टीआई इंद्रमणि पटेल पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- क्लीन चिट नहीं, लेकिन मौका दे रहे...
इंदौर चंदन नगर थाने के विवादित टीआई इंद्रमणि पटेल को सुप्रीम राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी को उन्हें थाने से हटाने के आदेश दिए थे। पॉकेट गवाह बनाने और एक आरोपी पर फर्जी केस बताए जाने के मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने थाने से हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद उन्हें लाइन हाजिर (लाइन अटैच) कर दिया गया था।
किसी का भी दिल कभी भी बदल सकता है - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में टीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने तर्क रखे कि उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था। वहीं, अब उन्हें गैर-संवेदनशील जगह पर पदस्थ करने की मंजूरी दी जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम उन्हें क्लीन चिट नहीं दे रहे हैं, लेकिन यह मानते हैं कि किसी को भी एक मौका दिया जाना चाहिए।
कोर्ट ने आगे कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वह बिना पक्षपात के संविधान के मुताबिक ड्यूटी करेंगे। साथ ही, साबित करेंगे कि वह ऐसे लोकसेवक हैं जिन पर कोर्ट भरोसा कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी लिखा कि किसी का भी दिल कभी भी बदल सकता है। इसे साबित करने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए।
टीआई पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में दिया आश्वासन
वहीं टीआई पटेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत पेश होकर कहा कि मैं आश्वस्त करता हूं कि किसी को भी शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम साफ कर देते हैं कि आपको कानून के मुताबिक आम जनता के लिए काम करना है, न कि किसी अथॉरिटी या व्यक्ति के पक्ष में काम करना है। एक लोकसेवक से जो उम्मीद की जाती है, वह काम किया जाए।
वहीं पॉकेट गवाह पर केंद्रीय स्तर पर बनेगी नीति
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पॉकेट गवाह पेश करने के मामले में केंद्रीय स्तर पर नीति बनाने के लिए कमेटी गठित कर दी है। इसमें हर राज्य में सीएस (मुख्य सचिव) और डीजीपी इसे देखेंगे। वहीं हर राज्य से एक एसपी स्तर का अधिकारी नोडल रहेगा। कमेटी की भोपाल पुलिस अकादमी में बैठक होगी। कमेटी का खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय उठाएगा।
क्या है चंदन नगर टीआई मामला?
टीआई चंदन नगर के खिलाफ अनवर हुसैन सुप्रीम कोर्ट गया था। इसमें कहा गया कि चार केस थे लेकिन आठ केस बताए गए और इसमें दुष्कर्म जैसे केस थे। इस कारण हाईकोर्ट ने गलत जानकारी के कारण जमानत नहीं दी।
वहीं इसी केस में इंटरवीनर असद वारसी बने और कहा कि चंदन नगर थाने से लगातार केस में पॉकेट गवाह (फर्जी पहले से तय गवाह) बनाए जा रहे हैं। मेरे केस में भी इसी तरह के गवाह पेश किए।
वारसी ने कई केस पेश कर दिए हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हुसैन की जमानत मंजूर करने के साथ ही टीआई को हटाने और पॉकेट गवाह मामले में सभी से जवाब तलब किया था।
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