आस्था फाउंडेशन सोसाइटी में 200 करोड़ का घोटाला, EOW की FIR में फंसा LNCT का चौकसे परिवार
आस्था फाउंडेशन सोसायटी में 200 करोड़ के करीब का घोटाला हुआ है। इस मामले में संस्था के पूर्व प्रेसीडेंट अनिल संघवी की शिकायत पर एलएनसीटी के जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता, श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे, आशीष जायसवाल समेत अन्य के खिलाफ आर्थिक अपराध की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। जय नारायण चौकसे हाल ही में सोसायटी में नए सिरे से हुए चुनाव में प्रेसीडेंट पद पर आए हैं। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील भी दायर की गई है।
यह लगे हैं आरोप
इस तरह की गई ठगी
जांच में यह सामने आया कि 32 करोड़ का लोन आस्था फाउंडेशन के नाम पर लिया गया। लेकिन इसे चौकसे परिवार के ट्रस्ट एचके कल्चुरी ट्रस्ट के पुराने कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया गया। इनके द्वारा 21 दिन में करीब 22 करोड़ का कर्ज पारिवारिक ट्रस्ट के कर्ज उतारने में इस्तेमाल किया गया।
इन्होंने 8.22 करोड़ की फीस छात्रों से वसूली और इसका उपयोग निजी कंपनियों और परिवार के खातों में किया। यहां तक कि करीब 50 लाख की छात्रवृत्ति परिवार की कंपनी के खातों में चली गई। इन्होंने करीब 51 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन किया और यह राशि पूरी तरह से लौटकर नहीं आई। निर्माण कार्यों के नाम पर करोड़ों का भुगतान किया गया, लेकिन काम हुआ ही नहीं। दवा और किताबों की खरीदी में भी घोटाला किया गया। 20 करोड़ का अनसिक्योर्ड लोन दिया गया। 35 करोड़ खाते से निकाले गए।
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आस्था फाउंडेशन सोसाइटी की खबर को एक नजर में समझें
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इन धाराओं में हुआ केस
ईओडब्ल्यू (EOW) ने बीएनएस की धारा 61, 316, 318, 338 और 336(3) के तहत केस दर्ज कर जय नारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता, श्वेता चौकसे, पूनम चौकसे, पूजा चौकसे और आशीष जायसवाल समेत अन्य को आरोपी बनाया है।