बिना चुनाव विनय बाकलीवाल बने जैन समाज के अध्यक्ष, समाज में उबाल, अध्यक्ष मानने से इंकार
Rahul Dave | Jan 27, 2026, 22:34 IST
Photograph: (thesootr)
दिगम्बर जैन समाज इंदौर में बिना चुनाव विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष घोषित करने पर विवाद बढ़ गया है। 1 फरवरी को समाज की साधारण सभा का ऐलान किया गया है।
News In Short
- दिगम्बर जैन समाज में अध्यक्ष चयन को लेकर विवाद
- विनय बाकलीवाल को बिना चुनाव अध्यक्ष घोषित करने का आरोप
- समाज के संविधान में तय चुनाव प्रक्रिया को दरकिनार करने का दावा
- 7 जनवरी की बैठक का एजेंडा वोटर लिस्ट था, चुनाव नहीं
- समाज ने एक फरवरी को साधारण सभा बुलाने का ऐलान किया
News In Detail
समन्वय समिति के सदस्य दिलीप पाटनी का आरोप है कि समाज को एक करने के नाम पर विनय बाकलीवाल खुद अध्यक्ष बनकर बैठ गए हैं। व्यक्तिगत मेरे को दिक्कत नहीं है, लेकिन अध्यक्ष संविधान और चुनाव प्रक्रिया से आना चाहिए ।
vinay bakliwal
क्यों गहराया विवाद
समन्यवक समिति के सदस्य पाटनी जी के अनुसार, विनय बाकलीवाल को समन्वयक इसलिए बनाया गया था ताकि दो गुटों में बंट चुके समाज को एक मंच पर लाया जा सके। लेकिन इसी भूमिका का दुरुपयोग कर बिना साधारण सभा, बिना चुनाव अधिकारी और बिना मतदान खुद को अध्यक्ष घोषित कर दिया।
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समाज का संविधान क्या कहता है?
- दिगम्बर जैन समाज में अध्यक्ष चयन की स्पष्ट प्रक्रिया है
- हर जैन मंदिर अपने लेटरहेड पर प्रतिनिधियों के नाम भेजता है
- प्रतिनिधियों की जांच के बाद वोटर लिस्ट प्रकाशित होती है
- साधारण सभा (AGM) बुलाई जाती है
- चुनाव अधिकारी नियुक्त होता है
- नामांकन, मतदान और मतगणना के बाद अध्यक्ष चुना जाता है
अब तक के अध्यक्ष- सभी चुनाव से चुने गए
- स्वर्गीय हीरालाल जी झांझरी
- स्वर्गीय बाबूलाल जी पाटोदी
- कैलाश जी वेद
- स्वर्गीय प्रदीप कुमार कासलीवाल
- राजकुमार पाटोदी
दो अध्यक्षों से बिगड़ी बात, बनी समन्वय समिति
- एक पक्ष: राजकुमार पाटोदी
- दूसरा पक्ष: नरेंद्र वेद
7 जनवरी की बैठक और विवाद की जड़
समाज के संविधान के अनुसार बिना चुनाव अध्यक्ष घोषित करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि भविष्य में समाज की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है। यही कारण है कि विरोध सिर्फ व्यक्ति का नहीं, प्रक्रिया का है।
रिश्तों पर नहीं, संविधान पर सवाल
समाज का पलटवार-1 फरवरी को साधारण सभा
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आगे क्या?
- साधारण सभा में संवैधानिक प्रक्रिया पर फैसला
- अध्यक्ष पद को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद
- समाज की एकता या विवाद- दोनों में से एक तय होगा
- सुशील पांड्या, महामंत्री, दिगंबर जैन समाज
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