100 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला एमपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, ऐसे करता था ठगी, ED भी कर रही जांच

पन्ना पुलिस ने कर्नाटक के मंगलुरु से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो लोन दिलाने के नाम पर लोगों को ठगता था। आरोपी के खिलाफ 27 मामले पहले से दर्ज है।

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Dablu Kumar
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मध्य प्रदेश में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगने करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में पन्ना पुलिस ने कर्नाटक के मंगलुरु से आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो लोन दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करता था। आरोपी का नाम रोशन सत्हाना है। उसके खिलाफ देशभर में 27 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 35 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है।

धोखाधड़ी का मामला कैसे सामने आया

पन्ना जिले के निवासी साजिद खान ने अपने रिसॉर्ट के लिए लोन लेने के लिए एक फर्जी कंपनी ‘साई कंसल्टेंट्स’ से संपर्क किया था। कंपनी ने लोन अप्रूव कराने का वादा करते हुए उनसे अलग-अलग किस्तों में कुल 32 लाख रुपए ले लिए। लेकिन न तो लोन मिला और न ही उनके पैसे वापस हुए। ठगी का शिकार होने के बाद साजिद खान ने पुलिस से मदद मांगी और कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

इस तरह पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम बनाई और साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान की। पता चला कि मुख्य आरोपी रोशन सत्हाना पहले ही मंगलुरु की जेल में बंद था। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर पन्ना बुलाया और उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि "साई बाबा फाइनेंस" नाम की कंपनी पूरी तरह से फर्जी थी। पुलिस ने कंपनी के दफ्तर की भी तलाशी ली, लेकिन वहां कोई दस्तावेज या ठोस सबूत नहीं मिले।

लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाली खबर पर एक नजर 

  • पन्ना पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी रोशन सत्हाना को मंगलुरु से गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ने "साई कंसल्टेंट्स" नाम की फर्जी कंपनी बनाकर साजिद खान से 32 लाख रुपए ठगे।
  • आरोपी के खिलाफ देशभर में 27 मामले दर्ज हैं, जिनमें कुल 35 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है।
  • पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर पन्ना लाकर पूछताछ की और कंपनी के दफ्तर से कोई सबूत नहीं मिला।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) आरोपी की संपत्ति की जांच कर रहा है, और मामले की जांच जारी है।

आरोपी के खिलाफ जांच जारी

एसपी साईं कृष्णा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अन्य राज्यों में भी कई मामले दर्ज हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी आरोपी के खिलाफ जांच कर रही है और उसकी संपत्ति को लेकर भी जांच जारी है। आरोपी की कुछ संपत्ति ईडी के द्वारा जब्त भी की गई है। आरोपी के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के 27 मामले दर्ज हैं, जिनमें कुल रकम करीब 35 करोड़ रुपए की है। एसपी साईं कृष्णा ने बताया कि आरोपी ने इसी तरह से करीब 100 करोड़ रुपए धोखाधड़ी से कमाया है। एपसी ने अनुमान लगाया है कि यह आकंड़ा 100 करोड़ से ज्यादा भी हो सकता है। 

इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया कि कैसे धोखाधड़ी के जरिए आरोपी लोगों को फर्जी लोन दिलाने का झांसा देता था। हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

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लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले ऐसे रैकेट ने न सिर्फ साजिद खान जैसे व्यक्तियों को शिकार बनाया, बल्कि अन्य कई लोग भी इस धोखाधड़ी का शिकार हो सकते थे। जब साजिद खान ने कंपनी से संपर्क किया था, तो उसे भरोसा दिलाया गया था कि जल्द ही उसे लोन मिल जाएगा। लेकिन बाद में यह सब एक फर्जी घोटाला साबित हुआ।

लोन के नाम पर ठगी करने वाली कंपनियां आमतौर पर इस तरह के झांसे देती हैं और फिर लोगों से अलग-अलग किस्तों में पैसे वसूल करती हैं। इस धोखाधड़ी के तहत कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं और बाद में उन्हें न तो लोन मिलता है और न ही उनके पैसे लौटाए जाते हैं।

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धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने इस रैकेट को तोड़ने में मदद की, लेकिन इससे यह भी साफ हो गया कि ऐसे रैकेट अभी भी कई जगहों पर सक्रिय हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और अब तक 27 मामलों की जांच हो रही है। साईं कृष्णा एस. थोटा के नेतृत्व में पुलिस ने अपराधी को पकड़कर उसे सजा दिलवाने की दिशा में काम किया है।

FAQ

पन्ना पुलिस ने ठगी केे नाम पर कितने मामलों में जांच की है?
पन्ना पुलिस ने अब तक 27 मामलों में जांच की है, जिनमें लोन ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े करीब 35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। इन मामलों में कई अन्य राज्यों में भी कार्रवाई चल रही है।
लोन दिलाने के नाम पर ठगी क्या होती है?
लोन दिलाने के नाम पर ठगी तब होती है जब किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा लोन देने का झांसा दिया जाता है, लेकिन असल में यह पूरी तरह से फर्जी होता है। ठगी करने वाले व्यक्ति या कंपनी लोगों से पैसे लेकर न तो लोन दिलवाते हैं और न ही उनका पैसा लौटाते हैं।

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