मध्य प्रदेश के 700 स्कूलों में मिलेगी व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षा विभाग ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Vikram Jain | Mar 12, 2025, 01:44 IST
सांकेतिक फोटो
मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य करने की योजना बनाई है। नई शिक्षा नीति के तहत 700 नए हायर सेकंडरी स्कूलों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे छात्रों को नई करियर संभावनाओं में मार्गदर्शन मिलेगा।

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के 700 हायर सेकंडरी स्कूलों में कृषि, डेयरी, फैशन डिजाइनिंग, हाउसकीपिंग और ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी हो रही है। इससे छात्रों को नवीनतम कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार ने नए ट्रेड में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।



स्कूलों में पढ़ाया जाएगा कृषि, डेयरी और मैनेजमेंट का पाठ

दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रों को रोजगार के नए अवसर देने के लिए स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 2,383 स्कूलों में यह शिक्षा दी जा रही है, जिसे अब 700 और स्कूलों में लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3,000 से अधिक हो जाएगी।



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किन पाठ्यक्रमों की होगी शुरुआत?

  • स्कूलों में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
  • कृषि और डेयरी विकास
  • कंस्ट्रक्शन ट्रेड (मेशन सहायक, कंस्ट्रक्शन पेंटर)
  • फैशन डिजाइनिंग (असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन डिजाइनर)
  • हाउसकीपिंग
  • ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट

नौवीं से 12वीं तक मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण

वर्तमान में राज्य के कई स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।



  • नौवीं और दसवीं में: डाटा एंट्री ऑपरेटर, ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेल स्टोर असिस्टेंट, सिक्योरिटी गार्ड, फूड एंड बेवरेज असिस्टेंट, प्लंबर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट, फिजिकल एजुकेशन आदि।
  • ग्यारहवीं और बारहवीं में: सॉफ्टवेयर डेवलपर, सोलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीवी ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर आदि।

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शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

सरकार ने शिक्षकों को भी व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए तैयार किया है। वर्तमान में 4,700 से अधिक शिक्षकों को इन नए पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सके। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।



नई शिक्षा नीति के तहत बड़ा बदलाव

नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उद्योगोन्मुखी बनाया जा रहा है। सरकार ने इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेज दिया है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।



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5 प्वाइंट में खबर का संक्षेप:

  • मध्य प्रदेश सरकार ने 700 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा।
  • कृषि, डेयरी, कंस्ट्रक्शन, फैशन डिजाइनिंग, हाउसकीपिंग और ऑफिस मैनेजमेंट जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल होंगे।
  • प्रदेश में कुल 3,000 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी, जिसमें पहले से 2,383 स्कूल शामिल हैं।
  • 9वीं से 12वीं तक छात्रों को नए पाठ्यक्रमों की शिक्षा दी जाएगी, जिससे उन्हें करियर के नए अवसर मिलेंगे।
  • शिक्षकों को भी इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जिससे छात्रों को बेहतर कौशल मिल सके।

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