एमपी में ई-केवाईसी से जुड़ेंगे 20 लाख नए राशन लाभार्थी, जानिए कैसे मिलेगा फायदा ?

Sandeep Kumar | Jul 11, 2025, 23:33 IST
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मध्यप्रदेश में राशन लेने वाले हितग्राहियों की पहचान के लिए ई-केवायसी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 1 करोड़ से अधिक हितग्राहियों की ई-केवायसी पूरी हो चुकी है। इससे 20 लाख नए पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए ई-केवायसी प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रक्रिया से हितग्राहियों की पहचान डिजिटल रूप से सत्यापित की जा रही है। इसका उद्देश्य खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है।



ई-केवायसी का महत्व

MP सरकार के खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा के अनुसार, प्रदेश की 27हजार राशन दुकानों पर पीओएस मशीनों से ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत पात्र हितग्राहियों की पहचान सत्यापित की जा रही है। इससे राशन वितरण में अनियमितताओं को रोका जा सकेगा।



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राज्य सरकार ने वृद्धजन, बच्चों और अन्य हितग्राहियों के लिए घर बैठे ई-केवायसी की सुविधा भी प्रदान की है। भारत सरकार का मेरा ई-केवायसी एप इस सुविधा में मदद कर रहा है। इसके जरिए लोग फेस एथेंटिकेशन के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं।



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5 प्वाइंट्स में समझें पूरी स्टोरी

ई-केवायसी प्रक्रिया: प्रदेश में राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए ई-केवायसी अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है। अब तक 1 करोड़ से अधिक हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

20 लाख नए पात्र हितग्राही: इस प्रक्रिया के बाद 20 लाख नए पात्र हितग्राहियों को राशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए नई पात्रता पर्ची जारी की जाएगी, जिससे इन नए लाभार्थियों को खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा।

डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया: ई-केवायसी के तहत हितग्राहियों की पहचान डिजिटल रूप से सत्यापित की जा रही है। इससे राशन वितरण में अनियमितताओं को रोका जा सकेगा। पीओएस मशीनों के जरिए यह प्रक्रिया प्रदेश की 27,000 राशन दुकानों पर पूरी की गई है।

घर बैठे ई-केवायसी सुविधा: वृद्धजन, बच्चों और अन्य हितग्राहियों के लिए घर बैठे ई-केवायसी की सुविधा प्रदान की गई है। भारत सरकार का मेरा ई-केवायसी एप के माध्यम से लोग फेस एथेंटिकेशन के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं। अपात्र हितग्राहियों की सूची में सुधार: मृतक और अपात्र हितग्राहियों के नाम को सूची से हटा दिया गया है। इससे केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को राशन का लाभ मिलेगा और वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।

20 लाख नए पात्र हितग्राहियों की पहचान

अब तक करीब 1 करोड़ से अधिक हितग्राहियों की ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके परिणामस्वरूप, अब 20 लाख नए पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए एक नई पात्रता पर्ची जारी की जाएगी, जिससे इन हितग्राहियों को राशन का लाभ मिल सकेगा।



प्रत्येक माह 2 से 3 बार एसएमएस द्वारा हितग्राहियों को e-KYC करने के लिए सूचित किया जाता है। साथ ही राशन दुकानों पर भी सूचना पटल पर जानकारी दी गई है ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस सुविधा से वंचित न रहे।



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अपात्र हितग्राहियों की सूची से नाम हटाए गए

वर्तमान सूची में उन हितग्राहियों के नाम काटे गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जिनके नाम दो बार दर्ज हैं। इसके अलावा, अपात्र श्रेणी के हितग्राहियों को भी हटाया गया है। इस तरह की कार्रवाई से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को लाभ मिलेगा।



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