सरकार संवेदनशील फिर भी नहीं सुधरी MP में नदियों की हालत

Sanjay Sharma | Jan 02, 2025, 22:45 IST
Share
Madhya Pradesh Status of plans to revive 32 small rivers
एमपी में ठंडे बस्ते में नदी प्रोजेक्ट। Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नदियों को जोड़ने के दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। सरकार करोड़ रुपए के बजट वाले इन प्रोजेक्ट से नदियों को जोड़ रही है, वहीं 32 से ज्यादा नदी प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।

BHOPAL. मध्य प्रदेश और केंद्र की सरकारें नदियों को जोड़ने की बड़ी और भारी-भरकम की योजनाओं पर काम कर रही है। वहीं मध्य प्रदेश में 32 छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने की योजनाएं अफसरशाही के जाल में उलझकर रह गईं हैं। छोटी नदियों की गंदगी को साफ करके उनमें पानी का प्रवाह बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं वे कहीं आधी-अधूरी हैं, तो कई अब तक धरातल पर ही नहीं उतरी हैं। ये स्थिति तब है जब सरकार से इन नदियों को संवारने के लिए बजट भी जारी किया जा चुका है। हाल ही में प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नदियों को जोड़ने के दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। काली सिंध-पार्वती और चंबल नदियों को जोड़ने से राजस्थान के साथ प्रदेश का मालवा और चंबल को लाभ मिलेगा। वहीं केन-बेतवा लिंक से बुंदेलखंड में हरियाली आएगी। इन दोनों प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को पेयजल भी उपलब्ध होगा। जहां सरकार लाखों करोड़ रुपए के बजट वाले इन प्रोजेक्ट से नदियों को जोड़ रही है, वहीं 32 से ज्यादा नदी प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।

बजट मिला फिर भी 3 साल से अटके प्रोजेक्ट

प्रदेश सरकार ने तीन साल पहले सूख चुकी और गंदगी की चपेट में आई 32 नदियों को साफ सुथरा बनाने के प्रोजेक्ट तैयार कराए थे। इसके लिए नगरीय और ग्रामीण अंचल से बहने वाली नदियों को चिन्हित किया गया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन नदियों में मिलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट से रिसाइकल करने के लिए प्लांट तैयार किए जाने थे। वहीं सूख चुकी नदियों को आसपास की नदी और जलस्त्रोत से जोड़कर प्रवाह बहाल करने की योजना थी। इन प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने बजट स्वीकृत कर जिम्मेदारी सौंपी लेकिन अब ये प्रोजेक्ट नगरीय निकाय दबाकर बैठ गए हैं।

दो प्रोजेक्ट में तेजी, 19 में 10 फीसदी काम

32 नदियों को दुर्दशा से बाहर निकालने के प्रोजेक्ट के तहत बुदनी, पिछोर, सुनार, बागेड़ी, धसान जैसी नदियों को शामिल किया गया है। इनमें से केवल दो प्रोजेक्ट पर ही काम शुरू हुआ है। तीन साल में पिछोर और बुदनी के पास दो नदियों की सफाई के अलावा घाट निर्माण, पौधरोपण, स्टोन पिचिंग, रेलिंग, वॉक-वे जैसे काम कराए गए हैं, लेकिन ये भी अभी अधूरे ही पड़े हैं। वहीं शाहगंज, सागर, दमोह, धार और अन्य जिलों में नदियों की सफाई के प्रोजेक्ट पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। अब तक 32 में से 19 नदी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ लेकिन इसकी प्रगति 10 फीसदी भी नहीं है।

विधानसभा में भी उठा था मामला

नदियों के उद्धार के लिए प्रदेश सरकार की चिंता के बावजूद अफसरशाही और नगरीय निकायों का रवैया प्रोजेक्ट में रोड़ा बना है। शाहगंज में काम शुरू नहीं हुआ है। सागर से बहने वाली सुनार नदी के लिए 97 लाख रुपए का बजट स्वीकृत है लेकिन यहां घाट बनाए गए न पौधरोपण और लाइट लगाई गईं। धार जिले में बागेड़ी नदी को संवारने 67 लाख का बजट मिला लेकिन नदी से गंदगी निकालने और पानी रोकने चेक डेम बनाने का काम ही शुरू नहीं हुआ। नदियों की दुर्दशा दूर करने के लिए तीन साल से चल रहे प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़े होने का मामला शीतकालीन सत्र में मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठाया गया था। अब देखना है नदियों के प्रति संवेदनशील सरकार नगरीय निकायों के सुस्त रवैए को कैसे सुधारती है।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • Bhopal News
  • भोपाल न्यूज
  • मध्य प्रदेश
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • नदी जोड़ो योजना
  • नदियों में प्रदूषण
  • नदियों की दुर्दशा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज