उच्च शिक्षा में ‘अफसरशाही की कुश्ती’: मंत्रालय vs आयुक्त टकराव में फंसी सीनियरिटी, प्रोफेसर बेहाल
Ramanand Tiwari | Mar 31, 2026, 23:29 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में मंत्रालय और आयुक्त उच्च शिक्षा के बीच सीनियरिटी पर टकराव स्थिति बन रही है। प्रोफेसर अब सीनियरिटी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में सीनियरिटी को लेकर अब सीधा टकराव सामने आ गया है। सहायक प्राध्यापक संघ ने ACS अनुपम राजन तक लिखित शिकायत की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। उल्टा विभाग ने 2024 की प्रोविजनल सूची को किनारे कर 2026 में 2012 की सूची जारी कर दी। मंत्रालय और आयुक्त कार्यालय की खींचतान में अब पूरा सिस्टम कठघरे में है और प्रोफेसर सबसे ज्यादा नुकसान झेल रहे हैं।
उच्च शिक्षा विभाग में फैसले अब प्रक्रिया से नहीं, बल्कि आपसी असहमति से प्रभावित दिख रहे हैं। मंत्रालय और आयुक्त कार्यालय के बीच समन्वय की कमी अब खुलकर सामने आ चुकी है। इसका सीधा असर सीनियरिटी जैसे अहम मुद्दे पर पड़ा है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में पुलिस के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगी 53 साल पुरानी CID की इंटरनल विजलेंस विंग!
भोपाल कमिश्नर ऑफिस को बम की धमकी देने वाला गिरफ्तार, एमपी में 12 संस्थान थे निशाने पर
सहायक प्राध्यापक एसोसिएशन ने ACS अनुपम राजन को लिखित शिकायत दी। उम्मीद थी कि स्पष्टता आएगी, लेकिन हालात और बिगड़ गए। शिकायत के बाद सुधार की बजाय 2024 की सूची ही हटा दी गई।
पूर्व आयुक्त निशांत बरवड़े के कार्यकाल में 2024 की प्रोविजनल सूची जारी हुई थी। नियम के मुताबिक इसे फाइनल होना था, लेकिन विभाग ने उसे ही निरस्त कर दिया। अब 2026 में 2012 की सूची जारी करना पूरे सिस्टम की विफलता को दिखाता है।
स्थिति इतनी खराब है कि प्रोफेसर खुद अपनी सीनियरिटी और हक के लिए लड़ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है—जब शिक्षक ही असमंजस में हैं, तो वे छात्रों को कितनी एकाग्रता से पढ़ा पाएंगे?
शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष प्रो. आनंद शर्मा ने साफ कहा कि मंत्रालय और आयुक्त कार्यालय के बीच तालमेल पूरी तरह फेल है। उनके मुताबिक, 2024 के बाद फाइनल सूची आनी चाहिए थी, लेकिन 2026 में 2012 की सूची जारी करना अव्यवस्था को बढ़ाता है।
विभाग में अलग-अलग नियमों का मिश्रण चल रहा है:
अब सवाल सिर्फ विभाग का नहीं, बल्कि सरकार की निगरानी पर भी उठ रहा है। जब ACS स्तर तक शिकायत के बाद भी सुधार नहीं होता, तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
विवाद और गहराएगा मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि कोर्ट केस बढ़ेंगे, प्रमोशन और नियुक्तियां अटकेंगी। विभाग की विश्वसनीयता और गिरेगी।
मंत्रालय-आयुक्त की खींचतान में उच्च शिक्षा बना प्रयोगशाला। यह मामला अब सिर्फ एक सूची का नहीं रहा, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहां अफसरों की आपसी खींचतान का खामियाजा पूरा शिक्षा तंत्र भुगत रहा है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में राजस्व संकट: शराब और रियल एस्टेट से एक दिन में चाहिए 6 हजार करोड़
एमपी में गहराया TET विवाद, शिक्षक संघों ने किया प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
IAS अनुपम राजन सीनियरिटी की अनदेखी
मंत्रालय vs आयुक्त: टकराव का सीधा असर
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में पुलिस के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगी 53 साल पुरानी CID की इंटरनल विजलेंस विंग!
भोपाल कमिश्नर ऑफिस को बम की धमकी देने वाला गिरफ्तार, एमपी में 12 संस्थान थे निशाने पर
ACS को शिकायत, फिर भी नहीं बदली स्थिति
निशांत बरवड़े की सूची ‘गायब’, 2012 की वापसी
मुख्य गड़बड़ियां
- 2011 के बाद से नियमित सीनियरिटी लिस्ट नहीं बनी
- 2024 की अपडेटेड सूची को बिना ठोस कारण हटाया गया
- 2012 की पुरानी सूची को फिर लागू किया गया
- सैकड़ों प्रोफेसरों की सीनियरिटी संदिग्ध हो गई
- बड़ी संख्या में आपत्तियां और संभावित कोर्ट केस
प्रोफेसर अपनी लड़ाई में उलझे
जमीनी स्तर पर सिस्टम फेल
- नई सूची में कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं:
- सीनियर प्रोफेसरों को जूनियर दिखाया गया
- प्रमोशन के बाद भी पदनाम अपडेट नहीं
- जूनियर्स ने सीनियर्स की CR लिखी
- 2018 के फैसलों और पुराने नियमों में टकराव
आनंद शर्मा का सीधा आरोप
नियमों का भी हुआ ‘मिसमैच’
- UGC रेगुलेशन समय पर लागू नहीं
- 2015 के बाद कोई बड़ा संशोधन नहीं
- 2018 के नियमों से CR, लेकिन बाकी प्रक्रिया पुराने ढर्रे पर
सरकार और सिस्टम दोनों सवालों के घेरे में
आगे क्या?
“सीनियरिटी नहीं, ‘सिस्टम फेल’
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में राजस्व संकट: शराब और रियल एस्टेट से एक दिन में चाहिए 6 हजार करोड़
एमपी में गहराया TET विवाद, शिक्षक संघों ने किया प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
IAS अनुपम राजन सीनियरिटी की अनदेखी
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava