एक जुलाई से बदलेंगी कानून की धाराएं, मध्य प्रदेश पुलिस में Jobs के खुलेंगे अवसर
Deeksha Nandini Mehra | Jun 15, 2024, 13:02 IST
एमपी पुलिस में Jobs
मध्य प्रदेश में 50 हजार से अधिक जांच अधिकारियों और 800 से ज्यादा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इसी के साथ NCRB और मप्र की वेबसाइट CCBN पर भी जानकारी अपडेट की जा चुकी है।
Madhya Pradesh Police Jobs : एक जुलाई से देश के कई कानूनों की धाराएं बदल जाएंगी। दरअसल भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नए कानून एक जुलाई से लागू होंगे। इस बदलाव को लेकर जहां मध्य प्रदेश पुलिस और कानून विभाग पूरी तरह से तैयार है, वहीं यह बदलाव कई नौकरियों की संभावनाएं लेकर भी आ रहा है।
बदलने वाले कानूनों के प्रति समझ बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में 50 हजार से अधिक जांच अधिकारियों और 800 से ज्यादा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इसी के साथ NCRB और मप्र की वेबसाइट CCBN पर भी जानकारी अपडेट की जा चुकी है। इस बदलाव के साथ ही परिवर्तन जॉब्स की संभावनाएं भी लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं इस नियम के बारे में…
अब सात साल से अधिक सजा के अपराध में
अब जीरो FIR और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी FIR कराई जा सकेगी। इसके साथ ही सात साल से अधिक उम्र के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी होगी। गंभीर मामलों की विवेचना एसीपी व डीएसपी से कराई जा सकेगी। अब बड़ा सवाल यह है कि मध्य प्रदेश में थाना स्तर या जिला स्तर पर इतने फोरेंसिक अधिकारी मौजूद नहीं हैं।
ऐसे में बड़ी संख्या में फोरेंसिक क्षेत्र में नौकरियां निकलेंगी। फोरेंसिक अधिकारियों की पोस्ट भरने के लिए केंद्र सरकार ने भी सात साल का समय दिया है, जिसमें क्रमश: खाली पदों को भरा जाएगा। ऐसे में साफ है कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में नौकरियां निकलने वाली हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 163 साल पुरानी IPC की जगह लेगी, जिससे दंड कानून में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। नए कानून में यौन अपराधों के लिए कड़े उपाय किए गए हैं। इस कानून में उन अपराधियों के लिए दस साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है, जो बिना किसी इरादे के शादी का वादा करके धोखे से यौन संबंध बनाते हैं।
संगठित अपराध जैसे अपहरण, डकैती, वाहन चोरी, जबरन वसूली, भूमि हड़पना, अनुबंध हत्या, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और व्यक्तियों, ड्रग्स, हथियारों या अवैध वस्तुओं या सेवाओं की तस्करी को लेकर भी कड़े कानून बनाए गए हैं।
वेश्यावृत्ति या फिरौती के लिए मानव तस्करी, संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों के रूप में या ऐसे सिंडिकेट की ओर से मिलकर काम करने वाले व्यक्तियों या समूहों द्वारा की जाती है, उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भौतिक लाभ के लिए हिंसा, धमकी, डराने-धमकाने, जबरदस्ती या अन्य गैरकानूनी तरीकों से किए गए इन अपराधों को कड़ी सजा दी जाएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए भारतीय न्याय संहिता ने आतंकवादी कृत्य को ऐसी किसी भी गतिविधि के रूप में परिभाषित किया है। ये आतंक फैलाने के इरादे से देश एकता एवं अखंडता को खतरे में डालते हैं।
बता दें कि ईपीसी में 23 अध्याय और 511 धाराएं थीं। बीएनएस में 20 अध्याय और 358 धाराएं हैं। इसमें 33 धाराओं में कारावास की अवधि बढ़ाई गई है। 83 अपराधों में जुर्माना राशि बढ़ाई है। 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं। नए नियम के अनुसार अब आईपीसी की धारा 323 अब 115(2) कहलाएगी।
अब जीरो FIR और इलेक्ट्रोनिक माध्यम से भी FIR कराई जा सकेगी। इसके साथ ही सात साल से अधिक उम्र के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी होगी। गंभीर मामलों की विवेचना एसीपी व डीएसपी से कराई जा सकेगी। पोक्सो की विवेचना 2 महीने में पूर्ण करनी होगी। 3 साल से कम सजा वाले अपराध में गिरफ्तारी के लिए एसीपी से अनुमति लेनी होगी।
इंडियन एविडेंस एक्ट (आईईए)1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 लागू होगा। आईईए में 11 अध्याय व 167 धाराएं थीं। बीएसए में 12 अध्याय व 170 धाराएं हैं। मृत्यु पूर्व बयान की धारा 32 को अब धारा 26 के नाम से जाना जाएगा।
बीएसए में फोटो, वीडियो, मैसेज भी अहम साक्ष्य बनेंगे। साथ ही, डॉक्टर, पुलिस व अन्य गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही हो सकेगी। नए कानून में दंड की जगह न्याय पर जोर दिया गया है।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
![deeksha nandini mehra]()
बदली कानून की धाराएं | सरकारी नौकरी Government Job opportunities
MP है तैयार
बदलने वाले कानूनों के प्रति समझ बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में 50 हजार से अधिक जांच अधिकारियों और 800 से ज्यादा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इसी के साथ NCRB और मप्र की वेबसाइट CCBN पर भी जानकारी अपडेट की जा चुकी है। इस बदलाव के साथ ही परिवर्तन जॉब्स की संभावनाएं भी लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं इस नियम के बारे में…
अब सात साल से अधिक सजा के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी
अब जीरो FIR और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी FIR कराई जा सकेगी। इसके साथ ही सात साल से अधिक उम्र के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी होगी। गंभीर मामलों की विवेचना एसीपी व डीएसपी से कराई जा सकेगी। अब बड़ा सवाल यह है कि मध्य प्रदेश में थाना स्तर या जिला स्तर पर इतने फोरेंसिक अधिकारी मौजूद नहीं हैं।
ऐसे में बड़ी संख्या में फोरेंसिक क्षेत्र में नौकरियां निकलेंगी। फोरेंसिक अधिकारियों की पोस्ट भरने के लिए केंद्र सरकार ने भी सात साल का समय दिया है, जिसमें क्रमश: खाली पदों को भरा जाएगा। ऐसे में साफ है कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में नौकरियां निकलने वाली हैं।
एक नजर में
- तेजाब हमला की धारा 326 ए की जगह 124(1) हो जाएगी।
- दुष्कर्म की धारा 376 की जगह धारा 64 होगी।
- हत्या की धारा 302 की जगह धारा 103 हो जाएगी।
- चोरी की धारा 378 की जगह 303(1) होगी।
- डकैती में धारा 395 की जगह अब धारा 310(2) में केस दर्ज होंगे।
- धोखाधड़ी की धारा 420 की जगह 318 (4) अमल में आएगी।
नए कानूनों से क्या होगा बदलाव
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 163 साल पुरानी IPC की जगह लेगी, जिससे दंड कानून में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। नए कानून में यौन अपराधों के लिए कड़े उपाय किए गए हैं। इस कानून में उन अपराधियों के लिए दस साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है, जो बिना किसी इरादे के शादी का वादा करके धोखे से यौन संबंध बनाते हैं।
संगठित अपराध जैसे अपहरण, डकैती, वाहन चोरी, जबरन वसूली, भूमि हड़पना, अनुबंध हत्या, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और व्यक्तियों, ड्रग्स, हथियारों या अवैध वस्तुओं या सेवाओं की तस्करी को लेकर भी कड़े कानून बनाए गए हैं।
वेश्यावृत्ति या फिरौती के लिए मानव तस्करी, संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों के रूप में या ऐसे सिंडिकेट की ओर से मिलकर काम करने वाले व्यक्तियों या समूहों द्वारा की जाती है, उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भौतिक लाभ के लिए हिंसा, धमकी, डराने-धमकाने, जबरदस्ती या अन्य गैरकानूनी तरीकों से किए गए इन अपराधों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मॉब लिंचिंग के लिए मौत की सजा
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए भारतीय न्याय संहिता ने आतंकवादी कृत्य को ऐसी किसी भी गतिविधि के रूप में परिभाषित किया है। ये आतंक फैलाने के इरादे से देश एकता एवं अखंडता को खतरे में डालते हैं।
बता दें कि ईपीसी में 23 अध्याय और 511 धाराएं थीं। बीएनएस में 20 अध्याय और 358 धाराएं हैं। इसमें 33 धाराओं में कारावास की अवधि बढ़ाई गई है। 83 अपराधों में जुर्माना राशि बढ़ाई है। 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं। नए नियम के अनुसार अब आईपीसी की धारा 323 अब 115(2) कहलाएगी।
सात साल से अधिक सजा के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी
अब जीरो FIR और इलेक्ट्रोनिक माध्यम से भी FIR कराई जा सकेगी। इसके साथ ही सात साल से अधिक उम्र के अपराध में फोरेंसिक जांच जरूरी होगी। गंभीर मामलों की विवेचना एसीपी व डीएसपी से कराई जा सकेगी। पोक्सो की विवेचना 2 महीने में पूर्ण करनी होगी। 3 साल से कम सजा वाले अपराध में गिरफ्तारी के लिए एसीपी से अनुमति लेनी होगी।
फोटो, वीडियो, मैसेज बनेंगे अहम साक्ष्य
इंडियन एविडेंस एक्ट (आईईए)1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 लागू होगा। आईईए में 11 अध्याय व 167 धाराएं थीं। बीएसए में 12 अध्याय व 170 धाराएं हैं। मृत्यु पूर्व बयान की धारा 32 को अब धारा 26 के नाम से जाना जाएगा।
बीएसए में फोटो, वीडियो, मैसेज भी अहम साक्ष्य बनेंगे। साथ ही, डॉक्टर, पुलिस व अन्य गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही हो सकेगी। नए कानून में दंड की जगह न्याय पर जोर दिया गया है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
deeksha nandini mehra
बदली कानून की धाराएं | सरकारी नौकरी Government Job opportunities
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari