बाबा महाकाल ने धारण किया भगवान विष्णु का रूप, मस्तक पर विराजे सूर्यदेव
Kaushiki | Jan 15, 2026, 08:34 IST
mahakaal
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि गुरुवार (15 जनवरी) को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को भस्म आरती का अद्भुत आयोजन हुआ।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि गुरुवार (15 जनवरी) को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को भस्म आरती का अद्भुत आयोजन हुआ।
भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह सबसे पहले, सभा मंडप में वैदिक मंत्रों के साथ स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद, घंटा बजाकर भगवान महाकाल से अनुमति ली गई। फिर, गर्भगृह के पट खुलते ही पुजारियों ने भगवान का रात का श्रृंगार उतारा।
माघ महीना में बाबा महाकाल की नगरी में पट खुलने के बाद, पुजारियों ने कपूर आरती करके पूजन की शुरुआत की थी। इसके तुरंत बाद, नंदी हॉल में विराजमान नंदी जी का स्नान और पूजन हुआ। यह क्रिया बहुत ही श्रद्धा और भक्ति से की गई थी।
जल से भगवान महाकाल का अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद, पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पंचामृत से स्नान के बाद, भगवान महाकाल को अलौकिक रूप से सजाया गया। सबसे पहले उन्हें रजत का चंद्र मुकुट अर्पित किया गया। इसके साथ ही, चांदी का त्रिशूल और विभिन्न आभूषण धारण कराए गए।
भस्म आरती के लिए भगवान (बाबा महाकालभस्म आरती) का विशेष श्रृंगार किया गया। चंदन, भांग और सूखे मेवों (ड्रायफ्रूट्स) से उनका मनमोहक रूप बनाया गया। बाबा महाकाल ने शेषनाग का अद्भुत रजत मुकुट पहना था।
इसके अलावा, उन्हें चांदी की मुण्डमाला और रुद्राक्ष पहनाई गई। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर अंत में, फल और स्वादिष्ट मिष्ठान का भोग भगवान को लगाया गया।
बाबा महाकाल उज्जैन में इस पावन भस्म आरती में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। भगवान को भस्म चढ़ाई गई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और भावुक करने वाला होता है।
भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह सबसे पहले, सभा मंडप में वैदिक मंत्रों के साथ स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद, घंटा बजाकर भगवान महाकाल से अनुमति ली गई। फिर, गर्भगृह के पट खुलते ही पुजारियों ने भगवान का रात का श्रृंगार उतारा।
mahakaal
mahakaal
पंचामृत से हुआ महाकाल का अभिषेक
जल से भगवान महाकाल का अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद, पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पंचामृत से स्नान के बाद, भगवान महाकाल को अलौकिक रूप से सजाया गया। सबसे पहले उन्हें रजत का चंद्र मुकुट अर्पित किया गया। इसके साथ ही, चांदी का त्रिशूल और विभिन्न आभूषण धारण कराए गए।
mahakaal
बाबा का विशेष श्रृंगार
इसके अलावा, उन्हें चांदी की मुण्डमाला और रुद्राक्ष पहनाई गई। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर अंत में, फल और स्वादिष्ट मिष्ठान का भोग भगवान को लगाया गया।
बाबा महाकाल उज्जैन में इस पावन भस्म आरती में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। भगवान को भस्म चढ़ाई गई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और भावुक करने वाला होता है।
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari