MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 में अब सर्वर की समस्या, हाईकोर्ट ने दिए फार्म लेने के आदेश

Sanjay Gupta | Feb 11, 2025, 20:16 IST
madhya pradesh psc state service exam 2025
MPPSC द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 16 फरवरी को होने जा रही है। लेकिन कई उम्मीदवारों को सर्वर समस्याओं के कारण आवेदन नहीं भरने का मौका नहीं मिला था। अब, इन उम्मीदवारों को हाईकोर्ट से राहत मिली है।

INDORE. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2025 प्री 16 फरवरी को होने जा रही है। इसके पहले आवेदन नहीं भर चुके उम्मीदवार लगातार इंदौर हाईकोर्ट की और रूख कर रहे हैं और उन्हें राहत भी मिल रही है। अभी तक विविध कानूनी मामलों को लेकर याचिकाकर्ताओं को राहत मिल रही थी लेकिन अब मामला सर्वर पर आ गया है और हाईकोर्ट ने इसे लेकर एक उम्मीदवार को मंगलवार को राहत दी है।



सर्वर के कारण ऑफलाइन लो फार्म

याचिकाकर्ता मीनाक्षी अमृतलाल ने अधिवक्ता जयेश गुरनानी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका (याचिका नंबर 5408/2025) दायर की थी। इसमें अधिवक्ता गुरनानी ने कोर्ट में कहा कि सर्वर की समस्या के कारण वह समय पर फार्म नहीं भर सकी। हाईकोर्ट जस्टिस विजय कमार शुक्ला ने इस मामले में सुनवाई के बाद पीएससी (मप्र लोक सेवा आयोग) को आदेश दिए कि वह याचिकाकर्ता का राज्य सेवा परीक्षा 2025 प्री के लिए आवेदन मंजूर करें और उन्हें 16 फरवरी को होने वाली परीक्षा में बैठने दें।



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मुद्दा वही- सभी को यह लाभ क्यों नहीं

अंतिम दिन में सर्वर की समस्या आई थी इसकी शिकायत कई उम्मीदवारों ने की थी लेकिन इसके बाद भी आयोग ने 17 जनवरी के बाद विंडो नहीं खोली। इसके बाद विविध कारण से अलग-अलग याचिकाकर्ता कोर्ट गए, इसमें पहले याचिकाकर्ताओं के लिए 3 से 6 फरवरी तक विंडो खोली गई। इसके बाद फिर याचिकाकर्ता कोर्ट गए और जिन्हें राहत मिली उनके फार्म ऑफलाइन मंजूर करने के आदेश हुए। लेकिन अभी भी कई उम्मीदवार है जो फार्म नहीं भर सके और कई ऐसे हैं जो गरीब है और कोर्ट का भी दरवाजा नहीं खटखटा सकते हैं।



ऐसे में सवाल यही उठता है जो द सूत्र ने पहले भी उठाया कि जो लाभ याचिकाकर्ता को मिला वह सभी उम्मीदवारों को कॉमन रूप से क्यों नहीं दिया जा रहा है, यह आदेश मोटे तौर पर सभी पर लागू होना चाहिए और कायदे से एक दिन के लिए विंडो खोली जाना चाहिए, नहीं तो न्याय केवल अमीर वर्ग तक सीमित रह जाएगा और इसक लाभ नीचे नहीं पहुंचेगा।



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इसके पहले सोमवार को इन दो फैसलों में हुए थे आदेश

1. याचिकाकर्ता सविता रघुवंशी ने भी अधिवक्ता जयेश गुरनानी के जरिए पीएससी प्री आवेदन मंजूर के लिए आवेदन लगाया। उनकी याचिका का नंबर 4674/2025 है। उनका आवेदन भी अधिकतम उम्र के बाहर होने के चलते खारिज कर दिया था। गुरनानी ने बताया कि अधिकतम उम्र सीमा 45 साल है और उनकी उम्र 47 साल थी इसके चलते आवेदन खारिज किया। लेकिन जीएडी का सर्कुलर है कि संविदा पर जो नियुक्त होते हैं और जितने समय वह संविदा पर काम करते हैं, वह समय उनकी उम्र से घटाना होगा। याचिकाकर्ता ने 6 साल काम किया था, ऐसे में उनकी उम्र 47 में से 6 माइनस करने पर प्रभावी उम्र 41 हो रही थी जो अधिकतम उम्र क्राइटेरिया 45 से कम थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उनके आवेदन को ऑफलाइन मंजूर किए जाने के आदेश दिए हैं।



2. याचिकाकर्ता राजू अहिरवार की याचिका नंबर 25714/2024 इंदौर हाईकोर्ट में यह आदेश हुए हैं। यह एक्स सर्विसमैन है और इसकी उम्र 46 साल 7 माह 16 दिन है। एक्स सर्विसमैन के लिए सेवा में रहने की उम्र उसकी कुल उम्र में से काटने का फार्मूला होता है और इसके बाद यह अधिकतम 30 साल होना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसकी सेवा 17 साल 7 माह 7 दिन रही है, ऐसे में प्रभावी उम्र 29 साल 9 माह होती है और वह पीएससी में आवेदन के लिए पात्र है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने इसके बाद आयोग को आदेश दिए कि याचिकाकर्ता का राज्य सेवा परीक्षा प्री 2025 के लिए आवेदन ऑफलाइन मंजूर किया जाए।



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क्या कर सकते हैं आवेदक

अधिवक्ता गुरनानी ने बताया कि यदि आवेदन स्वीकार किए जाने के विधिक कारण मौजूद है तो हाईकोर्ट से राहत मिल सकती है। भले ही आयोग विंडो नहीं खोल सके क्योंकि अब समय कम है लेकिन ऐसे में हाईकोर्ट उनके आवेदन ऑफलाइन लिए जाने के आदेश दे रहा है।



क्या हुआ इस बार

राज्य सेवा परीक्षा 2025 के लिए इस बार 158 पद है, इनकी विज्ञप्ति 31 दिसंबर को रात 11.55 बजे जारी हुई। प्री की तारीख 16 फरवरी पहले ही जारी हो चुकी थी, आवेदन की तारीख 3 से 17 जनवरी रखी गई, यानी केवल 15 दिन का समय मिला, जबकि अमूमन एक माह का समय मिलता है। ऐसे में कई आवेदक रह गए। बीच में तहसीलदार, पटवारी की हड़ताल के कारण जरूरी सर्टिफिकेट भी नहीं बने। इनकी मांग थी कि दो से तीन दिन के लिए विंडो खोली जाए, लेकिन आयोग नहीं माना। इस परीक्षा के लिए सबसे कम आवेदन मात्र 1.18 लाख ही उम्मीदवार है। इसके पहले 2024 प्री में 110 ही पद थे और 1.89 लाख ने आवेदन भरा और केवल 1.34 लाख ने परीक्षा दी।



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