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Photograph: (The Sootr)
राम सिंह चौहान@UJJAIN
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी 14 जुलाई को निकलेगी। इस दिन भगवान श्री महाकालेश्वर को श्री मनमहेश का रूप दिया जाएगा। मनमहेश स्वरूप में महाकालेश्वर पालकी में विराजित होंगे। वे नगर भ्रमण पर निकलकर अपनी प्रजा का हाल जानेंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशि़क ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान श्री मनमहेश रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी।
इन रास्तों से होकर गुजरेगी सवारी
उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां मां क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा।
इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
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महाकाल की सवारी से जुड़ी ये बातें जानना है जरूरीमहाकालेश्वर की सवारी और नगर भ्रमण: 14 जुलाई को श्री महाकालेश्वर की सवारी पहले सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगी। इस दौरान भगवान का पूजन और अर्चन मंदिर के सभामंडप में किया जाएगा। सवारी मार्ग और पूजा: सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, रामघाट आदि प्रमुख रास्तों से होती हुई भगवान का अभिषेक और पूजन मां क्षिप्रा नदी के जल से रामघाट पर होगा। सवारी बाद में कई प्रमुख स्थलों से होकर मंदिर लौटेगी। लाइव दर्शन की व्यवस्था: सवारी का सजीव प्रसारण मंदिर के फेसबुक पेज पर और चलित रथ में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं को देखने के लिए उपलब्ध होगा, जिससे घर बैठे भी लोग दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं और दुकानदारों के लिए अपील: श्रद्धालुओं से सवारी के दौरान गलियों में वाहन न रखने, उल्टी दिशा में न चलने और प्रसाद व चित्र बांटने से बचने की अपील की गई है। दुकानदारों से भी सवारी मार्ग में खतरनाक चीजें जैसे तेल का कड़ाव रखने से मना किया गया है। |
घर बैठे भी हो सकेंगे लाइव दर्शन
श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी का सजीव प्रसारण मंदिर प्रबंध समिति के फेसबुक पेज पर व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से सवारी मार्ग में दर्शन हेतु खड़े श्रद्धालुओं को सजीव दर्शन की व्यवस्था की गई है। इस चलित रथ की विशेषता यह है कि इसमें लाइव बॉक्स रहेगा जिससे लाइव प्रसारण निर्बाध रूप से होगा।
श्रद्धालुओं और दुकानदारों से की गई है ये अपील
सवारी के दौरान दुकानदारों से अपील की गई है कि सवारी मार्ग में सड़क की ओर दुकानदार भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि दर्शनार्थी सवारी में उल्टी दिशा में न चलें। साथ ही साथ सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें।
दर्शनार्थी गलियों में वाहन न रखें। श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंकें। सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र ना बांटें। इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें।
ये होंगे शामिल
मंदिर के मुख्य द्वार से राजाधिराज महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिए निकलेगी। केवल पारंपरिक नौ भजन मंडलियां व झांझ डमरू दल को सवारी में शामिल किया जाएगा।
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