जीतू तो जाटव हैं, समाज बोला- CM से प्रभावित छपरी लोग भी लगा रहे यादव
पार्षद कमलेश कालरा के घर पर समर्थक गुंडे भेजने वाले एमआईसी मेंबर जीतू यादव जो वास्तव में जाटव है, उनके सरनेम को लेकर विवाद होने लगा है। जीतू द्वारा यादव सरनेम का उपयोग करने पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा मध्यप्रदेश व समग्र यादव समाज, इंदौर ने आपत्ति ली है।
समाज ने यह बोला
सीएम भी हमारे यादव, इसलिए छपरी लोग लगा रहे
समाजजनों ने कहा कि म.प्र. के वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी यादव समाज से ही हैं, जिससे यादव समाज का गौरव और अधिक बढ़ा है। इंदौर में भी यादव समाज के लोगों ने शासन प्रशासन, खेलकूद, पहलवानी, राजनीति, व्यापार- व्यवसाय सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी साख और धाक जमा रखी है। जिससे प्रभावित होकर आजकल के कुछ छपरी टाइप के युवा लोग अनाधिकृत रूप से हमारे गौरवशाली यादव समाज के सरनेम "यादव" का दुरुपयोग करने लगे हैं। ये घुसपैठिए, नकली लोग अपनी आदतों और संस्कारों के वशीभूत होकर उल्टे सीधे काम करके यादव समाज को शर्मसार करने का काम करने लग जाते है और उसी से ये लोग उजागर भी हो जाते हैं।
सरनेम चोरी करना जीतू को शोभा नहीं देता
समाज ने कहा कि जीतू द्वारा 'यादव' सरनेम का उपयोग चोरी से और अनाधिकृत रूप से करना उनके जैसे सम्मानित पद वाले व्यक्ति को बिल्कुल भी शोभा नहीं देता है। वह कुल की परंपरा निभाते हुए अपने सम्माननीय चर्मकार समाज के सरनेम 'जाटव' का ही उपयोग करें। जो भी व्यक्ति हमारे 'यादव' सरनेम का अनाधिकृत उपयोग करता मिलेगा,उसके खिलाफ हम कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे, यही अनुरोध है। वह गौरवशाली यादव समाज द्वारा लिखे जाने वाले सरनेम का अनाधिकृत रूप से दुरुपयोग करते है, जो बिल्कुल अनुचित और अनैतिक है। यादव समाज शासन द्वारा बनाए जाति वर्ग में पिछड़े वर्ग में आता है, हम अनुसूचित जाति वर्ग से नहीं आते हैं।
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