/sootr/media/media_files/2026/02/20/madhya-pradesh-new-liquor-policy-2026-27-2026-02-20-08-44-20.jpg)
News In Short
- नई आबकारी नीति में शराब की दुकानों का रिन्यू नहीं होगा।
- शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से होगा।
- विदेशी शराब की बॉटलिंग फीस 6 रुपए से बढ़कर 12 रुपए होगी।
- नर्मदा नदी के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में अब दुकानें नहीं लग सकेंगी।
News In Detail
MP New Liquor Policy: इसके अलावा, शराब के अहाते भी नहीं खोले जाएंगे। राज्य में कुल 3 हजार 553 मदिरा दुकानों का आवंटन अब ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के जरिए होगा। इस बार आरक्षित मूल्य में 20% की बढ़ोतरी की गई है।
विदेशी शराब की बॉटलिंग फीस बढ़ा दी गई है। अब स्पिरिट पर फीस 6 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपए प्रति प्रूफ लीटर हो गई है। वहीं बीयर पर फीस 3 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए प्रति बल्क लीटर कर दी गई है। ये नई दरें 2026-27 से लागू होंगी।
अब शराब के ब्रांड की कीमत बढ़ाने के लिए आबकारी आयुक्त के पास फाइल भेजने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, डिस्लरी पोर्टल पर आवेदन अपलोड किया जाएगा, और सिस्टम अन्य राज्यों की दरों से मिलान करेगा। शर्तें पूरी होने पर ऑटोमेटिक अप्रूवल मिल जाएगा।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/02/20/madhya-pradesh-new-liquor-policy-2026-27-2026-02-20-10-42-06.jpeg)
पुराने नियम वैसे के वैसे रहेंगे
नर्मदा नदी के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में अब दुकानें नहीं लग सकेंगी। पवित्र नगरों में भी जो नियम हैं वही बने रहेंगे। नई नीति अगले वित्तीय साल से लागू होगी।
महुआ मदिरा को बढ़ावा
आदिवासी स्वसहायता समूहों के लिए एक नया कदम उठाया गया है। इसमें आदिवासियों के जरिए महुआ से बनी शराब को अन्य राज्यों में ड्यूटी फ्री करने की योजना बनाई गई है।
इसके बदले अब मध्य प्रदेश में दूसरे राज्यों की हेरिटेज शराब की बिक्री ड्यूटी फ्री रखी जाएगी। साथ ही 1अप्रैल से शराब की कीमतों में 20% की बढ़ोतरी होने वाली है। यह जानकारी डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में आबकारी नीति को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने के साथ दी है।
thesootr Knowladge
*ये प्रूफ लीटर क्या होता है?
प्रूफ लीटर शराब उद्योग में इस्तेमाल होने वाली एक मानक इकाई है। ये शराब की मात्रा को उसके अल्कोहल की सांद्रता (गाढ़ेपन) के आधार पर मापती है। यह कुल वॉल्यूम को अल्कोहल प्रतिशत से गुणा करके निकाला जाता है।
उदाहरण के लिए 40% अल्कोहल वाली एक लीटर शराब में 0.4 प्रूफ लीटर होते हैं। दूसरे शब्दों प्रूफ लीटर (Proof Litre) का मतलब है शुद्ध अल्कोहल की मात्रा। सामान्यतः 57.1% अल्कोहल वाली स्पिरिट को एक प्रूफ लीटर मानकर गणना की जाती है।
प्रूफ लीटर की गणना का तरीका क्या है?
फॉर्मूला: प्रूफ लीटर = कुल लीटर × अल्कोहल प्रतिशत (दशमलव में)
उदाहरण: 750 मिली (0.75 लीटर) की बोतल में 42.8% अल्कोहल हो तो प्रूफ लीटर = 0.75 × 0.428 = 0.321।
प्रूफ लीटर का उपयोग कहां होता है?
भारत सरकार और राज्य एक्साइज विभाग शराब के स्टॉक, बिक्री और ड्यूटी के लिए प्रूफ लीटर का उपयोग करते हैं। यह सादे लीटर से अलग होता है क्योंकि अल्कोहल की शुद्ध मात्रा पर टैक्स लगता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी में बढ़ सकती हैं शराब की कीमतें, नई लिकर पॉलिसी में छोटे खिलाड़ियों को भी मिलेगा मौका
शराब समझकर पिया 'मेथेनॉल फ्यूल', चार मजदूरों की मौत, प्रशासन अलर्ट
एमपी न्यूज: महंगी शराब बिकने का मुद्दा सदन में फिर गूंजा, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
शराब ठेकेदारों की मोनोपोली होगी खत्म, तस्करों की भी टूटेगी कमर, आबकारी नीति में यह बदलाव
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us