इंदौर में यूरिया को दो करोड़ की ड्रग्स बताने के केस में 3 IPS की कार्य़शैली पर उठे सवाल, HC में याचिका
Sanjay Gupta | Feb 06, 2026, 17:50 IST
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इंदौर में ड्रग्स के नाम पर चार निर्दोषों को जेल भेजा गया था। जांच में पता चला कि ड्रग्स की जगह यूरिया था। मामले में अब तीन IPS अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
News in Short
- इंदौर में पुलिस ने निर्दोषों को ड्रग केस में फंसाया।
- जांच में ड्रग की बजाय यूरिया (पोटेशियम नाइट्रेट) पाया गया।
- आरोपी 10 महीने जेल में रहे, बाद में जमानत पर बाहर आए।
- पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप, मुआवजे की मांग की गई।
- आरक्षक गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह केस बदला लेने के लिए बनाया गया।
News in Detail
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पहले बताते हैं कि केस क्या है ?
वहां सड़क किनारे बाइक पर बैठे दो युवकों को रोका तो वह दोनों भागने लगे, फिर उन्हें पकड़ा गया। उनकी पहचान विजय पाटीदार निवासी मंदसौर और मोहम्मद शाहनवाज निवासी आजाद नगर के रूप में हुई। शाहनवाज की जेब से पाउडरनुमा पदार्थ, जिसे एएसआई रवि बट्टी और स्टाफ ने अनुभव के आधार पर एमडी (मेफेड्रोन ड्रग) पाया।
यह तौल करने पर 198 ग्राम था। इसे सील कर पाटीदार और शहनवाज को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट का केस किया। पूछताछ में इसमें पुलिस आरक्षक लखन गुप्ता और राजा उर्फ राजा बाबू खान निवासी मूसाखेड़ी इंदौर का नाम आया। इन्हें भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी जो निर्दोष थे वह इस केस में करीब 10 माह जेल में रहे और फिर जमानत हुई।
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जांच में यूरिया निकला
यहां दिसंबर 2025 में रिपोर्ट आई कि यह पोटेशियम नाइट्रेट है। यानी वहां भी जांच में यूरिया निकला। इसके बाद पुलिस ने केस खात्मा का आवेदन लगाया जहां विशेष न्यायाधीश नरसिंह बघेल ने इसे स्वीकार कर लिया।
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तीन-तीन IPS क्या कर रहे थे?
क्या प्रसिद्धी, अवार्ड के लिए यह किया ?
अधिवक्ता पाराशर ने कहा कि टीआई आदित्य सिंघानिया ने ट्रेनिंग पीरियड में अपनी ख्याति बढ़ाने के लिए यह किया गया। आरोपी बनाए गए शहनावज के खिलाफ उनकी पत्नी ने पुलिस को आवेदन दिया था जिस पर एसीपी करण सिंह ने शहनवाज को गिरफ्तार कराया। इसके बाद फिर इस ड्रग केस के लिए पूरी साजिश की गई, ताकि प्रसिद्धि मिल सके।
शहनवाज से ही इसमें आरक्षक लखन गुप्ता का नाम लिया गया और फिर उसे भी ड्रग केस में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। वकील सिरतुरे ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही का केस है। पहले भी पुलिस के पाकेट गवाह जैसे मामले सामने आ चुके हैं।
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इस मामले में 'द सूत्र' की तरफ से आईपीएस करनदीप सिंह और आदित्य सिंघानिया को फोन किया गया। मैसेज भी किया गया, लेकिन उनका जवाब नहीं आया।
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