यशवंत क्लब में नए 43 सदस्य बनाने के लिए वोट आज, लेकिन वोटिंग कमेटी और प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल

Sanjay Gupta | Jan 25, 2026, 15:31 IST
yashwant club membership voting process issues
यशवंत क्लब में नए 43 सदस्य बनाने के लिए वोटिंग 25 जनवरी को हो रही है। वहीं, प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही, वोटिंग कमेटी की पारदर्शिता की मांग की जा रही है।

INDORE. मध्यप्रदेश के सबसे बड़े क्लब में शुमार यशवंत क्लब में 25 लाख रुपए से सदस्यता बनाने के दूसरे चरण के लिए वोटिंग रविवार, 25 जनवरी को हो रही है। वहीं, इस प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बार फिर वोटिंग कमेटी कठघरे में हैं। इसमें खासकर लिए गए 10 पूर्व चेयरमैन व सचिव पर सवाल हैं। ये बीती कमेटी वाले ही पुराने नाम हैं। इस वोटिंग प्रक्रिया से अब 43 सदस्य बनेंगे और दावेदार करीब 65 हैं।



क्या हो रही सदस्य बनाने की प्रक्रिया

यशवंत क्लब में प्रस्ताव पास कर साल 2000 के बाद बंद सदस्यता को खोला गया था। इसमें तय हुआ कि 25-25 करके चार साल में कुल 100 नए सदस्य बनाएंगे। इसकी फीस 25 लाख रुपए, प्लस जीएसटी अलग से लगेगा।



विवाद फर्म सोसायटी तक गया और इसके बाद मंजूरी हुई। फिर आवेदन बुलाए गए। इसमें 182 लोगों ने आवेदन किया। इसमें प्राथमिकता से पहले चरण में 75 सदस्यों के लिए क्लब संविधान के तहत बनी 50 सदस्यीय वोटिंग कमेटी के जरिए वोटिंग कराई गई।



तय हुआ कि दो साल की एक साथ सदस्यता 25-25 यानी कुल 50 को सदस्य बनाएंगे। इसमें अंतिम कटऑफ वोट पर 7 सदस्य आने के चलते 50 की जगह कुल 57 सदस्यों को चुना गया था। इसके बाद फिर तय हुआ कि बाकी बचे 43 सदस्यों को भी एक साथ बना लिया जाए। इसके तहत अब यह वोटिंग हो रही है।



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वोटिंग कमेटी पर इस तरह सवाल

क्लब संविधान के तहत वोटिंग कमेटी में कुल 50 सदस्य होते हैं। इसमें 10 सदस्य पूर्व चेयरमैन व सचिव होते हैं। 25 सदस्य वह होते हैं जो क्लब में 25 साल से अधिक समय के सदस्य हों। साथ ही, 15 सदस्य वह जो 15 से 25 साल से क्लब के सदस्य हों।



इसमें पूर्व चेयरमैन व सचिव में एक बार फिर पुरानी वोटिंग कमेटी वाले ही भोलू मेहता, रवि भास्कर, संतोष मिश्रा, अतुल मित्तल, जीडी मोहता, सुनील बजाज, अनिल महाजन, संदीप पारिख, संतोष वागले, दिलीप मेहता शामिल हैं।



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वोटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता की मांग

लगातार क्लब में मांग उठ रही है कि वोटिंग कमेटी चुने जाने। साथ ही, वोटिंग होने व गिनने तक की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से क्लब में सभी के सामने होनी चाहिए। वहीं, यह सभी बंद कमरे में कर ली जाती है। इसके चलते क्लब में मनमर्जी से हो रहे कामों को लेकर सदस्यों में भारी नाराजगी है।



क्लब में पहले चरण में यह हुआ था वोट का हाल

क्लब के पहले चरण में कई बड़े नाम कटऑफ वोट नहीं पाने के चलते बाहर हो गए थे। पूर्व विधायक संजय शुक्ला के बेटे सागर शुक्ला, मोनू भाटिया व उनके भाई जीएस भाटिया, गोपाल गोयल जैसे नाम शामिल थे।



वहीं सदस्य बनने वालों में सबसे ज्यादा वोट पाकर सदस्य बने डॉ. भरत अग्रवाल सहित कुल 57 थे। इसमें 17 सदस्यों को एक जैसे 35-35 वोट, 11 सदस्यों को एक जैसे 34-34 वोट और सात सदस्यों को कटऑफ वोट एक जैसे 33-33 वोट मिले थे।



बाकी आवेदकों में कई बड़े नाम

वहीं बाकी आवेदकों में सर्वेश झंवर, एमपीसीए के रोहित पंडित, सौरभ डाफरिया, भरत शाह, विवेक दम्मानी, यश खंडेलवाल, अमित वाधवानी, नीलेश काबरा, रोहित शुक्ला, गौरव मेहता, सुनील सोजतिया, रचिता जैन, आकाश शुक्ला, अमित गोयल, संजय गांधी, अविनाश मेहता, गिरीश अग्रवाल, डॉ. राजीव चौधरी, अक्षत चेलावत, वैभव जैन, कबीर चुग, अजय असुदानी, अजय मिश्रा, दीपक जैन, संजय दासौद व अन्य आवेदक बचे थे।



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