अब मध्य प्रदेश की सड़कों पर दौड़ेंगी सरकारी बसें, सर्वे का काम पूरा, इंदौर-उज्जैन से होगी शुरुआत
Sanjay Dhiman | Aug 05, 2025, 17:57 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी बस सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इंदौर और उज्जैन से इस सेवा की शुरुआत होगी, जबकि अन्य शहरों में सर्वे जारी है।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। इस कदम से न केवल शहरों में परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान होगी।
सर्वे पूरा हो चुका है और अब इंदौर-उज्जैन और जबलपुर-सागर संभाग में सरकारी बसें चलाने का रास्ता साफ हो चुका है। इस सेवा का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक बनाना और यात्री संकट को कम करना है।
सरकार ने एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी का गठन किया है, जिसे "मप्र यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड" (Madhya Pradesh Passenger Transport and Infrastructure Limited) नाम दिया गया है। इस कंपनी के तहत सात सहायक कंपनियों का भी पुनर्गठन किया गया है। इन कंपनियों को विभिन्न जिलों में सिटी बस सेवा चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें प्रमुख शहर जैसे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, ग्वालियर आदि शामिल हैं।
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इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे पहले सरकारी बस सेवाएं शुरू की जाएगी। इन दोनों शहरों के बीच रूट निर्धारण का कार्य अब अंतिम चरण में है। साथ ही, ट्रैफिक दबाव और यात्रियों की संख्या का भी सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद जबलपुर-सागर संभाग में भी इसी तरह के सर्वे किए जाएंगे।
इसके बाद, अगले चरण में भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, ग्वालियर, और चंबल संभाग में बस सेवा के लिए मार्ग निर्धारण और सर्वे किया जाएगा। यह चरण आने वाले महीनों में पूरा किया जाएगा, जिससे राज्य के अन्य हिस्सों में भी सरकारी बस सेवा का विस्तार होगा।
नई सरकारी बस सेवाओं में यात्रियों को क्विक रिस्पांस पोर्टल, कैशलैस किराया सिस्टम, और मॉडर्न बस स्टैंड जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह कदम राज्य में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाएगा।
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प्रदेशस्तरीय होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे, जबकि उपाध्यक्ष परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव होंगे। इन कंपनियों में आईएएस स्तर के अधिकारी सीईओ के रूप में कार्य करेंगे। इनकी जिम्मेदारी परिवहन विभाग के तहत सार्वजनिक बस सेवाओं की उचित देखरेख होगी।
मध्यप्रदेश सरकार की योजना है कि अगले कुछ वर्षों में राज्य के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में सरकारी बस सेवाओं का विस्तार किया जाए। इस विस्तार के साथ ही राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि बेहतर परिवहन सुविधाओं से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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सर्वे पूरा हो चुका है और अब इंदौर-उज्जैन और जबलपुर-सागर संभाग में सरकारी बसें चलाने का रास्ता साफ हो चुका है। इस सेवा का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक बनाना और यात्री संकट को कम करना है।
स्टेट लेवल होल्डिंग कंपनी का गठन
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इंदौर-उज्जैन से होगी शुरुआत
प्रदेश के अन्य शहरों का होगा सर्वे
सरकारी बस सेवा की इस योजना को ऐसे समझें👉 मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। 👉 सबसे पहले इंदौर और उज्जैन में सरकारी बसों का संचालन शुरू होगा, रूट निर्धारण का काम अंतिम चरण में है। 👉 अगले चरण में जबलपुर, सागर, भोपाल, रीवा और अन्य शहरों में भी सरकारी बस सेवा का विस्तार होगा। 👉 नई बस सेवाओं में क्विक रिस्पांस पोर्टल, कैशलैस किराया सिस्टम और मॉडर्न बस स्टैंड जैसी सुविधाएं होंगी। 👉 राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी का गठन किया गया है, जिसमें आईएएस स्तर के अधिकारी सीईओ के रूप में कार्य करेंगे। |
आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें
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होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष होंगे मुख्यमंत्री
सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में चलेंगी सरकारी बसें
FAQ
- मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा कब शुरू होगी?
मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा सबसे पहले इंदौर-उज्जैन संभाग में शुरू होगी। इसके बाद, जबलपुर, सागर, भोपाल और अन्य शहरों में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा। इस समय रूट निर्धारण और सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। - क्या सरकारी बसों में कैशलैस किराया सिस्टम होगा?
जी हां, सरकारी बसों में कैशलैस किराया सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बिना नकद भुगतान किए यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा डिजिटल भुगतान के माध्यम से उपलब्ध होगी। - इस बस सेवा से किस प्रकार का लाभ होगा?
इस बस सेवा के शुरू होने से राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे ट्रैफिक की समस्या कम होगी, और यात्रा के दौरान सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिलेगा। इसके अलावा, सरकारी बस सेवा से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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