इंदौर लोकायुक्त में PWD एसडीओ, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सब इंजीनियर 2.50 लाख की रिश्वत में धराए
इंदौर लोकायुक्त की कार्रवाई से मंगलवार 21 अप्रैल को पीडब्ल्यूडी विभाग में हड़कंप मच गया। एक साथ तीन भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हुई है। रिश्वत मांगने में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक 1 इंदौर के जयदेव गौतम, अनुविभागीय अधिकारी संभाग क्रमांक 1 इंदौर टीके जैन और यहीं के सब इंजीनियर अशु दुबे धरे गए।
ढाई लाख रुपए रिश्वत की राशि जब्त
इसमें आरोपी जयदेव गौतम के पास रिश्वत की 1.50 लाख की राशि और आरोपी टीके जैन के पास एक लाख की राशि जब्त की गई। इस तरह कुल ढाई लाख की रिश्वत राशि जब्त हुई है। सब इंजीनियर दुबे ने एक लाख मांगे थे, लेकिन राशि कम होने से इसे नहीं ली।
बिल भुगतान के बदले मांगी 3.50 लाख की रिश्वत
पीथमपुर धार के निवासी राजपाल सिंह पंवार संचालक पटेल श्री इंटरप्राइजेस शासकीय ठेकेदार है। इनकी फर्म ने मैथवाड़ा-फोरलेन पहुंच मार्ग का चार करोड़ 73 लाख 35 हजार का काम लिया था। यह काम चार करोड़ 51 लाख में कर दिया गया। इसके बिल के भुगतान की एवेज में गौतम ने डेढ़ लाख, जैन ने एक लाख और अंशु दबे ने भी एक लाख इस तरह कुल साढ़े तीन लाख की रिश्वत मांगी थी।
एसपी ने जांच दल बनाकर कराया ट्रैप
एसपी राजेश सहाय को इसकी शिकायत हुई और इसकी जांच कराई गई। इसके बाद ट्रैप दल बनाया गया। गौतम को उसके शासकीय निवास पर डेढ़ लाख और जैन को पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पोर्च के नीचे एक लाख लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। रिश्वत की राशि कम होने से सब इंजीनियर ने यह राशि नहीं ली गई। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
जांच दल में यह थे
ट्रेप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर के सात ही विवेक मिश्रा, आशीष शुक्ला, आदित्य सिंह भदौरिया, चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, आशीष आर्य, अनिल परमार, कृष्णा अहिरवार व अन्य थे।
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