कोविड में गई पति की जान, 3 साल भटकने के बाद पत्नी को हाईकोर्ट से मिला मुआवजा
Ravi Singh | Jun 03, 2024, 16:20 IST
jabalpur
मुख्यमंत्री की कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में तहसीलदार और कलेक्टर को तो मुआवजा दिया गया पर चीफ मेडिकल ऑफिसर को अपात्र बता दिया। इसके बाद पीड़िता पत्नी इतने दिनों तक भटकने के लिए अतिरिक्त मुआवजा देने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया।
@ नील तिवारी - जबलपुर : अजयगढ़ के चीफ मेडिकल ऑफिसर अजय पटेरिया की कोरोना की दूसरी लहर में मौत होने के बाद भी मुआवजे के लिए सालों तक उनकी कैंसर पीड़ित पत्नी को भटकाया गया। मृतक अजय पटेरिया की पत्नी राजलक्ष्मी और बेटे सत्यरथ पटेरिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ( High Court ) ने आखिरकार पीड़ित पत्नी को न्याय दिलाया है।
पन्ना जिले के अजयगढ़ में मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट पर पदस्थ अरुण पटेरिया कोरोना के बचाव के दौरान दी गई ड्यूटी के दौरान ही कोरोना से संक्रमित हो गए और इलाज के दौरान 22 मई 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी राजलक्ष्मी ( Rajlakshmi ) ने सीएम कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना ( CM Covid-19 Warrior Welfare Scheme ) के अंतर्गत 50 लाख रुपए का मुआवजा ( compensation ) आवेदन दिया था। इसके बाद आवेदन की योग्यता को रखने के लिए जिला कलेक्टर पन्ना की अध्यक्षता में जून 2021 में एक मीटिंग भी संपन्न हुई जिसमें अरुण पटेरिया का क्लेम मुआवजे के लिए योग्य पाया गया।
जून 2021 और 18 अगस्त 2022 को जारी आदेश के अनुसार डिप्टी रिलीफ कमिश्नर ने मुआवजे के क्लेम को खारिज कर दिया। जिस फैसले के विरोध में मृतक अरुण पटेरिया की पत्नी और उनके बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस ए. के. सिंह और राजमोहन सिंह की युगल पीठ में इसी याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा गया कि पन्ना जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण रोको टोको अभियान में जनता को मास्क लगाने को प्रेरित करने से लेकर कोरोना संक्रमित लोगों की सार्थक एप में जानकारी डालने तक अपनी ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाला जोखिम भरा काम कर रहे थे। कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के पैरा 3.1 के अनुसार वह सभी शासकीय सेवक जो कोरोना बचाव में कार्यरत हैं साथ ही सैंपल लेने कोरोना के रोकथाम जैसे सैंपल लेने, मरीज को आइसोलेशन में भेजने जैसे जोखिम भरे कम कर रहे हैं वह सभी इस योजना के लिए पात्र है।
ये खबर भी पढ़ें...
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे अब बेचेंगे दूध और डेयरी प्रोडक्ट, जान लें ब्रांड का नाम और प्लान
युगल पीठ ने अपने आदेश में कहा की स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अरुण पटेरिया को दिए गए असाइनमेंट के आधार पर या स्पष्ट है कि उनके परिजन इस योजना के लिए पात्र हैं। इसी तरह के कार्यों में ड्यूटी पर रहे तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर की कोरोना से ही मृत्यु हुई और उन्हें इस योजना के लिए पात्र माना गया तो फिर अरुण पटेरिया को पात्र ना मनाना बहुत ही अजीब है। इसके साथ युगल पीठ ने मृतक की कैंसर पीड़ित पत्नी को 50 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही मृतक की पत्नी राजलक्ष्मी और उनके पुत्र को इतने दिनों तक भटकने के लिए शासन को 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया जो याचिकाकर्ता को एक माह के भीतर देने के आदेश दिए गए।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
क्या है पूरा मामला
पन्ना जिले के अजयगढ़ में मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट पर पदस्थ अरुण पटेरिया कोरोना के बचाव के दौरान दी गई ड्यूटी के दौरान ही कोरोना से संक्रमित हो गए और इलाज के दौरान 22 मई 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी राजलक्ष्मी ( Rajlakshmi ) ने सीएम कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना ( CM Covid-19 Warrior Welfare Scheme ) के अंतर्गत 50 लाख रुपए का मुआवजा ( compensation ) आवेदन दिया था। इसके बाद आवेदन की योग्यता को रखने के लिए जिला कलेक्टर पन्ना की अध्यक्षता में जून 2021 में एक मीटिंग भी संपन्न हुई जिसमें अरुण पटेरिया का क्लेम मुआवजे के लिए योग्य पाया गया।
डिप्टी रिलीफ कमिश्नर ने किया क्लेम रिजेक्ट
जून 2021 और 18 अगस्त 2022 को जारी आदेश के अनुसार डिप्टी रिलीफ कमिश्नर ने मुआवजे के क्लेम को खारिज कर दिया। जिस फैसले के विरोध में मृतक अरुण पटेरिया की पत्नी और उनके बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस ए. के. सिंह और राजमोहन सिंह की युगल पीठ में इसी याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा गया कि पन्ना जिला कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण रोको टोको अभियान में जनता को मास्क लगाने को प्रेरित करने से लेकर कोरोना संक्रमित लोगों की सार्थक एप में जानकारी डालने तक अपनी ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाला जोखिम भरा काम कर रहे थे। कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के पैरा 3.1 के अनुसार वह सभी शासकीय सेवक जो कोरोना बचाव में कार्यरत हैं साथ ही सैंपल लेने कोरोना के रोकथाम जैसे सैंपल लेने, मरीज को आइसोलेशन में भेजने जैसे जोखिम भरे कम कर रहे हैं वह सभी इस योजना के लिए पात्र है।
ये खबर भी पढ़ें...
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे अब बेचेंगे दूध और डेयरी प्रोडक्ट, जान लें ब्रांड का नाम और प्लान
तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर को मिला मुआवजा तो पीड़िता को क्यों नहीं
युगल पीठ ने अपने आदेश में कहा की स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अरुण पटेरिया को दिए गए असाइनमेंट के आधार पर या स्पष्ट है कि उनके परिजन इस योजना के लिए पात्र हैं। इसी तरह के कार्यों में ड्यूटी पर रहे तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर की कोरोना से ही मृत्यु हुई और उन्हें इस योजना के लिए पात्र माना गया तो फिर अरुण पटेरिया को पात्र ना मनाना बहुत ही अजीब है। इसके साथ युगल पीठ ने मृतक की कैंसर पीड़ित पत्नी को 50 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही मृतक की पत्नी राजलक्ष्मी और उनके पुत्र को इतने दिनों तक भटकने के लिए शासन को 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया जो याचिकाकर्ता को एक माह के भीतर देने के आदेश दिए गए।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA