इंदौर में ई–अटेंडेंस का विरोध कर रहे अतिथि शिक्षकों पर गिरेजी गाज, आंदोलन की दी थी चेतावनी

Vishwanath Singh | Jul 18, 2025, 14:50 IST
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Sourabh
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लोक शिक्षण संचालनालय के अतिथि शिक्षकों के लिए जारी ई–अटेंडेंस के आदेश विरोध में पिछले कुछ दिनों से इंदौर सहित पूरे प्रदेश में विरोध किया जा रहा था। इसको लेकर विभाग ने 15 जुलाई तक की सभी की अटेंडेंस मंगवाई थी।

इंदौर में अतिथि शिक्षकों द्वारा हमारे शिक्षक एप पर ई-अटेंडेंस को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा था। इसको लेकर अब लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्ती करनी शुरू कर दी है।

विभाग की तरफ से आदेश जारी किया गया है कि 18 जुलाई से अनिवार्य तौर पर ई-अटेंडेंस के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। ऐसा नहीं करने पर मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सकेगा।

इसके अलावा जिले के कलेक्टर और एसपी को भी पत्र लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि अगर किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था के उल्लंघन की स्थिति निर्मित होती है तो उसका ध्यान रखें।

यह है पूरा मामला

लोक शिक्षण संचालनालय के अतिथि शिक्षकों के लिए जारी ई-अटेंडेंस के आदेश विरोध में पिछले कुछ दिनों से इंदौर सहित पूरे प्रदेश में विरोध किया जा रहा था। इसको लेकर विभाग ने 15 जुलाई तक की सभी की अटेंडेंस मंगवाई थी। साथ ही इस विरोध प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई करने की बात कही थी।

उससे अतिथि शिक्षक संगठन के पदाधकारी और भड़क गए व बड़ा प्रदर्शन करने की बात कहने लगे।सोशल मीडिया पर पत्रों और मैसेज के जरिए यह संदेश वायरल किया गया कि ई-अटेंडेंस एक तानाशाही आदेश है, जिससे शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

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विभाग ने कहा- बच्चों की पढ़ाई से न हो खिलवाड़

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिथि शिक्षक छात्रों के अध्ययन में बाधा डालने या प्रशासन के कार्यों में अनुशासनहीनता दिखाने वाले किसी भी कृत्य से दूर रहें। यदि कोई शिक्षक संगठन या व्यक्ति जानबूझकर सरकार के निर्देशों के खिलाफ माहौल बनाता है या ई-अटेंडेंस में बाधा डालता है, तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित शिक्षक के विरुद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जा सकती है।

यह हुआ था विरोध

मध्यप्रदेश आजाद स्कूल अतिधि शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष केसी पवार ने एक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया था। उसमें कहा था कि मध्यप्रदेश के समस्त अतिथि शिक्षक संघों के प्रदेश/ संभाग/ जिला/ ब्लॉक पदाधिकारी एवं आम अतिथि शिक्षक भाइयों। आप सभी को विदित है कि वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से प्रदेश के अतिथि शिक्षकों से ई-अटेंडेंस लगवाने के लिए एक अफसरशाही/ तानाशाही आदेश जारी किया गया है। जिसमें 18 जुलाई 2025 से ई अटेंडेंस लगाना अनिवार्य है। जो नहीं लगायेगा उसे वेतन नहीं दिया जायेगा। अतिथि शिक्षकों को जानबूझकर ई अटेंडेंस के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। परन्तु आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने देंगा। 5 दिवस के अंदर ये तानाशाही आदेश वापस नहीं लिया तो प्रदेश के अतिथि शिक्षक सड़‌को पर उतरने के लिए मजबूर होंगे जिसकी समस्त जवाबदारी शासन व प्रशासन की होंगी

https://www.youtube.com/watch?v=zt9f2S0FnG0

यह आदेश जारी किया है विभाग ने

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक केके द्विवेदी ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 18 जुलाई से अतिथि शिक्षकों को हमारे शिक्षक एप पर ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य है। जो भी अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगाएंगे तो उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।

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कलेक्टर और पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश

आदेश की प्रति जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति बनने पर तुरंत सूचित करें। साथ ही विभाग ने किसी भी तरह के सामूहिक या व्यक्तिगत विरोध प्रदर्शन पर विशेष नजर रखने को कहा है।

जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि “हमारे शिक्षक” ऐप पर ई-अटेंडेंस लागू करने का निर्णय अंतिम है और इस पर कोई बदलाव नहीं होगा। अतिथि शिक्षकों को समय रहते इसका पालन करना अनिवार्य है। जो नहीं करेंगे, उनके मानदेय भुगतान पर भी असर पड़ेगा। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अपने जिलों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की जानकारी और संबंधित शिक्षकों की सूची संचालक कार्यालय को भेजें। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भी प्रस्तुत करें।

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