कूनो में बढ़ेगा चीतों का कुनबा, साल के अंत तक दक्षिण अफ्रीका से आएंगे 12 मेहमान
Amresh Kushwaha | Sept 14, 2026, 09:04 IST
दक्षिण अफ्रीका से आएंगे 12 और चीते
दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते अक्टूबर से दिसंबर के बीच कूनो नेशनल पार्क लाए जाएंगे। कूनो में चीतों की भीड़ और इनब्रीडिंग की समस्या को देखते हुए फेज-2 मास्टर प्लान तैयार है। इसके तहत 18 चीते बन्नी, गांधी सागर और नौरादेही भेजे जाएंगे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- दक्षिण अफ्रीका से 12 नए चीते कूनो नेशनल पार्क आएंगे।
- इनके आने की तारीख अगले एक महीने में तय होगी।
- केंद्रीय वन मंत्रालय जल्द इसकी औपचारिक घोषणा करेगा।
- कूनो में चीतों की संख्या बढ़ने से जगह की कमी हो रही है।
- फेज-2 में 18 चीते तीन नए ठिकानों में भेजे जाएंगे।
कब आएंगे नए मेहमान चीते
क्यों बढ़ रहा चीतों का कुनबा
मौजूदा जानकारी के अनुसार अभी देश में चीतों की कुल संख्या 57 के करीब है। इनमें से अधिकतर कूनो नेशनल पार्क में ही रह रहे हैं। बाकी चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा जा चुका है। इतनी बड़ी संख्या के चलते अब कूनो पर दबाव बढ़ गया है।
फेज-2 का मास्टर प्लान
इसी वजह से भारत में जन्मे 18 चीतों को नई जगहों पर भेजने की तैयारी है। इनमें गुजरात की बन्नी सेंचुरी शामिल है। साथ ही मंदसौर की गांधी सागर सेंचुरी का नाम भी है। तीसरी जगह है रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे नौरादेही के नाम से भी जाना जाता है। यह तीनों जगहें चीतों के लिए नए घर के तौर पर तैयार की जा रही हैं।
गांधी सागर में तैयारी पूरी
बन्नी-नौरादेही में तैयारी
इसका मतलब है ऐसा बाड़ा, जहां चीतों को धीरे-धीरे खुले जंगल में छोड़ने की आदत डाली जाती है। दूसरी तरफ नौरादेही में भी काम तेजी से चल रहा है। यहां 35 किलोमीटर लंबी चेनलिंक फेंसिंग का काम अंतिम चरण में है। यह फेंसिंग चीतों को सुरक्षित रखने और उन्हें भागने से रोकने के लिए जरूरी है।
अब तक चीता प्रोजेक्ट का सफर
आगे की योजना
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए चीतों के आने से जेनेटिक डायवर्सिटी यानी नस्लीय विविधता और मजबूत होगी। इससे चीतों की सेहत और प्रजनन क्षमता दोनों बेहतर होंगी। आने वाले महीनों में इस पूरे प्लान पर काम और तेज होने की उम्मीद है।
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