इंदौर में एक और अस्पताल का घिनौना खेल: प्रसूता की हालत बिगड़ी तो सरकारी अस्पताल के बाहर फेंक भागे!

Rahul Dave | Nov 25, 2025, 15:25 IST
Share
indore private hospital case
Photograph: (the sootr)

इंदौर के सेहरानिया हॉस्पिटल की घोर लापरवाही सामने आई है। डिलीवरी के दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ गई। अस्पताल ने इलाज करने के बजाय उसे सरकारी अस्पताल के बाहर लावारिस छोड़ दिया। इस गंभीर मामले की जांच अब स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।

INDORE. इंदौर के सेहरानिया हॉस्पिटल की शर्मनाक लापरवाही की खबर आई है। डिलीवरी के लिए भर्ती महिला की हालत अचानक बहुत बिगड़ गई थी। अस्पताल स्टाफ ने इलाज की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया। महिला को एम्बुलेंस में बैठाकर सरकारी अस्पताल के बाहर फेंक दिया गया। सरकारी डॉक्टरों ने महिला को तुरंत अंदर लेकर इलाज शुरू कर दिया। इस घटना की हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने तुरंत सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।

डिलीवरी नॉर्मल बताकर रुपए वसूले

14 नवंबर को अमरिन बी को प्रसव के लिए सेहरानिया हॉस्पिटल लाया गया था। हॉस्पिटल एक माह पहले ही खुला था। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर नुसरत ने केस को नॉर्मल डिलीवरी बताते हुए 13 हजार रुपए वसूले। लेकिन बाद में अलग-अलग बहानों से लगभग 11 हजार रुपए और वसूल लिए। डिलीवरी के लिए अंदर तो ले गए, लेकिन महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। वहां अस्पताल में पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं थे, इसलिए डॉक्टर घबरा गए। डॉक्टर ने हाथ खड़े करके महिला को सरकारी अस्पताल के बाहर छोड़ दिया। यह खबरें भी पढ़ें... इंदौर में संविधान दिवस पर 26 नवंबर को होगी जमकर राजनीति, सीएम, दिग्गी शहर में रीवा बना MP में इंडिगो का छठा शहर, दिल्ली के बाद इंदौर फ्लाइट सेवा 22 दिसंबर शुरू
0bbe5487-43a
0bbe5487-43a

रिफर का नाटक-एमवाय कहकर एमटीएच में छोड़कर फरार

हालत बिगड़ने पर स्टाफ ने परिजनों को 'ब्लड लाने' के बहाने बाहर भेज दिया। इसी दौरान उन्होंने महिला को एंबुलेंस से गुपचुप तरीके से शिफ्ट करना शुरू किया। परिजन को शंका हुई तो वे तुरंत एंबुलेंस का पीछा करने के लिए निकल पड़े। उन्होंने देखा कि महिला को एमटीएच हॉस्पिटल के बाहर उतार दिया गया था। महिला की गंभीर हालत देखकर अस्पताल स्टाफ मौके से तुरंत भाग निकला। यह देखकर परिवार घबराया और एमटीएच के डॉक्टरों से मदद मांगी।

डिलीवरी के दौरान बच्चेदानी कट गई थी, आईसीयू में भर्ती

एमटीएच के डॉक्टरों ने जांच में प्रसव के समय लापरवाही पाई है। लापरवाही के कारण महिला की बच्चेदानी ब्लेड से बुरी तरह कट गई थी। डॉक्टरों ने इसे स्पष्ट रूप से चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) कहा है। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टर बोले, थोड़ी भी देर होती तो महिला की जान जा सकती थी। उनके शरीर से बहुत सारा रक्त बह चुका था, जो खतरनाक था। आठ दिन तक आईसीयू में इलाज के बाद अब महिला की हालत सामान्य है। 24 नवंबर को महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। महिला के डिस्चार्ज होने के बाद यह गंभीर मामला सामने आया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में मारी दबिश

मामला इंदौर स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आने के बाद टीम तुरंत सेहरानिया हॉस्पिटल पहुंची। जांच में-
  • अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं मिली
  • दस्तावेज जब्त किए गए
  • लाइसेंस से लेकर स्टाफ की योग्यता तक पर सवाल उठे
  • अस्पताल की बदइंतजामी देखकर विभाग ने पुलिस को भी रिपोर्ट भेजी है।
  • परिजन बोले- “केस खराब किया, फिर भाग गए”

पीड़िता के पति सलमान का आरोप

“डॉक्टरों ने पैसे के लालच में डिलीवरी खराब कर दी। जब हालत बिगड़ी तो अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पत्नी को रास्ते में छोड़कर भाग निकले। मामले में हमें इंसाफ चाहिए।” यह खबरें भी पढ़ें... इंदौर की 300 करोड़ से अधिक कीमत की विवादित महालक्ष्मी धाम कॉलोनी में खरीदी-बिक्री पर रोक ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में इंदौरी अव्वल, एक-दो नहीं भर चुके है इतने करोड़ रुपए का जुर्माना

जिम्मेदार अधिकारी का लापरवाही पूर्वक जवाब

पूरे मामले में cmho डॉ हंसानी से बात की गई तो उन्होंने पहले तो बोला मामले की जानकारी नहीं है। फिर बोले रोज शिकायतें आती है कैसे बताएं।
Tags:
  • Indore
  • सीएम हेल्पलाइन
  • इंदौर स्वास्थ्य विभाग
  • डिलीवरी
  • Medical Negligence
  • इंदौर के सेहरानिया हॉस्पिटल
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज