मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भक्तों के लिए आशीर्वाद
Kaushiki | Nov 25, 2025, 09:06 IST
mahakal-bhasma-aarti-darshan-ujjain-tuesday-25-2025
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि मंगलवार (25 नवंबर) को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भस्म आरती का अद्भुत आयोजन हुआ।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि मंगलवार(25 नवंबर)को तड़के 4 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथिको भस्म आरती का अद्भुत आयोजन हुआ। भगवान महाकाल का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह सबसे पहले, सभा मंडप में वैदिक मंत्रों के साथ स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद, घंटा बजाकर भगवान महाकाल से अनुमति ली गई। फिर, गर्भगृह के पट खुलते ही पुजारियों ने भगवान का रात का श्रृंगार उतारा।
मार्गशीर्ष महीना में बाबा महाकाल की नगरी मेंपट खुलने के बाद, पुजारियों ने कपूर आरती करके पूजन की शुरुआत की थी। इसके तुरंत बाद, नंदी हॉल में विराजमान नंदी जी का स्नान और पूजन हुआ। यह क्रिया बहुत ही श्रद्धा और भक्ति से की गई थी।
जल से भगवान महाकाल का अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद, पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पंचामृत से स्नान के बाद, भगवान महाकाल को अलौकिक रूप से सजाया गया। सबसे पहले उन्हें रजत का चंद्र मुकुट अर्पित किया गया। इसके साथ ही, चांदी का त्रिशूल और विभिन्न आभूषण धारण कराए गए।
भस्म आरती के लिए भगवान (बाबा महाकालभस्म आरती) का विशेष श्रृंगार किया गया। चंदन, भांग और सूखे मेवों (ड्रायफ्रूट्स) से उनका मनमोहक रूप बनाया गया। बाबा महाकाल ने शेषनाग का अद्भुत रजत मुकुट पहना था।
इसके अलावा, उन्हें चांदी की मुण्डमाला और रुद्राक्ष पहनाई गई। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिरअंत में, फल और स्वादिष्ट मिष्ठान का भोग भगवान को लगाया गया।
बाबा महाकाल उज्जैन मेंइस पावन भस्म आरती में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। भगवान को भस्म चढ़ाई गई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और भावुक करने वाला होता है।
ये खबर भी पढ़ें...
जानें क्यों पूरे विश्व में नहीं होती ब्रह्मा जी की पूजा, यहां है दुनिया का एकमात्र ब्रह्मा जी का मंदिर
36274184-c3a2-4a51-9ffc-0d98cbc6b832_1764036743-123075
पंचामृत से हुआ महाकाल का अभिषेक
जल से भगवान महाकाल का अभिषेक शुरू हुआ। इसके बाद, पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। पंचामृत से स्नान के बाद, भगवान महाकाल को अलौकिक रूप से सजाया गया। सबसे पहले उन्हें रजत का चंद्र मुकुट अर्पित किया गया। इसके साथ ही, चांदी का त्रिशूल और विभिन्न आभूषण धारण कराए गए।
MAHAKAL-11-916x1024-943894
बाबा का विशेष श्रृंगार
इसके अलावा, उन्हें चांदी की मुण्डमाला और रुद्राक्ष पहनाई गई। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिरअंत में, फल और स्वादिष्ट मिष्ठान का भोग भगवान को लगाया गया।
बाबा महाकाल उज्जैन मेंइस पावन भस्म आरती में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। भगवान को भस्म चढ़ाई गई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और भावुक करने वाला होता है।
ये खबर भी पढ़ें...
जानें क्यों पूरे विश्व में नहीं होती ब्रह्मा जी की पूजा, यहां है दुनिया का एकमात्र ब्रह्मा जी का मंदिर
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari