RGPV पर निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को फर्जी मान्यता देने का आरोप

Neel Tiwari | Sept 11, 2024, 20:05 IST
Jabalpur RGVP private engineering
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) से संबंधित कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेज फर्जी तरीके से मान्यता ले रहे हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

नर्सिंग कॉलेज घोटाले के बाद अब प्रदेश में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मान्यता और संचालन के नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। अभिभावक उपभोक्ता संरक्षण मंच और नागरिक उपभोक्ता मंच ने जबलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में यह बड़ा खुलासा किया है। मंच के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि राज्य के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) से संबंधित कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेज फर्जी तरीके से मान्यता प्राप्त कर रहे हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।



मनमाने तरीके से दी गई मान्यता

एआईसीटीई नियमों के अनुसार किसी कॉलेज के संचालन में फैकल्टी का होना सबसे आवश्यक होता है। कॉलेज इन नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ कॉलेज में फैकल्टी के नाम दर्ज तो है, लेकिन वे वहां काम ही नहीं करते है। साथ ही कुछ फैकल्टी विदेशों में रहने लगी हैं और कुछ का तो निधन भी हो चुका है। कुछ कॉलेजों में प्लेग्राउंड के साथ लाइब्रेरी भी नहीं है। इतनी सारी अनियमितताओं के होने के बाद भी RGPV पर फर्जी तरीके से इन कॉलेजों को मान्यता देने का आरोप लगाया गया है।



https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-garbhkal-the-sootr-survey-6952867



अनियमितताओं पर ज्ञान गंगा इंस्टीट्यूट के कॉलेज का दिया हवाला

प्रफुल्ल सक्सेना और राकेश चक्रवर्ती ने बताया कि जबलपुर स्थित ज्ञानगंगा ग्रुप के जीजीआईटीएस और जीजीसीटी कॉलेजों द्वारा फर्जी फैकल्टी की सूची जारी की गई है। एआईसीटीई के नियमानुसार यहां 325 फैकल्टी होने चाहिए, जबकि वास्तविकता में कॉलेज में इतनी संख्या में शिक्षक नहीं हैं।



ये खबर भी पढ़ें...



'अचार, माता का प्रसाद और गुलकंद'... CBI ने नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में किया बड़ा खुलासा



नर्सिंग कॉलेज घोटाला : जांच में धांधली करने वाले सीबीआई अफसरों को बचा रही सरकार?



RGPV पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि आरजीपीवी से लगातार इस मामले को लेकर शिकायत की जा रही थी, लेकिन आरजीपीवी द्वारा इसके उलट निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को नियमों को अनदेखा करते हुए मान्यता दी गई है। इसमें भ्रष्टाचार की होने संभावना जताई जा रही है। इस मामले में भी नर्सिंग कॉलेज घोटाले की तरह इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।



ये खबर भी पढ़ें...



नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में बड़ा खुलासा: दोयम दर्जे के आउटसोर्स कर्मचारी देते थे कॉलेजों को मान्यता



नर्सिंग कॉलेज घोटाला : HC का आदेश- MP के 169 सूटेबल नर्सिंग कॉलेजों की फिर होगी जांच



हाईकोर्ट में दायर याचिका पर होगी सुनवाई

संघ के सदस्यों ने बताया कि शिकायतों के बावजूद शासन और आरजीपीवी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण यह मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। संघ ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की है, जिसकी जल्द सुनवाई की उम्मीद है। यह घोटाला उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले में उचित वैधानिक जांच के साथ न्यायालय से कार्यवाही करने की मांग करी गई है।



Tags:
  • MP News
  • जबलपुर न्यूज
  • नर्सिंग कॉलेज घोटाला
  • एमपी नर्सिंग कॉलेज घोटाला
  • आरजीपीवी कॉलेज
  • इंजीनियरिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा