खजुराहो में बनेगा सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस, रक्षा मंत्रालय से मिली मंजूरी

Jitendra Shrivastava | Oct 22, 2025, 17:28 IST
Photograph: (THESOOTR)
मध्यप्रदेश के खजुराहो (Khajuraho) में सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस बनेगा। इसकी योजना को रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। एयरबेस बनने से क्षेत्र की रणनीतिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

KHAJURAHO. मध्यप्रदेश काखजुराहो अभी तक ऐतिहासिक मंदिरों और टूरिज्म के लिए जाना जाता था। अब जल्द ही देश की रक्षा ताकत का बड़ा केंद्र बनने वाला है। रक्षा मंत्रालय ने खजुराहो में देश का सबसे बड़ा एयरबेस बनाने को हरी झंडी दे दी है।



खजुराहो एयरपोर्ट के पास ही ये एयरबेस तैयार होगा और इसकी मंजूरी ऑपरेशन सिंदूर के बाद मिली है। अब फाइटर जेट बेस यहां सेउड़ान भरेंगे और बड़े-बड़े सैन्य विमान भी तैनात रहेंगे। इस फैसले से इलाके को सुरक्षा और विकास दोनों का जबरदस्त फायदा होगा।



खजुराहो को मिली बड़ी सौगात

मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो में ये एयरबेस बनने जा रहा है। भारतीय वायुसेना (IAF) और रक्षा मंत्रालय ने मिलकर इसकी योजना शुरू कर दी है। खजुराहो एयरबेस के लिए करीब 1000 एकड़ जमीन चुनी गई है, जो खजुराहो एयरपोर्ट के पास है।



खास बात ये है कि यह एयरबेस सिर्फ छोटे जहाजों के लिए नहीं होगा, बड़े सैन्य विमानों और फाइटर जेट्स दोनों के लिए तैयार किया जाएगा।



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सांसद वीडी शर्मा ने क्या कहा?

एयरबेस को लेकर लोकसभा सांसद और मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का कहना है कि खजुराहो एयरपोर्ट का बेहतर इस्तेमाल हो, इसके लिए उन्होंने कई बार रक्षा मंत्री से मुलाकात की और लगातार इस प्रस्ताव पर बात की।



वीडी शर्मा ने बताया कि इस परियोजना को लेकर शुरुआती काम शुरू हो चुका है। ये सिर्फ खजुराहो के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। उनका मानना है कि इस एयरबेस के आने से इलाके की सुरक्षा से लेकर आर्थिक गतिविधियों तक, हर क्षेत्र में मजबूती आएगी और स्थानीय विकास की रफ्तार भी तेज होगी।



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क्यों खजुराहो में बनेगा एयरबेस?

  1. अब सवाल उठता है- इतने सारे शहरों में से खजुराहो ही क्यों?
  2. खजुराहो एक पठारी इलाका है, यानी जमीन सपाट और मजबूत है।
  3. यहां की आबादी भी कम है, इसलिए एयरबेस के लिए जगह मिलने और काम करने में आसानी होगी।
  4. पाकिस्तान की सीमा से ये न तो बहुत पास है, न बहुत दूर यानी रणनीतिक तौर पर एकदम सही।

इसलिए जब ग्वालियर, झांसी और प्रयागराज जैसे शहरों का भी सर्वे हुआ, तब भी खजुराहो को सबसे सुरक्षित और सही जगह माना गया।



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एयरबेस से क्या-क्या फायदा होगा?

विकास और रोजगार...

  • एयरबेस बनने से रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
  • एयरबेस का काम शुरू होते ही कई लोगों को निर्माण, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स जैसी नौकरियां मिलेंगी।

टूरिज्म को बढ़ावा...

  • खजुराहो पहले से ही विश्व धरोहर स्थल है।
  • अब एयरबेस बनने से यहां की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे और ज्यादा टूरिस्ट आएंगे।

सड़कों और एयरपोर्ट का सुधार...

एयरबेस बनने के साथ-साथ इलाके की सड़कें, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट सब अपग्रेड होंगे।



एयरबेस योजना के मुख्य बिंदु...

तथ्यविवरण
स्थानखजुराहो एयरपोर्ट, मध्य प्रदेश
चिह्नित जमीनलगभग 1000 एकड़
उद्देश्यसेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरबेस बनाना
उपयोगफाइटर जेट्स और बड़े सैन्य विमान संचालन
रणनीतिक महत्वमध्य भारत की सुरक्षा और सैन्य ताकत बढ़ाना
स्थानीय असरविकास, रोजगार, मुआवजा और टूरिज्म को बढ़ावा

अब आगे क्या-क्या होगा...

  • जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • सरकार और वायुसेना की टीम स्थानीय लोगों से बातचीत करके मुआवज़ा तय करेगी।
  • फिर शुरू होगा प्लानिंग का काम- रनवे, हैंगर, रडार सिस्टम, सुरक्षा बंकर, सब कुछ एक-एक करके तैयार किया जाएगा।
  • साथ ही आसपास के इलाके में सड़कें, बिजली, पानी और दूसरी सुविधाएं भी सुधारी जाएंगी।

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सेना के लिए क्यों है ये जरूरी...

  • ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों के बाद सेना को लगा कि मध्य भारत में एक मजबूत बेस की बहुत जरूरत है। खजुराहो का ये नया एयरबेस उस जरूरत को पूरा करेगा।
  • यहां से सेना को तेजी से एक्शन में आने, मिशन को कंट्रोल करने और जरूरत पड़ने पर दूसरे हिस्सों में पहुंचने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों को क्या मिलेगा...

  • जिनकी जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा मिलेगा।
  • एयरबेस बनने के बाद आसपास नई दुकानें, होटल, ट्रांसपोर्ट आदि शुरू होंगे- जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आमदनी दोनों मिलेगी।

निष्कर्ष:

खजुराहो अब सिर्फ एक टूरिस्ट प्लेस नहीं रहेगा। जल्द ही यहां से फाइटर जेट्स की आवाजे गूंजेंगी और देश की सुरक्षा में अहम रोल निभाया जाएगा। इस एयरबेस से मध्य भारत की सैन्य ताकत भी मजबूत होगी और खजुराहो का नाम भी एक नई पहचान के साथ जुड़ जाएगा।



FAQ

  1. खजुराहो एयरबेस की योजना कब शुरू हुई?
    इस योजना का आरम्भ दक्षिण‑निर्देशित रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुआ है और वर्तमान में भारतीय वायु सेना की टीम एवं भारतीय रक्षा मंत्रालय की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खजुराहो में लगभग 1000 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
  2. खजुराहो एयरबेस (खजुराहो एयरबेस) के चयन में मुख्य कारण क्या थे?
    खजुराहो का चयन इसलिए हुआ क्योंकि यह एक पठारी इलाका है जहां आबादी कम है, भू‑स्थिति रणनीतिक रूप से अनुकूल है, पाकिस्तान सीमा से बहुत दूर न होने के बावजूद सुरक्षित माना गया है, और इस क्षेत्र में विस्तार की संभावना अच्छी है।


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