार युवा कांग्रेस के चुनाव पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम से कराए गए। इससे न केवल युवाओं की भागीदारी बढ़ी, बल्कि संगठन में नई पीढ़ी के नेताओं का रास्ता भी खुला। यश घनघोरिया की जीत कांग्रेस में युवा नेतृत्व के उभार का संकेत मानी जा रही है।



भाजपा का निशाना, परिवारवाद की जीत

आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस में लोकतंत्र सिर्फ नाम का है, जहां परिवारवाद ही असली विचारधारा बन चुकी है। उनके मुताबिक, चाहे युवा कितना भी संघर्ष कर लें, अंतिम निर्णय हमेशा परिवार के बंद कमरे में होता है।



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इस चुनाव ने दो तस्वीरें सामने रखीं...

एक तरफ कांग्रेस में युवा नेतृत्व की नई पीढ़ी का उभार और दूसरी तरफ विपक्ष के आरोप कि “परिवारवाद” अब भी पार्टी की पहचान बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यश घनघोरिया का नेतृत्व युवाओं को कितना आगे ले जाता है और क्या वे इस आलोचना से खुद को ऊपर साबित कर पाते हैं।





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