मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षाकर्मियों को भी मिलेगी ग्रेच्युटी
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 21, 2025, 15:43 IST
Gratuity to teachers
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा शिक्षाकर्मियों को ग्रेच्युटी से वंचित नहीं करने का आदेश दिया। पंचायत सेवा से राज्य सेवा में आए शिक्षकों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (HC) ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षाकर्मियों को ग्रेच्युटी से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए कहा कि पंचायत विभाग मध्य प्रदेश में शिक्षक के तौर पर कार्यरत और बाद में शिक्षा विभाग में मर्ज हुए शिक्षकों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। यह आदेश उन शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है जो पंचायत सेवा से राज्य सेवा में शामिल हुए हैं।
हाईकोर्ट ने 1976 के नियमों के नियम 44 के आधार पर फैसला सुनाया कि पांच साल की सेवा की शर्त आवश्यक है, लेकिन इससे ग्रेच्युटी से वंचित नहीं किया जा सकता। सेवानिवृत्त शिक्षक शिवनाथ सिंह के मामले में, जो पांच साल की सेवा पूरी किए बिना ही सेवानिवृत्त हुए थे, कोर्ट ने ग्रेच्युटी का लाभ सुनिश्चित किया।
ये भी पढ़ें:
व्यापमं पुलिस कांस्टेबल भर्ती केस : हाई कोर्ट ने रद्द की डॉ. अजय मेहता के खिलाफ CBI-STF की FIR
ग्रेच्युटी एक संवैधानिक लाभ है जो सेवा के दौरान कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करता है। शिक्षकों का ग्रेच्युटी से वंचित होना न केवल उनके आर्थिक अधिकारों का हनन है, बल्कि इससे उनके सम्मान और सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। इस फैसले से पंचायत से शिक्षा विभाग में शामिल शिक्षकों को न्याय मिला है।
सरकार ने लगाई थी याचिका
राज्य सरकार ने रिट याचिका दाखिल कर उस ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पंचायत से शिक्षा विभाग में शामिल शिक्षकों को ग्रेच्युटी देने का निर्देश दिया गया था। सरकार का तर्क था कि यह शिक्षक मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत ग्रेच्युटी के पात्र नहीं हैं क्योंकि नियमों में पांच साल की सेवा की शर्त है और वे नियम के अंतर्गत परिभाषित कर्मचारी नहीं हैं। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारी की परिभाषा से बहिष्कार तभी लागू होगा जब कोई व्यक्ति ग्रेच्युटी के लिए अन्य नियमों के तहत शासित हो। चूंकि पंचायत सेवा गैर-पेंशन योग्य है और शिक्षकों के मामले में ऐसा नहीं है, इसलिए यह बहिष्कार लागू नहीं होगा।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
ये भी पढ़ें:
व्यापमं पुलिस कांस्टेबल भर्ती केस : हाई कोर्ट ने रद्द की डॉ. अजय मेहता के खिलाफ CBI-STF की FIR
ग्रेच्युटी का महत्व
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava