दमोह में विधी-विधान से विराजीं रुक्मणी मांई, रानी दमयंती संग्रहालय से निकली भव्य शोभायात्रा
The Sootr | Sept 22, 2023, 24:00 IST
दमोह में विधी-विधान से विराजीं रुक्मणी मांई, रानी दमयंती संग्रहालय से निकली भव्य शोभायात्रा
दमोह जिले के कुंडलपुर में राधाष्टमी पर माता रुक्मणी की स्थापना होने जा रही है, कई सालों से कुंडलपुर में माता रुकमणी की स्थापना की मांग की जा रही है जिसके मद्देनजर माता की प्रतिमा की फिर से स्थापना करने का केंद्रीय राज्य मंत्री ने बीड़ा उठाया था वह पूरा हो रहा है
DAMOH. दमोह जिले के कुंडलपुर में राधाष्टमी पर माता रुक्मणी की प्रतिमा स्थापित कर दी गई हैं। इस दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा दमोह के रानी दमयंती संग्रहालय से प्रारंभ की गई थी। जिसका समापन माता रुक्मणी मठ कुंडलपुर में हुआ। यह यात्रा संग्रहालय से शुरू होकर अस्पताल चौराहा, घंटाघर, बकौली चौराहा, पुराना थाना, ज्वाला माई समेत कई रास्तों से होकर निकली। बता दें कि इस मूर्ति की स्थापना केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के प्रयासों से पूरी हो पाई है।
कब चोरी हुई थी प्रतिमा?
कई सालों से कुंडलपुर में माता रुक्मणी की स्थापना की मांग की जा रही है जिसके मद्देनजर माता की प्रतिमा की फिर से स्थापना करने का केंद्रीय राज्य मंत्री ने बीड़ा उठाया था वह पूरा किया। 4 फरवरी 2002 में रात को किसी ने मां रुक्मणी की प्रतिमा चोरी कर थी। इस मामले की शिकायत पटेरा थाने में की गई थी। उसके बाद देवी की प्रतिमा राजस्थान के हिंडोली जिला से अप्रैल 2002 में बरामद कर विदिशा के ग्यारसपुर संग्रहालय में सुरक्षित रख दी गई थी। इस दौरान काफी विवाद हुआ था। प्रतिमा 21अगस्त 2019 में दमोह वापस आ गई थी। 2014 में प्रहलाद सिंह पटेल सांसद के रूप में नियुक्त किए गए थे, उस दौरान उन्होंने मूर्ति को वापस लाने का संकल्प लिया था। उसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव के बाद वह दोबारा सांसद और मोदी मंत्रीमंडल में पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए थे। उस वक्त प्रहलाद सिंह पटेल प्रतिमा को वापस लाए थे।
कब चोरी हुई थी प्रतिमा?
कई सालों से कुंडलपुर में माता रुक्मणी की स्थापना की मांग की जा रही है जिसके मद्देनजर माता की प्रतिमा की फिर से स्थापना करने का केंद्रीय राज्य मंत्री ने बीड़ा उठाया था वह पूरा किया। 4 फरवरी 2002 में रात को किसी ने मां रुक्मणी की प्रतिमा चोरी कर थी। इस मामले की शिकायत पटेरा थाने में की गई थी। उसके बाद देवी की प्रतिमा राजस्थान के हिंडोली जिला से अप्रैल 2002 में बरामद कर विदिशा के ग्यारसपुर संग्रहालय में सुरक्षित रख दी गई थी। इस दौरान काफी विवाद हुआ था। प्रतिमा 21अगस्त 2019 में दमोह वापस आ गई थी। 2014 में प्रहलाद सिंह पटेल सांसद के रूप में नियुक्त किए गए थे, उस दौरान उन्होंने मूर्ति को वापस लाने का संकल्प लिया था। उसके बाद 2019 लोकसभा चुनाव के बाद वह दोबारा सांसद और मोदी मंत्रीमंडल में पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए थे। उस वक्त प्रहलाद सिंह पटेल प्रतिमा को वापस लाए थे।
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