मध्यप्रदेश में विधायकों के फोन का खर्च हर माह 23 लाख रुपए, जबकि टेलीकॉम कंपनियों का अधिकतम टैरिफ प्लान 500 रुपए
Jitendra Shrivastava | Nov 07, 2023, 24:00 IST
मध्यप्रदेश में विधायकों के फोन का खर्च हर माह 23 लाख रुपए, जबकि टेलीकॉम कंपनियों का अधिकतम टैरिफ प्लान 500 रुपए
यह सभी को पता है कि सभी टेलीकॉम कंपनियों का अधिकतम टैरिफ प्लान 500 रुपए प्रति माह है। इस टैरिफ प्लान के साथ ही जुड़ी है खबर।
BHOPAL. यह सभी को पता है कि सभी टेलीकॉम कंपनियों का अधिकतम टैरिफ प्लान 500 रुपए प्रति माह है। इस टैरिफ प्लान के साथ ही जुड़ी है मप्र को सन्न कर देने वाली खबर। चुनावी माहौल के बीच हम आपको बताने जा रहे हैं कि मध्यप्रदेश के विधायकों को मासिक टेलीफोन भत्ते के रूप में 10,000 रुपए मिलते हैं। इस हिसाब से यदि मप्र के 230 विधायकों की बात करें तो पता चलता है कि मप्र के विधायकों को टेलीफोन भत्ते के रूप में हर माह 23 लाख रुपए यानी सालाना 13.8 करोड़ रुपए मिलते हैं। एक आरटीआई से यह जानकारी मिली है।
ये भत्ते भी चौंकाने वाले
नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने बताया है कि विधायकों को टेलीफोन भत्ते के रूप में हर माह 10 हजार रुपए, स्टेशनरी भत्ते के रूप में हर माह 10 हजार रुपए और डाक भत्ते के रूप में हर माह 15,000 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कम्प्यूटर ऑपरेटर और अर्दली की मंथली सैलरी भी शामिल है।
कम्प्यूटर और लैपटॉप खरीदने के लिए भी मिलते हैं पैसे
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय आरटीआई के जवाब में यह जानकारी भी दी कि विधायकों को भोपाल के सरकारी मकान या दफ्तर में लैंडलाइन और इंटरनेट की भी सहुलियत भी दी जाती है। इसकी लिमिट हर महीने 329 रुपए प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी तक है। इसके साथ ही विधायक के कार्यकाल में एक बार कम्प्यूटर या लैपटॉप खरीदने के लिए 50 हजार रुपए दिए जाते हैं। साल 2019-20 से 2023-24 तक 159 विधायकों ने इसका फायदा लिया।
सरकार से आरटीआई कार्यकर्ता ने की ये अपील
नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ का कहना है कि टेलीकॉम उद्योग प्रति सेकंड के आधार पर चार्ज करने के बाद अब अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग की सुविधा देने लगा है। गौड़ का मानना है कि ऐसे में तक सरकार को विधायकों को दिए जाने वाले फोन भत्ते को लेकर तर्कसंगत तरीके से फिर से सोचना चाहिए। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय के मुताबिक मध्यप्रदेश के विधायकों को मप्र विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते और पेंशन बिल, 1972 के तहत टेलीफोम भत्ता दिया जाता है।
ये भत्ते भी चौंकाने वाले
नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने बताया है कि विधायकों को टेलीफोन भत्ते के रूप में हर माह 10 हजार रुपए, स्टेशनरी भत्ते के रूप में हर माह 10 हजार रुपए और डाक भत्ते के रूप में हर माह 15,000 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कम्प्यूटर ऑपरेटर और अर्दली की मंथली सैलरी भी शामिल है।
कम्प्यूटर और लैपटॉप खरीदने के लिए भी मिलते हैं पैसे
मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय आरटीआई के जवाब में यह जानकारी भी दी कि विधायकों को भोपाल के सरकारी मकान या दफ्तर में लैंडलाइन और इंटरनेट की भी सहुलियत भी दी जाती है। इसकी लिमिट हर महीने 329 रुपए प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी तक है। इसके साथ ही विधायक के कार्यकाल में एक बार कम्प्यूटर या लैपटॉप खरीदने के लिए 50 हजार रुपए दिए जाते हैं। साल 2019-20 से 2023-24 तक 159 विधायकों ने इसका फायदा लिया।
सरकार से आरटीआई कार्यकर्ता ने की ये अपील
नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ का कहना है कि टेलीकॉम उद्योग प्रति सेकंड के आधार पर चार्ज करने के बाद अब अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग की सुविधा देने लगा है। गौड़ का मानना है कि ऐसे में तक सरकार को विधायकों को दिए जाने वाले फोन भत्ते को लेकर तर्कसंगत तरीके से फिर से सोचना चाहिए। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय के मुताबिक मध्यप्रदेश के विधायकों को मप्र विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते और पेंशन बिल, 1972 के तहत टेलीफोम भत्ता दिया जाता है।
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