इंदौर फैमिली कोर्ट का आदेश, जैन समाज को हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तलाक का हक नहीं

Sandeep Kumar | Mar 04, 2025, 18:41 IST
jain-samaj-family-court
जैन समाज को लेकर इंदौर फैमिली कोर्ट का एक ताजातरीन फैसला विवाद का कारण बना है। कोर्ट ने जैन समाज को अल्पसंख्यक बताते हुए तलाक की याचिकाएं खारिज कीं। इस पर जैन समाज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां पर सुनवाई 18 मार्च को होगी।

इंदौर फैमिली कोर्ट का फैसला जैन समाज के लिए चिंता का विषय बन गया है। कोर्ट ने जैन समाज के दंपती के तलाक की याचिका खारिज कर दी, इस आधार पर कि जैन समाज हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक नहीं ले सकता क्योंकि इसे अल्पसंख्यक वर्ग में माना गया है। इसके खिलाफ जैन समाज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।



कोर्ट का निर्णय और जैन समाज की आपत्ति

ये खबर भी पढ़िए...एक्सीडेंट में कोमा में गया डॉक्टर, बीमा कंपनी को देना पड़ेगा 95 लाख का क्लेम



'जैन धर्म काफी पुराना'

राजेश जैन ने जैन धर्म को लेकर कहा कि जैन धर्म का इतिहास रामधारी सिंह दिनकर की पुस्तक "संस्कृति" में भी उल्लेखित है और इम्पीरियल गजेटियर ऑफ इंडिया में भी यह लिखा गया है कि जैन धर्म के 23 तीर्थंकर पहले से थे। उन्होंने यह भी कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की किताब में मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिले सबूत जैन धर्म से जुड़े हैं, जो इसके प्राचीन अस्तित्व को प्रमाणित करते हैं।



ये खबर भी पढ़िए...OLA इलेक्ट्रिक करेगी छंटनी, 1000 हजार से अधिक कर्मचारियों को निकालेगी बाहर



फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दलील

ये खबर भी पढ़िए...AIIMS भोपाल में आएगी AI आधारित कैंसर स्क्रीनिंग मशीन, कम खर्च में तेजी से मिलेगा सटीक इलाज



क्या है जैन समाज का मानना?

राजेश जैन ने कहा कि जैन धर्म का अस्तित्व हजारों साल पुराना है और इसे सनातन धर्म का हिस्सा माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वोट मांगते समय नेता जैन समाज को सनातनी कहते हैं, लेकिन कोर्ट इस बात को नहीं मान रहा। यह जैन समाज के साथ अत्याचार है।



ये खबर भी पढ़िए...EXAM से बचने के लिए घर से दूर भागा छात्र, पुलिस ने किया बरामद





Tags:
  • इंदौर न्यूज
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • इंदौर फैमिली कोर्ट
  • मध्य प्रदेश
  • जैन समाज
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • हिंदू समाज
  • प्रांत के मंत्री राजेश जैन