रक्तदान करने वालों की VIP एंट्री, इस ज्योतिर्लिंग में मिलेगी सुविधा

मंदिर में वीआईपी एंट्री पाने के लिए रक्तदान करें। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। ऐसे भक्त जो रक्तदान करते हैं उन्हें मंदिर में VIP एंट्री दी जाएगी।

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खंडवा में रक्तदान के महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में रक्तदान करने वाले भक्तों को वीआईपी एंट्री की सुविधा दी जाएगी। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश मिलते ही ये सुविधा शुरू की जाएगी।

कलेक्टर गुप्ता ने गुरुवार को रक्तदान से जुड़े समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाए। 

रक्तदाताओं का होगा सम्मान 

कलेक्टर ने निर्देश जारी कर कहा कि जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में आने वाले रक्तदाताओं को फल और ताजा रस उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही स्मृति चिन्ह के तौर पर रक्तदाताओं को कैरी बैग और की-रिंग जैसी सामग्रियां उपहार में दी जाएं। 

ओंकारेश्वर मंदिर में जागरुकता अभियान 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट एवं रेडक्रॉस की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर एक बैठक की गई, इस दौरान फैसला लिया गया कि रक्तदान के लिए एक स्थाई यूनिट शुरू की जाएगी।

जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें कलेक्टर समेत जिले के पंच-सरपंच और पार्षद मौजूद रहेंगे। वहीं कलेक्टर ने ब्लड बैंक की चलित इकाई (Mobile Unit) को सुधारने और  बाजार के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता बोर्ड (फ्लेक्स) लगाने के आदेश दिए हैं। ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके। 

हेल्पलाइन और रिमाइंडर सुविधा 

कलेक्टर ने अपनी इच्छा से रक्तदाताओं के लिए एक विशेष सिस्टम विकसित करने को कहा है। ताकि उनके पास 4 महीने बाद रक्तदान के लिए ‘रिमाइंडर’ भेजा जा सके। इसके साथ ही सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कलेक्टर ने आदेश दिए हैं। रक्तदाताओं की सुविधा के लिए एक हेल्पलाइन नम्बर शुरू करने को कहा है। 

ओंकारेश्वर मंदिर से जुड़ी रोचक बातें...

1. ओंकारेश्वर मंदिर एमपी के खंडवा जिले में स्थित है।
2. यह भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। 
3. इसे चौथे ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाता है।
4. यह मंदिर प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला में बना है।
5. धार्मिक मान्यता की माने तो, विंध्य पर्वत की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे।
6. तीर्थयात्री नर्मदा में स्नान करने के बाद 8 किलोमीटर की 'ओंकार परिक्रमा' (ओम पर्वत की परिक्रमा) लगाते हैं।

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