जबलपुर में आंदोलन पर अड़े जूनियर डॉक्टर, गुस्सा खत्म करने शासन कर रहा किस्तों में भुगतान, जानें क्या है मांग
Vikram Jain | Jan 08, 2024, 24:00 IST
जबलपुर में आंदोलन पर अड़े जूनियर डॉक्टर, गुस्सा खत्म करने शासन कर रहा किस्तों में भुगतान, जानें क्या है मांग
स्टाइपेंड न मिलने से भड़के जबलपुर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर अड़े हैं।
वेंकटेश कोरी, JABALPUR. स्टाइपेंड न मिलने से भड़के जबलपुर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर अड़े हैं। मंगलवार और बुधवार को ओपीडी बंद रखने का ऐलान कर चुके डॉक्टरों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है यही वजह है कि उन्होंने अब 11 जनवरी से सभी सेवाओं को बंद करने का ऐलान कर दिया है। जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 350 से ज्यादा जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के डीन और जबलपुर के संभाग आयुक्त को पत्र देकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि शासन के पास सभी सेवाओं और सुविधाओं के लिए बजट उपलब्ध है लेकिन जूनियर डॉक्टरों को स्टाइपेंड देने के लिए बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है।
विरोध के बाद हो रहा किस्तों में भुगतान
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में 350 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हैं जो पिछले कई माह से स्टाइपेंड न मिलने को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर चंद्रबाबू रजक के मुताबिक उनके द्वारा स्टाइपेंड के लिए आवाज उठाने के बाद शासन द्वारा किस्तों में भुगतान किया जा रहा है। किसी को 5 दिन तो किसी को 10 और किसी को 15 दिन के हिसाब से इस्टाइपेंड की राशि जारी की जा रही है जो कि नाकाफी है। उन्होंने कहा है कि शासन किस्तों में भुगतान जरूर कर रहा है लेकिन इसमें भी कई जूनियर डॉक्टरों को कोई राशि नहीं आई है।
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लगातार मिल रहा समर्थन
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. चंद्रबाबू रजक के मुताबिक उनके आंदोलन की सुगबुगाहट पाकर आसपास के कई मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स संगठन ने भी अपना समर्थन दे दिया है लिहाजा मंगलवार से वे अपने आंदोलन की शुरुआत करने वाले हैं और शुरुआती दौर में ओपीडी बंद करेंगे इसके बाद अन्य सेवाओं को भी बाधित करने की उनकी योजना है।
विरोध के बाद हो रहा किस्तों में भुगतान
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में 350 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हैं जो पिछले कई माह से स्टाइपेंड न मिलने को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर चंद्रबाबू रजक के मुताबिक उनके द्वारा स्टाइपेंड के लिए आवाज उठाने के बाद शासन द्वारा किस्तों में भुगतान किया जा रहा है। किसी को 5 दिन तो किसी को 10 और किसी को 15 दिन के हिसाब से इस्टाइपेंड की राशि जारी की जा रही है जो कि नाकाफी है। उन्होंने कहा है कि शासन किस्तों में भुगतान जरूर कर रहा है लेकिन इसमें भी कई जूनियर डॉक्टरों को कोई राशि नहीं आई है।
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लगातार मिल रहा समर्थन
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. चंद्रबाबू रजक के मुताबिक उनके आंदोलन की सुगबुगाहट पाकर आसपास के कई मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स संगठन ने भी अपना समर्थन दे दिया है लिहाजा मंगलवार से वे अपने आंदोलन की शुरुआत करने वाले हैं और शुरुआती दौर में ओपीडी बंद करेंगे इसके बाद अन्य सेवाओं को भी बाधित करने की उनकी योजना है।
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