दिव्यांग सैनिकों को मिलेगी 1 करोड़ रुपए तक की मदद, सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में मोहन सरकार का बड़ा फैसला
Raj Singh | Sept 25, 2024, 09:34 IST
the sootr
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सेना के जवानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने फैसला किया है कि अब युद्ध या आतंकी हमले में घायल हुए जवानों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में सरकार ने फैसला लिया कि युद्ध, आतंकी हमले या सेना के ऑपरेशन के दौरान दिव्यांग हुए सैनिकों को राज्य सरकार पहले 10 लाख रुपए देती थी। लेकिन अब से सरकार उन्हें एक करोड़ रुपए तक की आर्थिक सहायता देगी, जो दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर तय होगी। साथ ही राज्य सरकार शहीद सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली सहायता राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार करने जा रही है।
सम्मान निधि की राशि में इजाफा
इन सबके अलावा एमपी सरकार ने सेना में शामिल होने वाली बेटियों को लेकर भी अहम फैसला लिया है। सरकार ने बताया कि सेना में शामिल होने वाली बेटियों के माता-पिता को पहले सम्मान निधि के तहत 10 हजार रुपए दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपए किया जाएगा। शहीद या दिव्यांग सैनिक की बेटी या बहन की शादी पर सरकार अब 10 हजार रुपए की जगह 51 हजार रुपए अनुदान देगी।
बता दें कि मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण बोर्ड की 20वीं बैठक हुई। इस बैठक में ये फैसले लिए गए। इसके साथ ही शहीद सैनिकों के आश्रित परिजनों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता अब तय समय में दी जाएगी।
ये भी खबर पढ़िए... कांग्रेस बोली- राशन दुकान वाले बना रहे बीजेपी के सदस्य, वीडी शर्मा का पलटवार
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि रिटायर्ड सैनिकों को बंदूक लाइसेंस देने के लिए समय-सीमा तय की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों का संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों के बंदूक लाइसेंस के निशुल्क नवीनीकरण के लिए परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर्स भूतपूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की विधवाओं की मासिक सहायता राशि 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार करने के प्रस्ताव के साथ ही शहडोल में सैनिक विश्राम गृह के निर्माण की जांच के आदेश दिए गए हैं। एमपी में इस समय करीब 70 हजार भूतपूर्व सैनिक रहते हैं। जबकि वर्तमान में 30 हजार युवा सेना में कार्यरत हैं। सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों की संख्या की बात करें तो यह 4 लाख है।
सम्मान निधि की राशि में इजाफा
इन सबके अलावा एमपी सरकार ने सेना में शामिल होने वाली बेटियों को लेकर भी अहम फैसला लिया है। सरकार ने बताया कि सेना में शामिल होने वाली बेटियों के माता-पिता को पहले सम्मान निधि के तहत 10 हजार रुपए दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपए किया जाएगा। शहीद या दिव्यांग सैनिक की बेटी या बहन की शादी पर सरकार अब 10 हजार रुपए की जगह 51 हजार रुपए अनुदान देगी।
सैनिक कल्याण बोर्ड की 20वीं बैठक
ये भी खबर पढ़िए... कांग्रेस बोली- राशन दुकान वाले बना रहे बीजेपी के सदस्य, वीडी शर्मा का पलटवार
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि रिटायर्ड सैनिकों को बंदूक लाइसेंस देने के लिए समय-सीमा तय की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों का संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों के बंदूक लाइसेंस के निशुल्क नवीनीकरण के लिए परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
30 हजार युवा सेना में कार्यरत
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman